एनएचआरसी ने शुरू की जांच

हैदराबाद, 7 दिसंबर (एजेंसी) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सात सदस्यीय दल ने शनिवार को उस जगह का दौरा किया जहां पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किये गए आरोपी कथित मुठभेड़ में मारे गए थे। वहीं सुप्रीमकोर्ट में दो जनहित याचिका दायर कर पुलिस कार्रवाई में हुई मौतों की उसके पूर्व न्यायाधीशों की निगरानी में एसआईटी जांच कराने की मांग की है। इस बीच तेलंगाना पुलिस ने कहा कि उसने चारों आरोपियों के खिलाफ उनके साथ गए पुलिसवालों पर “हमला” करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवालों के बीच मारे गए आरोपियों में से एक की पत्नी आज नारायणपेट जिले में स्थित अपने गांव में कुछ अन्य लोगों के साथ सड़क पर बैठ गई और चक्का जाम किया। उसका आरोप था कि उसके साथ नाइंसाफी हुई है। मारे गए आरोपी चिंता केशावुलू की गर्भवती पत्नी रेणुका ने कहा, “..गलती करने पर कितने लोग जेल में हैं..उन्हें भी उसी तरह गोली मार दी जाना चाहिए जैसे इन्हें (महिला पशुचिकित्सक मामले के आरोपी) मारी गई...हम तब तक शवों को नहीं दफनाएंगे..।” एनएचआरसी का दल यहां से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित चट्टनपल्ली गांव पहुंचा जहां यह कथित मुठभेड़ हुई थी। दल में एक फोरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल हैं। यह मुठभेड़ स्थल उस जगह से थोड़ी ही दूर स्थित है जहां 27 नवंबर की रात पशु चिकित्सक से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या किये जाने के बाद उसका जला हुआ शव बरामद हुआ था। अधिकारियों ने कहा कि दल ने पोस्टमार्टम के बाद महबूबनगर के सरकारी अस्पताल में रखे गए आरोपियों के शव का भी निरीक्षण किया। आरोपियों के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी करायी गयी। पुलिस उपायुक्त (शमशाबाद जोन) एन प्रकाश रेड्डी ने संवाददाताओं को बताया, “उन्होंने अपराधस्थल का दौरा किया और जांच की प्रक्रिया चल रही है।”

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