दिसंबर में ‘फिट इंडिया’ सप्ताह मनायें स्कूल

नयी दिल्ली, 24 नवंबर (एजेंसी) फिटनेस के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्कूलों से दिसंबर में फिट इंडिया सप्ताह मनाने और फिट इंडिया रैंकिंग में शामिल होने की अपील की है। आकाशवाणी पर प्रसारित ‘मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में फिट इंडिया आंदोलन से सभी परिचित हो गए होंगे। सीबीएसई ने फिट इंडिया सप्ताह की एक सराहनीय पहल की है। स्कूल फिट इंडिया सप्ताह दिसंबर में कभी भी मना सकते हैं। इसमें विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके शिक्षक और माता-पिता भी भाग ले सकते हैं। फिट इंडिया मतलब सिर्फ दिमागी कसरत या कम्प्यूटर व मोबाइल फोन पर फिटनेस की एप देखते रहना नहीं है, बल्कि पसीना बहाना है और खाने की आदतें बदलना है। उन्होंने कहा, ‘ज्यादा से ज्यादा ध्यान करने की आदत बनानी है। मैं देश के सभी राज्यों के स्कूल बोर्ड एवं स्कूलों के प्रबंधन से अपील करता हूं कि हर स्कूल में, दिसंबर में फिट इंडिया सप्ताह मनाया जाए। इससे फिटनेस की आदत हम सभी की दिनचर्या में शामिल होगी।' परीक्षा पर चर्चा जनवरी में : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा उनका प्रयास होगा कि इस बार ‘परीक्षा पर चर्चा' का उनका संवाद जनवरी की शुरुआत या बीच में हो जाए। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और माई जीओवी की टीम इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देशभर के विद्यार्थियों-साथियों के पास दो अवसर हैं। पहला, अपने स्कूल से ही इस कार्यक्रम का हिस्सा बनना। दूसरा, यहां दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में भाग लेना। दिल्ली के लिए देश-भर से विद्यार्थियों का चयन माई जीओवी के माध्यम से किया जाएगा।

अयोध्या फैसले पर धैर्य दिखाने के लिए साधुवाद नयी दिल्ली : अयोध्या केस में सुप्रीमकोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में धैर्य और परिपक्वता का परिचय देने के लिए देश की जनता को साधुवाद कहा। उन्होंने कहा कि देश ने इस फैसले को पूरी सहजता से स्वीकार किया और अब देश, नयी उम्मीदों और नयी आशाओं के साथ नये रास्ते पर, नये इरादे लेकर चल पड़ा है। मन की बात में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘देश में शांति, एकता और सद्भावना के मूल्य सर्वोपरि हैं। राम मंदिर पर जब फैसला आया तो पूरे देश ने उसे दिल खोलकर गले लगाया। पूरी सहजता और शांति के साथ स्वीकार किया। आज ‘मन की बात' के माध्यम से मैं देशवासियों को साधुवाद और धन्यवाद देता हूं, जिस प्रकार के धैर्य, संयम और परिपक्वता का परिचय दिया है, उसके लिए विशेष आभार प्रकट करना चाहता हूं।’ मोदी ने कहा कि एक ओर, जहां, लंबे समय के बाद कानूनी लड़ाई समाप्त हुई है, वहीं दूसरी ओर, न्यायपालिका के प्रति, देश का सम्मान और बढ़ा है। सही मायने में ये फैसला हमारी न्यायपालिका के लिए भी मील का पत्थर साबित हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद देश, न्यू इंडिया की भावना को अपनाकर शांति, एकता और सद्भावना के साथ आगे बढ़े- यही मेरी कामना है, हम सबकी कामना है।' उन्होंने कहा कि जब 9 नवंबर को सुप्रीमकोर्ट का फैसला आया तो 130 करोड़ भारतीयों ने फिर से यह साबित कर दिया कि उनके लिए देशहित से बढ़कर कुछ नहीं है।

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