पंजाब में उग्रवाद जिंदा करने की साजिश

नयी दिल्ली, 3 नवंबर (एजेंसी) सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि पंजाब में उग्रवाद को दोबारा जिंदा करने के लिए बाहरी संबंधों के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो बहुत देर हो जाएगी। ‘भारत में आंतरिक सुरक्षा की बदलती रूपरेखा : रुझान और प्रतिक्रियाएं' विषय पर शनिवार को आयोजित एक सेमिनार में रावत ने कहा, ‘पंजाब शांतिपूर्ण रहा है, लेकिन बाहरी संबंधों के कारण राज्य में उग्रवाद को फिर से पैदा करने के प्रयास किये जा रहे है। हमें बहुत सावधान रहना होगा। हमें नहीं लगता कि पंजाब की स्थिति समाप्त हो गई है। पंजाब में जो कुछ हो रहा है, हम अपनी आंखें बंद नहीं कर सकते।' जनरल रावत ने असम के बारे में भी यही कहा कि राज्य में उग्रवाद को पुनर्जीवित करने के लिए बाहरी संबंधों के जरिये प्रयास किये जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह ने भी इस मुद्दे को रेखांकित किया और कहा कि पंजाब में उग्रवाद को पुनर्जीवित किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने ‘जनमत संग्रह 2020' के उद्देश्य से हाल में ब्रिटेन में आयोजित हुई खालिस्तान समर्थक रैली का जिक्र किया। सभी एजेंसियों को मिलकर करना होगा काम ‘सेंटर फार लैंड एंड वारफेयर स्टडीज' के सेमिनार में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, रक्षा विशेषज्ञों, पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए रावत ने कहा, ‘आतंरिक सुरक्षा देश की बड़ी समस्याओं में से एक है, लेकिन सवाल यह है कि हम समाधान क्यों नहीं ढूंढ पाए हैं, क्योंकि इसमें बाहरी संबंध हैं। उग्रवाद को सैन्य बल से नहीं निपटाया जा सकता। इसके लिए एक ऐसा दृष्टिकोण अपनाना होगा जिसमें सभी एजेंसियां, सरकार, नागरिक प्रशासन, सेना और पुलिस एकीकृत तरीके से काम करें।'

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