दबिश से पहले थाने से आया था फोन

कानपुर, 5 जुलाई (एजेंसी) कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी माफिया सरगना विकास दुबे के एक इनामी गुर्गे को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) अनिल कुमार ने बताया कि दुबे के गुर्गे दया शंकर अग्निहोत्री को कल्याणपुर में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। उसके पैर में गोली लगी है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पकड़े गये बदमाश ने अस्पताल पहुंचे संवाददाताओं के सामने कहा कि गत 2 जुलाई की रात बिकरू गांव में वारदात से पहले विकास दुबे के पास चौबेपुर थाने से किसी का फोन आया था, जिसके बाद उसने पुलिस से सीधे टक्कर लेने के लिए साथियों को फोन करके अपने घर बुलाया था। अग्निहोत्री का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय तिवारी को मुखबिरी के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल के मुताबिक तिवारी को हिरासत में नहीं लिया गया है, बल्कि उन्हें पुलिस लाइन भेजा गया है। पुलिसकर्मियों की मौत के बाद की गई कार्यवाही में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर को ढहा दिया गया है। यह कार्यवाही किस कानून के तहत की गई, इस सवाल पर पुलिस महानिरीक्षक ने कहा, पुलिस को सूचना मिली थी कि दुबे ने घर में बने बंकर और दीवारों के अंदर हथियार, गोला-बारूद जमा कर रखे हैं।

बिजली भी कराई थी बंद वारदात के 3 दिन बाद भी विकास दुबे को पकड़ा नहीं जा सका है। करीब 5 दर्जन मुकदमों में आरोपी दुबे की तलाश में पुलिस की 25 से ज्यादा टीमें लगी हैं। उसका आखिरी लोकेशन औरैया में मिला था। पुलिस को शक है कि वह नेपाल या मध्य प्रदेश भाग गया है। पुलिस ने उस पर इनामी राशि 50 हजार से बढ़कार एक लाख रुपये कर दी है। पुलिस उस व्यक्ति से भी पूछताछ कर रही है जिसने वारदात से पहले गांव की बिजली बंद की थी। सूत्रों के मुताबिक उस व्यक्ति ने स्वीकार किया है कि उसने चौबेपुर थाने से कॉल आने के बाद बिजली बंद की थी। पुलिस ने विद्युत उपकेंद्र के एक अधिकारी और कर्मचारी को हिरासत में लिया है।

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