अपने आप में एक संस्था हैं डॉ. कपिला : हुड्डा

अपने आप में एक संस्था हैं डॉ. कपिला : हुड्डा

चंडीगढ़, 10 जुलाई (ट्रिन्यू)। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि डॉ. कपिला वात्स्यायन राष्ट्र के प्रति उनकी सेवाओं तथा संस्कृति, कला तथा शिक्षा के क्षेत्र में एक असाधारण व्यक्तित्व हैं। विशेष रूप से आदिवासी कला के क्षेत्र में उनके योगदान और समर्पण के बूते वे अपने आप में एक संस्था बन गई हैं। इसके लिए उन्हें पद्म विभूषण का राष्ट्रीय अलंकरण मिला है। मुख्यमंत्री नयी दिल्ली में डॉ कपिला वात्स्यायन के सम्मान में आयोजित समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि डॉ. वात्स्यायन ने संस्कृति को जीवंत रखा है, जिससे सभ्यता मजबूत हुई है। वे एक महान कर्मयोगी हैं, जो ह्रदय की पूरी भावना के साथ काम करती हैं। उन्होंने कहा कि अन्य कई संस्थाओं के अलावा देश की एक बहुत बड़ी संस्था 'इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र' स्थापित करने का श्रेय डॉ. कपिला वात्स्यायन को जाता है। विभिन्न क्षेत्रों में उनके सराहनीय योगदान को देखते हुए डॉ. कपिला को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है। हुड्डा ने कहा कि डॉ. कपिला वात्स्यायन ने अपना करियर शिक्षण व्यवसाय से शुरू किया लेकिन उनके व्यापक ज्ञान और अनुभव को देखते हुए उन्हें शिक्षा और संस्कृति मंत्रालय में ले लिया गया। जिस समय शिक्षा की सुविधाएं प्रारंभिक स्तर पर थीं, उस समय डॉ. वात्स्यायन ने शिक्षा सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ. वात्स्यायन को डॉ. एस. राधाकृष्णन, डॉ. जाकिर हुसैन, पंडित जवाहर लाल नेहरु, डॉ. केएल श्रीमाली, प्रो. वीकेआरवी राव, डॉ. सीडी देशमुख, मौलाना अबुल कलाम आजाद,  डॉ. कर्ण सिंह और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तथा राजीव गांधी जैसी महान हस्तियों के साथ काम करने का मौका मिला। हुड्डा ने कहा कि डॉ. वात्स्यायन दिल्ली विश्वविद्यालय की पूर्व छात्र हैं। मुझे उम्मीद है कि दिल्ली विश्वविद्यालय उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें डाक्टरेट की मानद उपाधि देने के बारे में विचार करेगा। हुड्डा ने डॉ. कपिला वात्स्यायन को सुखी दीर्घजीवन और निरंतर देशसेवा के लिए शुभकामनाएं दी।

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