अयोध्या में सादे समारोह के बीच रामलला नये आसन में विराजमान

अयोध्या (निस) : श्रीरामजन्मभूमि में टाट के तंबू में विराजमान रामलला लगभग 500 वर्षो बाद भब्य राम मंदिर के लिए बुधवार की सुबह अस्थायी घर मे स्थापित कर दिए हैं। इस पल के गवाह यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी व अफसर भी रहे। गोद में लेकर रामलला को चांदी के राजसिंहासन में विराजमान करने के बाद सीएम ने कहा, 'हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हजारों वर्षों बाद इस पावन नगरी में भगवान श्रीराम एक नए आसन पर विराजमान हुए और हम सब इस पल के साक्षी बने है। युगों-युगों बाद यह अवसर मिल पाता है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के इस नए आसन पर विराजमान होने के साथ ही मंदिर निर्माण के भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ तिथि आज से प्रारंभ हो गयी है।' योगी ने मंदिर निर्माण के लिए व्यक्तिगत खाते से 11 लाख रुपए का चेक श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय को दिया। ब्रह्म मुहूर्त में आचार्यों ने पूजा प्रारंभ की और रामलला के नए अस्थायी भवन में चलने की प्रार्थना की गई। भगवान रामलला को गोद में लेकर सीएम योगी, भरत जी को ट्रस्ट के सदस्य राजा बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, लक्ष्मण जी को डॉ अनिल मिश्र, शत्रुघ्न जी को महंत दिनेन्द्र दास और हनुमान जी को महंत कमल नयन दास व शालिग्राम भगवान को महंत सुरेश दास ने नए भवन तक पहुंचाया। बताया गया कि रामलला के अस्थायी मंदिर में विराजमान होने के साथ ही अब श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए ज्यादा दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी। अयोध्या न जाकर आदर्श स्थापित करते योगी लखनऊ : इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने कहा, ‘लॉकडाउन के मौके पर बेहतर होता अगर वह अपने आवास पर ही पूजा-अर्चना कर आदर्श स्थापित करते।' समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं नियम तोड़ रहे हैं? आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने कहा, ‘मुख्यमंत्री द्वारा पूजा-अर्चना के दौरान चाहे जितनी एहतियात बरती गई हो लेकिन फिर भी वहां लोग इकट्ठा हुए होंगे। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम होने के नाते बड़ी संख्या में अधिकारी भी इकट्ठा हुए होंगे। बेहतर होता अगर मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम को टाल देते।'

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