सुप्रीमकोर्ट में तीखी बहस, फैसला आज

नयी दिल्ली, 25 नवंबर (एजेंसी) महाराष्ट्र में देवेंद्र फड़नवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के फैसले के खिलाफ शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीमकोर्ट मंगलवार सुबह साढ़े 10 बजे अपना आदेश सुनाएगा। जस्टिस एनवी रमण की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय पीठ संभवत: सदन में बहुमत सिद्ध करने का आदेश देगी। शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस ने सोमवार को ही फड़नवीस को सदन में बहुमत सिद्ध करने का आदेश देने का अनुरोध किया, लेकिन फड़नवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इसका विरोध किया। राज्यपाल ने 23 नवंबर को जब फड़नवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी थी तो उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 14 दिन का समय दिया था। सोमवार को अदालत में तीखी बहस हुई। केंद्र और राज्यपाल के सचिव की ओर से साॅलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने महाराष्ट्र में चुनाव के बाद के सारे घटनाक्रम का विवरण दिया और कहा कि राज्यपाल को शीर्ष अदालत में कार्यवाही से छूट प्राप्त है। मेहता ने दावा किया कि महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए भाजपा को राकांपा के सभी 54 विधायकों का समर्थन प्राप्त था। मेहता ने पीठ से कहा कि राज्यपाल को सरकार गठित करने के लिए घूम-घूम कर यह पता लगाने की आवश्यकता नहीं है कि किस दल के पास बहुमत है। शीर्ष अदालत ने फड़नवीस को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने संबंधी राज्यपाल का पत्र देखा और कहा यह निर्णय करना होगा कि क्या मुख्यमंत्री के पास सदन में बहुमत है या नहीं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिन्दर सिंह ने पीठ से कहा कि वह असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से हैं, पार्टी के 54 विधायकों ने उन्हें सरकार गठन पर निर्णय के लिए अधिकृत किया है और परिवार में झगड़ा जल्द सुलझ जाएगा। शिवसेना की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा, ‘ऐसी कौन सी राष्ट्रीय आपदा थी कि सवेरे 5 बज कर 27 मिनट पर राष्ट्रपति शासन खत्म किया गया और फिर सुबह 8 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी गई।' सिब्बल ने कहा कि गठबंधन के पास 154 विधायकों के हलफनामे हैं और अगर भाजपा के पास बहुमत है तो उसे 24 घंटे के भीतर इसे साबित करने के लिए कहा जाना चाहिए। भाजपा और कुछ निर्दलीय विधायकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि फड़नवीस के पास अजित पवार का समर्थन का पत्र था और उन्होंने सरकार गठन करने के लिए 170 विधायकों की सूची पेश की। रोहतगी ने कहा कि शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन नाहक ही यह आरोप लगा रहा है कि किसी तरह की खरीद-फरोख्त हो रही है। रोहतगी ने कहा, ‘शुक्रवार तक, वे खरीद-फरोख्त में संलिप्त थे।'

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