काडर कार्यकर्ताओं की हुई अनदेखी

गुरुग्राम में शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सीएम मनोहर लाल खट्टर के साथ सुभाष बराला, कृष्णपाल गुर्जर, रतनलाल कटारिया, प्रदेश कैबिनेट के सदस्य व विधायक। -हप्र

नवीन पांचाल/ हप्र गुरुग्राम, 23 नवंबर हरियाणा भाजपा की विस्तारित कार्यसमिति की बैठक में शनिवार को चुनाव परिणामों पर मंथन हुआ। पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री से लेकर हारे हुए मंत्रियों, संगठन के नेताओं को घेरा, फिर सांसद संजय भाटिया ने सभी के मन पर उत्साह का मरहम लगाया। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि ‘सरकार पूरे पांच साल चलेगी।’ गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के आॅडिटोरियम में मुख्यमंत्री खट्टर और प्रदेश प्रभारी अनिल जैन की मौजूदगी में यह बैठक आयोजित की गई। इसमें पार्टी के सभी सांसद, प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक, चुनाव लड़े हुए प्रत्याशियों के साथ-साथ बोर्ड व निगमों के चेयरमैन भी मौजूद रहे। बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत ने कहा, ‘पार्टी के मूल कार्यकर्ता का जो सम्मान होना चाहिए था, वह सरकार के पिछले 5 साल के कार्यकाल में नहीं हुआ। ये कार्यकर्ता ही पार्टी को हराने व जिताने वाले होते हैं। न संगठन ने इनकी अहमियत समझी और न ही सरकार ने काडर कार्यकर्ताओं की बात पूछी।’ राव इंद्रजीत यही नहीं रुके। दूसरी पार्टियां छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं व कार्यकर्ताओं पर निशाना साधते हुए वह बोले, ‘चुनावों से पहले जो भानुमति का कुनबा जोड़ा, उसका प्रदेश में नकारात्मक प्रभाव गया।’ उन्होंने यह भी कहा कि यह हरियाणा है, यहां के लोगों से प्यार से तो सब कुछ करवाया जा सकता है, लेकिन जबर्दस्ती कुछ भी नहीं। चुनाव परिणाम को लेकर प्रदेशभर से फीडबैक जुटाने का कार्य करने वाली समिति के प्रभारी व सांसद संजय भाटिया ने बैठक में अपनी रिपोर्ट पेश की। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने रिपोर्ट में यह माना कि पार्टी कार्यकर्ता अपनी अनदेखी से नाराज थे और टिकट वितरण में भी कई स्थानों पर गलतियां हुईं। इसके अलावा हार-जीत का आकलन भी अधिकांश स्थानों पर सही साबित नहीं हुआ। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को पूरा मान देने के प्रयास किए गए थे और चुनावों में जरूरी नहीं कि प्रत्येक आकलन सही साबित हो। खट्टर ने जजपा नेतृत्व पर जताया विश्वास मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गठबंधन के सहयोगी दल जननायक जनता पार्टी के नेतृत्व पर विश्वास जताया। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा, ‘मेरी जितनी भी दफा दुष्यंत चौटाला से मुलाकात हुई, मुझे उनका रवैया सकारात्मक व प्रदेश के विकास का दिखा। इसलिए कार्यकर्ताओं को भयभीत होने की जरूरत नहीं है।’ सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह अपने पिछले 5 साल के कार्यकाल में करवाए गये कार्यों और इस बार विधानसभा चुनावों में बढ़े करीब साढ़े तीन फीसदी वोट से संतुष्ट हैं।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें