अभिनय नहीं करेंगी अपराजिता

चैनल चर्चा

प्रदीप सरदाना ‘रामायण’ के पुनर्प्रसारण ने ज़्यादातर कलाकारों की जिंदगी बदल दी है। इनमें एक कलाकार अपराजिता भूषण भी हैं। अपराजिता ने ‘रामायण’ में मंदोदरी की भूमिका को जिस तरह जीवंत कर दिया, वह निश्चय ही काबिले तारीफ है। यूं मंदोदरी के बारे में ‘रामायण’ ग्रंथ में कोई खास प्रसंग नहीं हैं। फिर भी रामानन्द सागर ने अपनी कल्पना से मंदोदरी के चरित्र को काफी विकसित कर दिया। अपराजिता अपने समय के लोकप्रिय स्टार अभिनेता भारत भूषण की बेटी हैं। हाल ही में अपराजिता से बात हुई तो पता लगा कि अब वह अभिनय की दुनिया छोड़ पुणे में रहती हैं। अपराजिता बताती हैं- ‘यूं तो मैं पहले भी कभी अभिनय की दुनिया में नहीं थी। मैं डबिंग आर्टिस्ट थी और इस सिलसिले में सागर विला में कुछ कलाकारों की डबिंग के लिए गयी थी। लेकिन मुझे एक दिन उन्होंने मंदोदरी का रोल दे दिया। मैं अभिनय नहीं जानती थी फिर भी अच्छा काम हो गया यह देख खुशी होती है। इसके बाद मैंने हत्या, काला बाज़ार, विश्वात्मा, मोहरा, महाराजा, बाल ब्रह्मचारी और गुप्त जैसी कई फिल्में कीं। लेकिन बाद में सब कुछ छोड़ पुणे आ गयी। अब ‘रामायण’ के फिर शुरू होने पर दर्शकों सहित सभी का इतना प्यार और सम्मान मिला है कि फोन की घंटियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं।’ क्या आपको यदि अब फिर से अभिनय करने का प्रस्ताव मिले तो आप अभिनय की दुनिया में लौटेंगी? यह पूछने पर अपराजिता कहती हैं- ‘नहीं अब फिर से अभिनय नहीं करूंगी। इन दिनों मैं कुछ पुस्तकें लिख रही हूं और कुछ आध्यात्मिक कार्यों में जुटी हूं। ‘ अब ‘श्रीकृष्ण’ भी फिर से दूरदर्शन के लिए लॉकडाउन एक वरदान साबित हुआ है। जो दूरदर्शन बरसों से टॉप -15 चैनल में अपनी जगह नहीं बना पा रहा था वह अब सभी मनोरंजन चैनल्स को पछाड़कर शिखर पर पहुंच गया है। ज़ाहिर है दूरदर्शन की इस सफलता में उसके पुराने सीरियल ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ की अहम भूमिका है। यह देखते हुए दूरदर्शन ने ‘रामायण’ के बाद रामानन्द सागर के ‘उत्तर रामायण’ को शुरू कर दिया है। ‘उत्तर रामायण’ को भी अच्छी सफलता मिल रही है। इससे उत्साहित हो दूरदर्शन अब सागर के एक और सीरियल ‘श्रीकृष्ण’ को भी 3 मई से शुरू करने जा रहा है। ‘श्रीकृष्ण’ का पहला प्रसारण दूरदर्शन पर 1993 में हुआ था। इसमें किशोर कृष्ण की भूमिका में वही स्वप्निल जोशी हैं जो इन दिनों ‘उत्तर रामायण’ में कुश की भूमिका कर रहे हैं। जबकि वयस्क कृष्ण की भूमिका सर्वदमन बनर्जी ने की है। रेश्मा मोदी, पिंकी पारिख, दीपक देओलकर, शानवाज़ प्रधान और विजय कवीश अन्य प्रमुख कलाकारों में से हैं। एकता ने किया सभी को एक टीवी क्वीन एकता कपूर अपने बहुत से सुपर हिट सीरियल के लिए मशहूर हैं। इन दिनों लॉकडाउन के कारण सभी सीरियल की शूटिंग रुकी हुईं हैं और पुराने एपिसोड का प्रसारण हो रहा है। ऐसे में कोरोना के खिलाफ जंग में एकता ने पूरी टीवी इंडस्ट्री को एक करके एक ऐसा वीडियो तैयार कराया है जो कोरोना को लेकर घर में रहने का संदेश भी देता है और मनोरंजन भी करता है। एकता कहती है- यह वीडियो सभी निर्माताओं का प्रयास है। हमने आज के टीवी के अधिकतर शिखर कलाकारों को एक करके एक ऐसा फन वीडियो बनाया है जो लोगों को घरों में रहकर अपना कामकाज खुद करने का संदेश देता है।’ इसमें दिव्यांका त्रिपाठी, करिश्मा तन्ना, मोनी रॉय, अनीता हंसनंदानी, एरिका फर्नांडीज़, सुरभि ज्योति, रेमो डिसूजा, मनीष पॉल, रोहिताश्व गौड़, आसिफ शेख, शैलेश लोडा, करण वी ग्रोवर, सिद्दार्थ शुक्ल और शब्बीर आहलुवालिया जैसे कलाकारों ने काम किया है। इसका निर्देशन किया है गुरुदेव भल्ला ने। बड़ी बात यह है कि सभी कलाकारों ने अपने घर पर रहते हुए घर से ही शूटिंग की है। हंसा सदाबहार है इन दिनों स्टार भारत पर भी एक सीरियल का पुनर्प्रसारण फिर से कुछ कुछ वैसी ही धूम मचा रहा है, जैसी धूम करीब 16 साल पहले थी। इस सीरियल का नाम है ‘खिचड़ी’, जिसके पात्र आज भी एक अलग हास्य, एक अलग मनोरंजन देते हैं। इन पात्रों में एक पात्र हंसा का भी है जिसे पर्दे पर साकार किया है अभिनेत्री सुप्रिया पाठक ने। हंसा के रूप में एक स्टीरियो टाइप गुजराती महिला का चरित्र बुना गया है। जिसका संवाद – हेलो हाउ आर, खाना खाके जाना’ एक अलग ही मस्ती देता है। हंसा का पति प्रफुल्ल हमेशा अपनी पत्नी के मजेदार सवालों के मजेदार जवाब देने के लिए तैयार रहता है। सुप्रिया कहती हैं-“जब मुझे सबसे पहले हंसा का किरदार करने को दिया गया तो मैं इसको लेकर बहुत चिंतित थी। क्योंकि हंसा एक ऐसा पात्र है जो बोलती तो बहुत है लेकिन काम कुछ नहीं करती। लेकिन कुछ ही दिन बाद मुझे अपने इस किरदार से प्यार हो गया। साथ ही यह एहसास भी कि यह एक सदाबहार पात्र है। जिसे निभाकर मैंने हमेशा खुशी महसूस की। राजेश पुरी का इंतज़ार राजेश पुरी एक ऐसे अभिनेता हैं जो अभी तक पचासों सीरियल और सौ से ज्यादा फिल्में करके कई बार अपने शानदार अभिनय की छाप छोड़ चुके हैं। लेकिन इतना काम करने के बाद भी राजेश संतुष्ट नहीं हैं। राजेश पुरी अपने पहले ही सीरियल ‘हम लोग’ से सुर्खियों में आ गए थे। सन 1984 में दूरदर्शन पर प्रसारित ‘हम लोग’ देश का पहला नेशनल नेटवर्क सोप ओपेरा था। मनोहर श्याम जोशी द्वारा लिखित और पी कुमार वासुदेव द्वारा निर्देशित ‘हम लोग’ में राजेश ने लल्लू की भूमिका की थी। अपनी इस भूमिका से राजेश इतने लोकप्रिय हो गए कि जल्द ही उनकी झोली में कुछ और सीरियल के साथ कुछ फिल्में भी आ गईं। जिनमें एक सीरियल ‘बुनियाद’ भी था। उसी दौर में राजेश पुरी तब भी अच्छे खासे चर्चित हुए जब एक मशहूर बूट पोलिश कंपनी चैरी ब्लॉसम ने इन्हें चार्ली चैपलिन के किरदार में पेश किया। इससे प्रभावित होकर राजेश पुरी ने खुद एक सीरियल ‘मिस्टर फंटूश’ का निर्माण भी किया। जो देश का पहला मूक सीरियल था। राजेश टीवी के उन गिने चुने कलाकारों में से एक हैं जिन्हें पिछले 36 बरसों से लगातार काम मिल रहा है, चाहे छोटी भूमिका हो या बड़ी। चाहे फिल्में हो या सीरियल या फिर उनका पहला और पुराना प्यार रंगमंच। लेकिन राजेश पुरी कहते हैं- मुझे आज भी अच्छी भूमिका का इंतज़ार है।’

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