हॉलमार्क के बिना नहीं बिकेंगे सोने के गहने

नयी दिल्ली, 29 नवंबर (एजेंसी) सरकार स्वर्ण आभूषणों और कलाकृतियों के लिये हॉलमार्क (गुणवत्ता की मुहर) की व्यवस्था 15 जनवरी से अनिवार्य करने जा रही है। इस पहल का मकसद आभूषणों और कलाकृतियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। अधिसूचना अगले साल 15 जनवरी को जारी की जाएगी और एक साल बाद यह निर्णय प्रभाव में आएगा। उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने शुक्रवार को कहा कि यह फैसला लागू होने के बाद सभी जौहरियों के लिये भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा तथा वे केवल हॉलमार्क स्वर्ण आभूषण तथा कलाकृति ही बेच सकेंगे। पासवान ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हम देश में स्वर्ण आभूषणों और कलाकृतियों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य कर रहे हैं। हम अगले साल 15 जनवरी को अधिसूचना जारी करेंगे। इसे क्रियान्वयन के लिये एक साल की मोहलत दी जाएगी। यह 15 जनवरी 2021 से लागू होगा।...जौहरियों तथा खुदरा कारोबारियों को अपने बिना हालमार्क का पुराना माल बेचने के लिए एक साल की मोहलत दी जाएगी।' पासवान ने कहा कि यह निर्णय खासकर छोटे शहरों और गांवों के उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिये किया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया, ‘हम उन स्वर्ण आभूषणों को नहीं छू रह रहे हैं जो ग्राहकों के पास पड़े। स्वर्णकार आम तौर पर पुराने आभूषण को गलाकर आभूषण बनाते हैं।' जुर्माने का भी है प्रावधान नियम का उल्लंघन पर जुर्माने के बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में बीआईएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि न्यूनतम एक लाख रुपये और वस्तु के मूल्य का पांच गुना तक जुर्माने के साथ एक साल जेल का प्रावधान है। भारतीय मानक ब्यूरो ने 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट के सोने के आभूषणों के लिये मानक तैयार किया है। सरकार खुदरा व्यापारियों के लिये इन तीनों स्तर के गुणवत्ता वाले आभूषणों के दाम अपनी दुकानों में दर्शाने को अनिवार्य कर सकती है। क्या है हॉलमार्किंग सोने की हॉलमार्किंग एक गुणवत्ता प्रमाणपत्र है और फिलहाल यह स्वैच्छिक है। बीआईएस अप्रैल 2000 से स्वर्ण आभूषण के लिये हॉलमार्किंग योजना चला रही है और फिलहाल 40 प्रतिशत सोने की हॉलमार्किंग की जा रही है। फिलहाल 234 जिलों में 877 आकलन और हॉलमार्किंग केंद्र है और 26,019 जौहरियों ने बीआईएस पंजीकरण कराया है। एक साल में देश के सभी जिलों में हॉलमार्किंग केंद्र खोलने और सभी जौहरियों के पंजीकरण का लक्ष्य है। इसको लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

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