आर्थिक तेजी के लिए सस्ता होगा लोन!

नयी दिल्ली, 1 दिसंबर (एजेंसी) विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने के लिए नीतिगत दर में लगातार छठी बार कटौती कर सकता है। इसका मतलब हुआ कि आवास एवं वाहन लोन की मासिक किस्त यानी ईएमआई कम हो सकती है। केंद्रीय बैंक 2019 में अब तक 5 बार नीतिगत दर में कटौती कर चुका है। सुस्त पड़ती वृद्धि को रफ्तार देने और वित्तीय प्रणाली में धन उपलब्धता की स्थिति बढ़ाने के लिए नीतिगत दर में कुल मिलाकर 1.35 फीसदी की कमी की गई है। इस समय रेपो दर 5.15 फीसदी है। आईएचएस मार्केट के मुख्य अर्थशास्त्री (एशिया प्रशांत) राजीव विश्वास ने कहा, 'आरबीआई ने अक्तूबर में दरों में कटौती के साथ मौद्रिक नीति को उदार बनाये रखने का फैसला किया था। इस स्थिति में आर्थिक मोर्चे पर सुस्ती बनी रहने से नीतिगत दर में कटौती की संभावना है।' डेलॉयट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि मुद्रास्फीति नीचे बनी हुई है और अर्थव्यवस्था की क्षमता को देखते हुए इसके नीचे ही बने रहने की उम्मीद है। इसलिए आरबीआई के पास नीतिगत दर में कटौती की गुंजाइश बनी हुई है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य अर्थशास्त्री निखिल गुप्ता ने कहा, ‘त्योहारी महीना होने के बावजूद प्रमुख सूचकांकों में अक्तूबर में गिरावट का रुख रहा। हमें लगता है कि आर्थिक वृद्धि दर तीसरी तिमाही में घटकर 4 प्रतिशत के करीब आ सकती है।'

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