विस्तारवाद नहीं, विकास का युग

लद्दाख में 11 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद अग्रिम चौकी नीमू में शुक्रवार को सैनिकों के बीच पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी। -प्रेट्र

अग्रिम चौकी नीमू पर पहुंचे मोदी, बिना नाम लिए चीन को कड़ा संदेश

नयी दिल्ली/लेह, 3 जुलाई (एजेंसी) लद्दाख क्षेत्र को 130 करोड़ भारतीयों के मान-सम्मान का प्रतीक करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय सेना ने जो पराक्रम दिखाया, उससे दुनिया को भारत की ताकत का संदेश मिल गया। साथ ही उन्होंने किसी देश का नाम लिये बिना कहा, ‘विस्तारवाद का युग समाप्त हो चुका है और यह युग विकासवाद का है। तेजी से बदलते हुए समय में विकासवाद ही प्रासंगिक है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि बीती शताब्दियों में विस्तारवाद ने ही मानवता का सबसे ज्यादा अहित किया और मानवता के विनाश का प्रयास किया। मोदी ने कहा, ‘इसी अनुभव के आधार पर पूरे विश्व ने विस्तारवाद के खिलाफ मन बना लिया है।’ पीएम मोदी ने इस दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में भारतीय सेना के जवानों को यह बात कही। इससे पहले शुक्रवार को मोदी ने अचानक लेह पहुंच कर वहां सैनिकों का मनोबल बढ़ाया। पीएम का यह दौरा गलवान घाटी में चीन से हुई हिंसक झड़प के 18 दिन बाद हुआ। भारत और चीन की सेना के बीच पूर्वी लद्दाख में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री का यह दौरा काफी महत्व रखता है। उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा, ‘कमजोर कभी शांति की पहल नहीं कर सकता और वीरता ही शांति की पूर्व शर्त होती है।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘लद्दाख का ये पूरा हिस्सा, भारत का मस्तक है। 130 करोड़ भारतीयों के मान-सम्मान का प्रतीक है। यह भूमि भारत के लिए सर्वस्व त्याग करने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले राष्ट्रभक्तों की धरती है।’ उन्होंने गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प का संकेत करते हुए कहा, ‘आपने और आपके साथियों ने जो वीरता दिखायी है, उसने पूरी दुनिया में यह संदेश दिया है कि भारत की ताकत क्या है।’ उन्होंने कहा, ‘देश को आप पर गर्व है, नाज है।’ सैनिक मां भारती की ढाल: सिंधु नदी के तट पर 11,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित नीमू में प्रधानमंत्री सैनिकों को संबोधित कर रहे थे। जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए मोदी ने कहा, ‘आपकी जीवटता भी दुनिया में किसी से कम नहीं है। इन कठिन परिस्थितियों में जिस ऊंचाई पर आप मां भारती की ढाल बनकर उसकी रक्षा करते हैं, उसका मुकाबला पूरे विश्व में कोई नहीं कर सकता है।’

घायल जवानों से भी की मुलाकात

लद्दाख में शुक्रवार को गलवान घाटी में घायल हुए सैनिकों से कुशलक्षेम पूछते पीएम मोदी। -प्रेट्र

लद्दाख दौरे पर पहुंचे मोदी ने लेह में सेना के अस्पताल में भर्ती घायल सैनिकों से भी मुलाकात की। ये गलवान में चीनी सैनिकों से हुई झड़प में घायल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मैं आपको प्रणाम करता हूं।’ आपकी बहादुरी आने वाले समय में प्रेरणा का स्रोत होगी। उन्होंने घायल सैनिकों से कहा, ‘जो जांबाज हमें छोड़ गये, वे बगैर कारण नहीं गये। साथ मिलकर, आप सब ने करारा जवाब भी दिया है।’

पढ़ीं कवि दिनकर की  दो पंक्तियां नीमू में अग्रिम सीमा चौकी पर पीएम ने 26 मिनट तक दिये भाषण में जवानों का हौसला बढ़ाया और भारत माता की जय के नारे लगाए। उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह िदनकर की दो पक्ितयां पढ़ीं ‘जिनके सिंहनाद से सहमी  धरती रही अभी तक डोल,  कलम आज उनकी जय बोल।’ सीमा के हालात को जटिल न बनाएं : चीन बीजिंग : पीएम मोदी के पूर्वी लद्दाख के औचक दौरे के बीच चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने संवाददाताओं से कहा, ‘चीन और भारत सैन्य तथा राजनयिक माध्यमों से एक-दूसरे के साथ संपर्क में हैं। किसी भी पक्ष को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जो सीमा पर हालात को जटिल बना दे।’ झाओ ने ब्रीफिंग में यह भी कहा कि चीनी कंपनियों के माल को सीमाशुल्क मंजूरी में देरी की खबरों के बीच और चीनी कंपनियों को सड़क परियोजनाओं में शामिल होने से रोकने के भारत के फैसले के बाद बीजिंग भारत में अपने कारोबारों के वैध अधिकारों के लिहाज से जरूरी कदम उठाएगा।

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