एलएसी विवाद : पीछे हटीं चीन और भारत की सेनाएं, डोभाल ने की चीनी विदेश मंत्री से बात!

एरिया को बनाया बफर ज़ोन, पीएलए ने गलवान नदी मोड़ से हटाये अस्थायी ढांचे और टेंट अजय बनर्जी/सुरेश एस. डुग्गर नयी दिल्ली/जम्मू, 6 जुलाई लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच जारी तनाव के बीच दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने की ख़बर है। सूत्रों ने सोमवार को कहा कि चीन ने अपने सैनिकों को गलवान नदी घाटी में कम से कम एक किलोमीटर पीछे कर लिया है। चीनी सेना के 15 जून को एलएसी पर झड़प वाली जगह से पेट्रोल पॉइंट 14 से 1.5 से 2 किलोमीटर पीछे हटने की सूचना है। भारतीय जवान भी पीछे आ गए और एरिया को बफर ज़ोन बना दिया गया है। वहीं विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने सीमा मुद्दे पर चीन के विदेश मंत्री वांग यी से रविवार को टेलीफोन पर बात की। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग ने सीमावर्ती क्षेत्रों में हालिया घटनाक्रमों पर खुलकर बात की और व्यापक तौर पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उधर, चीनी सैनिकों ने गलवान नदी के मोड़ से हटना शुरू कर दिया है और इस इलाके से अस्थायी ढांचों और टेंट को हटा दिया। सूत्रों ने बताया कि रविवार रात को शुरू हुई वापसी पर 72 घंटे या बुधवार तक नज़र रखी जायेगी जिससे विश्वास पक्का होगा कि चीनी सेना दोबारा न आ जाये। उल्लेखनीय है कि 17 जून को भी चीनी सेना ने वापसी की थी मगर फिर पीएलए (PLA) लौट आयी थी। दोनों पक्ष 72 घंटे बाद जगह का निरीक्षण करेंगे। गोगरा हॉट स्प्रिंग्स और पैंगोंग त्सो के उत्तरी किनारे पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के कुछ वाहनों को वापस जाते देखा गया है। वापसी के बाद यथास्थिति बहाल करने की दिशा में यह एक ‘बेबी स्टेप’ के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय सेना अभी भी चीनी सेना की वापसी पर नज़र रखे हुए है क्योंकि उसपर विश्वास नहीं किया जा सकता। सूत्रों के मुताबिक, चीन सेना ने शर्त रखी है कि भारतीय सेना को भी दुर्बुक-शयोक-दौलतबेग ओल्डी रोड पर गश्त को छोड़ना होगा और उसे कुछ किलोमीटर पीछे जाना होगा। फिलहाल भारतीय सेना पीछे हटने को राजी हो गई है लेकिन वह गश्त छोड़ने को इसके लिए राजी नहीं हुई है। रक्षा सूत्र कहते थे कि चीनी सेना अन्य करीब 5 इलाकों में कदम पीछे हटाने को राजी नहीं है। इनमें उत्तरी लद्दाख में देपसांग, मध्य लद्दाख में हाट स्प्रिंग्स, पेंगोंग सो और चुशूल तक तो दक्षिणी लद्दाख में दमचोक और चुमार शामिल हैं। क्या कहा चीन ने बीजिंग : चीन ने सोमवार को कहा कि अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिक भारत से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गलवान घाटी में पीछे हटने और तनाव कम करने की दिशा में ‘‘प्रगति'' के लिए ‘‘प्रभावी कदम'' उठा रहे हैं। गलवान घाटी में विवाद के बिन्दु से चीन के पीछे हटने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर झाओ ने कहा, ‘अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिक पीछे हटने और तनाव कम करने के लिए प्रभावी कदम उठा रहे हैं और इस दिशा में प्रगति हुई है।' उन्होंने कहा कि चीनी और भारतीय पक्ष ने 30 जून को कमांडर स्तर की वार्ता की और दोनों पक्ष बातचीत के पहले दो दौर में बनी सहमति को क्रियान्वित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। झाओ ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि भारतीय पक्ष चीन की तरफ हाथ बढ़ाएगा और ठोस कार्रवाई के माध्यम से सहमित बनायेगा।’

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