विवाद में तब्दील न हों द्विपक्षीय मतभेद

बीजिंग, 12 अगस्त (एजेंसी)

बीजिंग में अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर।

लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने पर चीन की आपत्ति के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष से सोमवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर पर भारत का फैसला देश का आंतरिक विषय है। इसका भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं और चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के लिए कोई निहितार्थ नहीं है। जयशंकर ने वांग यी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान यह भी कहा कि किसी तरह के द्विपक्षीय मतभेद विवाद नहीं बनने चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक-दूसरे की ‘मुख्य चिंताओं’ के प्रति आपसी संवेदनशीलता पर संबंधों का भविष्य निर्भर करेगा। जयशंकर ने यह टिप्पणी चीनी विदेश मंत्री के एक बयान पर की। दरअसल, वांग ने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तथा उसकी जटिलताओं पर चीन करीब से नजर रख रहा है। साथ ही, नयी दिल्ली से क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने का अनुरोध करता है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर 3 दिन की चीन यात्रा पर हैं। उन्होंने चीन के उपराष्ट्रपति वांग किशान से मुलाकात की और इसके बाद विदेश मंत्री वांग यी के साथ प्रतिनिधि स्तर की वार्ता की। वांग ने जयशंकर का स्वागत किया और इस दौरान उन्होंने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले प्रावधानों को समाप्त करने के भारत के कदम का सीधा जिक्र नहीं किया, लेकिन भारत तथा पाकिस्तान के बीच तनाव का उल्लेख किया। वांग ने कहा कि चीन और भारत 2 बड़े देश हैं, इसलिए उन पर क्षेत्रीय शांति की अहम जिम्मेदारी है। जयशंकर ने कहा कि 2 साल पहले हमारे नेता अस्ताना में एक आम सहमति पर पहुंचे थे कि ऐसे समय में जब दुनिया में पहले से अधिक अनिश्चितता है, भारत और चीन के बीच संबंध स्थिरता के परिचायक होने चाहिए।’

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