आरबीआई ने घटाया आर्थिक वृद्धि अनुमान

मुंबई, 5 दिसंबर (एजेंसी) उद्योग एवं पूंजी बाजार की उम्मीदों को झटका देते हुए रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बृहस्पतिवार को मौद्रिक नीति समीक्षा में अपनी नीतिगत ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया। इसके उलट आर्थिक वृद्धि अनुमान को कम कर दिया गया है। चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर का अनुमान 6.1 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया। आर्थिक वृद्धि की गति सुस्त पड़ने के बावजूद केंद्रीय बैंक ने महंगाई बढ़ने की चिंता में रेपो दर में बदलाव नहीं किया। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने एक मत से रेपो दर को 5.15 प्रतिशत और रिवर्स रेपो दर को 4.90 प्रतिशत पर बनाये रखने के पक्ष में सहमति दी। रेपो दर वह दर होती है जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी त्वरित नकदी जरूरतों के लिये केंद्रीय बैंक से नकदी प्राप्त करते हैं, जबकि रिवर्स रेपो दर के तहत केंद्रीय बैंक, प्रणाली में अतिरिक्त नकदी को नियंत्रित करने के लिये बैंकों से नकदी उठाता है। अर्थशास्त्रियों और बैंकों के साथ-साथ उद्योग जगत एवं निवेशकों को उम्मीद थी कि सुस्त पड़ती आर्थिक वृद्धि को थामने के लिये रेपो दर में कटौती की जा सकती है। बिटक्वायन जैसी मुद्रा को मंजूरी नहीं : दास आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने निजी डिजिटल मुद्रा के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘दुनियाभर में सरकारें तथा केंद्रीय बैंक निजी डिजिटल मुद्रा के खिलाफ हैं।' उन्होंने कहा कि सही समय आने पर रिजर्व बैंक निश्चित रूप से इस पर गौर करेगा। करीब एक साल पहले सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी और बिटक्वायन जैसी आभासी मुद्राओं को अवैध करार दिया था। 10 हजार तक के लिए प्रीपेड कार्ड का प्रस्ताव आरबीआई ने एक प्रीपेड भुगतान कार्ड लाने का प्रस्ताव किया है जिसका इस्तेमाल 10,000 रुपये तक की खरीदारी या सेवा भुगतान के लिए किया जा सकता है। कहा गया कि प्रीपेड प्रणाली को शुरू करना और फिर से उसमें पैसे भरने का काम केवल बैंक खातों के माध्यम से ही किया जा सकेगा। इसका उपयोग बिलों के भुगतान या दुकानदारों को भु्गतान करने में किया जा सकेगा। रिजर्व बैंक ने कहा कि इस संबंध में वह दिशानिर्देश 31 दिसंबर, 2019 को जारी करेगा। अभी ऐसी व्यवस्था क्रेडिट कार्ड के जरिये है।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें

शहर

View All