चीनी घुसपैठ को लेकर प्रधानमंत्री को ‘राजधर्म' का पालन करना चाहिए : कांग्रेस

नयी दिल्ली, 4 जुलाई (एजेंसी) कांग्रेस ने लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ चल रहे गतिरोध की पृष्ठभूमि में शनिवर को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में देश को वास्तविकता बतानी चाहिए और चीनी सैनिकों के कब्जे से भारतीय सरजमीं को मुक्त कराने के लिए ‘राजधर्म' का पालन करना चाहिए। पार्टी के वरिष्ठ नेता कपलि सिब्बल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को लद्दाख में जिस स्थान पर गए थे वह कोई अग्रिम मोर्चा नहीं है, बल्कि एलएसी से 230 किलोमीटर दूर है। उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री बनने से पहले अक्सर कहते थे कि हम चीन को लाल आंख दिखाएं। लेकिन अब चीन का नाम नहीं ले रहे।' कांग्रेस नेता ने लद्दाख के गतिरोध वाले क्षेत्र की उपग्रह से ली गई एक हालिया तस्वीर जारी की, जो एक ब्रिटिश अखबार ने प्रकाशित की है। सिब्बल ने इस तस्वीर का हवाला देते हुए दावा किया कि चीन की सेना ने भारतीय क्षेत्र में कई निर्माण कार्य कर लिए हैं। उन्होंने सवाल किया, ‘प्रधानमंत्री देश को बताएं कि क्या चीनी सैनिकों ने पेंगोंग सो इलाके में फिंगर चार तक कब्जा कर रखा है या नहीं? क्या यह वास्तविकता नहीं है? क्या वह इलाका हमारी मातृभूमि नहीं है?' कांग्रेस नेता ने यह भी पूछा, ‘क्या चीन ने उस स्थान पर कब्जा नहीं किया है जहां हमारे 20 जवान शहीद हुए थे? क्या चीन ने डेपसांग इलाके में वाई जंक्शन पर कब्जा नहीं कर रखा है?' उन्होंने दावा किया कि 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी गलवान घाटी गईं थीं। लेकिन मोदी जब लद्दाख गए तो सीमा से 230 किलोमीटर दूर गए। हमारे जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें सीमा के नजदीक जाना चाहिए।

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