अनोखा जन्मदिन

गोविंद भारद्वाज

सघन वन में इस साल कड़ाके की सर्दी पड़ रही थी। किंग लायन अपने परिवार के साथ शाही गुफा में बड़े मजे से रह रहा था। उसके बड़े बेटे यानी कि सघन वन के युवराज लोनी का जन्मदिन भी आने वाला था। ऐसी ठंड को देखते हुए किंग लायन ने फायर कैम्प लगाकर युवराज का जन्मदिन मनाने का फैसला किया। सघन वन के सभी प्रतिष्ठित निवासियों को जन्मदिन की पार्टी के लिए निमंत्रण भेजा गया। किंग लायन के मंत्री बिल्लू बियर ने अपने राजा को समझाते हुए कहा, ‘महाराज आप इतना बड़ा आयोजन तो कर रहे हैं लेकिन यहां के निवासियों में इतनी खुशी नहीं है।’ ‘क्यों नहीं है खुशी.. हम इतना खर्च कर रहे हैं तब भी?’ किंग लायन ने पूछा। ‘महाराज हमारे गुप्तचरों ने पता लगाया है कि सघन वन में रहने वाले प्राणियों के पास इस ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े तक नहीं हैं। और किंग जन्मदिन पर पैसा पानी की तरह बहा रहा है। ये बगावत के सुर लग रहे हैं।’ बिल्लू मंत्री ने कहा। ये बात किंग की पत्नी रानी शैली ने सुन ली। वह बोली, ‘बात तो ठीक ही महाराज। अगर युवराज की लम्बी उम्र की दुआ लेनी है तो निर्धन प्राणियों के लिए गर्म कपड़े दान में दिए जाएं।’ किंग लायन को अपनी रानी का सुझाव पसंद आया। उन्होंने तुरंत आदेश जारी कर दिया कि पार्टी में सभी प्राणियों का स्वागत है। उसने सहज व साधारण तरीके से पार्टी करने का इरादा कर लिया। युवराज लोनी ने कहा, ‘पिताजी आपने वो कह दिया जो मेरी इच्छा थी। इस ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े मैं अपने हाथों से ही दान करूंगा।’ किंग लायन का चेहरा खिल गया। जन्मदिन की पार्टी में सभी प्राणी आए। किंग लायन की पार्टी से कोई चूकना नहीं चाहता था। किंग ने शाकाहारी केक मंगवाया। उसे काटा। मोमबत्ती को बुझाने की बजाय जलाया गया ताकि युवराज की जिंदगी में सदा उजाला रहे। फिर वहां उपस्थित गरीब सघन वन के वासियों के लिए गर्म व ऊनी कपड़े भेंट किए गये। बेचारे सर्दी में ठिठुर रहे छोटे-छोटे बच्चे गर्म कपड़े पाकर बहुत खुश हुए। वहां मौजूद जनता ने युवराज को लम्बी उम्र की दुआएं दी। गरीबों की दुआ पाकर किंग लायन के परिवार की आंखों में नयी चमक आ गयी। किंग लायन के पुत्र का जन्मदिन अनोखे ढंग से मनाए जाने व गरीबों को सर्दी से बचाने की चर्चा सारे सघन वन में फैल गयी। दूसरे दिन सभी गरीब प्राणियों का एक शिष्टमंडल किंग की शाही गुफा में पहुंचा। उनकी अगुवाई कर रहे ब्राउनी सियार ने कहा, ‘महाराज हम युवराज के लिए एक मामूली सा तोहफा लाए हैं।’ किंग लायन ने उस अनोखे उपहार को खोला तो वे आश्चर्य में पड़ गये। उस पैकेट में युवराज के लिए एक फूल पत्तियों से बना बहुत ही सुंदर मुकुट था। युवराज ने देखते ही कहा, ‘वाह पिताजी बहुत सुंदर ताज है ये। आज से युवराज के रूप में सोने का मुकुट पहनने की बजाय इनकी पसंद का मुकुट पहना करूंगा।’ वे सब एक स्वर में बोल पड़े ‘किंग लायन की जय हो। युवराज की जय हो।’

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें

मुख्य समाचार

कोविड-19 का टीका बनाने में रूस ने मारी बाज़ी!

कोविड-19 का टीका बनाने में रूस ने मारी बाज़ी!

राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को की घोषणा, अपनी बे...

सुशांत आत्महत्या मामला : रिया की केस ट्रांसफर की याचिका पर फैसला सुरक्षित

सुशांत आत्महत्या मामला : रिया की केस ट्रांसफर की याचिका पर फैसला सुरक्षित

सुप्रीमकोर्ट ने सभी पक्षों से बृहस्पतिवार तक लिखित में मांगे...

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सही दिशा में बढ़ रहा है देश : मोदी

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सही दिशा में बढ़ रहा है देश : मोदी

प्रधानमंत्री ने 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की कोरोना पर...

शहर

View All