अयोध्या मामले पर सुप्रीम फैसला आज

अयोध्या में शुक्रवार को वाहन चालकों की जांच करते पुलिसकर्मी।-प्रेट्र

नयी दिल्ली, 8 नवंबर (एजेंसी) राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में सुप्रीमकोर्ट शनिवार को फैसला सुनाएगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की 5 सदस्यीय संविधान पीठ सुबह 10.30 बजे फैसला सुनायेगी। फैसला सुनाए जाने की जानकारी सुप्रीमकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर शुक्रवार शाम को दी गयी। संविधान पीठ ने 6 अगस्त से लगातार 40 दिन तक इस मामले में सुनवाई की थी जो 16 अक्तूबर को पूरी हुई थी। पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था की कवायद तेज कर दी गयी थी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की। सूत्रों ने बताया कि चीफ जस्टिस के कक्ष में करीब एक घंटे बैठक चली। बैठक में यूपी के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी और पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने राज्य में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये किये गये बंदोबस्त से चीफ जस्टिस को अवगत कराया। उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। शरारती तत्वों एवं माहौल खराब करने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने 24 घंटे काम करने वाले नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश भी दिए। उधर, सुरक्षाबलों ने कई जगह फ्लैगमार्च भी किया। निर्णय का सम्मान करें : धर्मगुरु इधर, हिंदू, मुस्लिम तथा ईसाई धर्मगुरुओं ने समाज के सभी वर्गों से कोर्ट के फैसले का सम्मान करने और शांति बनाए रखने की अपील की है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा, 'हमें कोई ऐसा प्रदर्शन नहीं करना चाहिए जिससे किसी के मजहबी जज्बात को ठेस पहुंचे।' ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि फैसले के बाद न तो मुसलमान ‘अल्लाह हू अकबर' के और न ही हिंदू ‘जय श्रीराम' के नारे लगाएं। लखनऊ के दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर के पुरोहित सर्वेश शुक्ला ने कहा कि कोई भी किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाए। लखनऊ के कैथोलिक डायोसियस के चांसलर फादर डोनाल्ड डिसूजा ने कहा, 'अच्छे संस्कार यही हैं कि हम अदालत के फैसले का सम्मान करें।' उधर, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने विहिप के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपतराय बंसल ने कहा कि आने वाले फैसले को हार-जीत के तौर पर न लें। उन्होंने कहा कि फैसला अनुकूल होने पर न तो हंगामा किया जाना चाहिए और न ही प्रतिकूल फैसला आने पर निराश होना चाहिए। 11 तक स्कूल-कॉलेज बंद लखनऊ/भोपाल : उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के कई इलाकों में 11 नवंबर तक स्कूल-कॉलेज एवं ट्रेनिंग सेंटरों को बंद रखने को कहा गया है। स्थानीय प्रशासन कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमर कस चुका है। सोशल मीडिया पर गलत संदेश प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। उधर, दिल्ली के सरकारी स्कूल दूसरे शनिवार को बंद रहेंगे। सरकार ने निजी स्कूलों को भी बंद रखने की सलाह दी है। इस बीच, देशभर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कई संगठन भी शांति की अपील कर रहे हैं।

... पिछले कुछ महीनों से सुप्रीमकोर्ट में निरंतर इस विषय पर सुनवाई हो रही थी.. इस दौरान समाज के सभी वर्गों की तरफ से सद्भावना का वातावरण बनाए रखने के लिए किए गए प्रयास बहुत सराहनीय हैं। जो भी फैसला आएगा, वह किसी की हार-जीत नहीं होगा। मेरी अपील है कि हम सब की यह प्राथमिकता रहे कि ये फैसला भारत की शांति, एकता और सद्भावना की महान परंपरा को और बल दे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्वीट

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