अब शरद की पावर, उद्धव होंगे सीएम

नयी दिल्ली, 26 नवंबर (एजेंसी)

मुंबई में मंगलवार को गठबंधन की ओर से सीएम पद के लिए चयनित होने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को फूल भेंट करते राकांपा प्रमुख शरद पवार (बाएं) और इससे पहले राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को इस्तीफा सौंपते देवेंद्र फड़नवीस। - प्रेट्र

महाराष्ट्र में भाजपा के साथ सियासी रस्साकशी में आखिरकार शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सीएम की कुर्सी अपनी तरफ खींच ली है। मंगलवार रात शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के गठबंधन 'महाविकास अघाड़ी' ने उद्धव को अपना नेता चुना। उद्धव ने मंगलवार रात सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके साथ गए एक नेता ने कहा, ‘शिवाजी पार्क मैदान में उद्धव 28 नवंबर को सीएम पद की शपथ लेंगे। मंत्रिमंडल के बाकी सदस्य बाद में शपथ लेंगे।' इससे पहले सत्ता के इस 'महानाटक' में मंगलवार को दिनभर तेजी से बदले घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस्तीफा दे दिया। सुबह करीब पौने 11 बजे सुप्रीमकोर्ट ने निर्देश दिया था कि महाराष्ट्र विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस बुधवार शाम 5 बजे तक बहुमत साबित करें। इसके बाद दोपहर करीब 3 बजे दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक की। इसी बीच, मुंबई में शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि अजित पवार अब शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के साथ हैं। दोपहर बाद फड़नवीस ने इस्तीफा दे दिया। इससे पहले उन्होंने कहा, ‘राकांपा के अजित पवार ने इस्तीफा दे दिया, अब हमें लग रहा है कि हमारे पास बहुमत नहीं है।’ गौर हो कि गत शनिवार सुबह 8 बजे राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने फड़नवीस और पवार को पद की शपथ दिलाई थी। इसके खिलाफ सुप्रीमकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था।

भाजपा का अहंकार चूर : राकांपा राकांपा ने कहा कि फड़नवीस सरकार के गिरने से भाजपा का ‘अहंकार' चूर हो गया है। कांग्रेस ने कहा कि फड़नवीस की अगुवाई वाली सरकार ‘दलबदल' पर आधारित थी, जो ताश के पत्तों की तरह गिर गई। जनादेश चुरा लिया : भाजपा भाजपा ने कहा कि विधानसभा चुनावों में जनता द्वारा नकारे गए लोगों ने लोकप्रिय जनादेश की चोरी करने के लिए हाथ मिलाया है। भाजपा विधायक कालीदास प्रोटेम स्पीकर : राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भाजपा विधायक कालीदास कोलाम्बकर को महाराष्ट्र विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। राज्यपाल ने विधानसभा का सत्र बुला लिया है और विधायक बुधवार को शपथ लेंगे।

सुप्रीमकोर्ट ने कहा था- खरीद-फरोख्त की आशंका सियासी उठा-पटक से पहले मंगलवार सुबह सुप्रीमकोर्ट ने कहा था कि बहुमत परीक्षण में विलंब होने से ‘खरीद फरोख्त' की आशंका है, ऐसे में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए न्यायालय का हस्तक्षेप करना अनिवार्य हो जाता है। शीर्ष अदालत ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से अस्थाई अध्यक्ष नियुक्त करने और यह सुनिश्चित करने को कहा था सभी निर्वाचित सदस्य बुधवार शाम 5 तक शपथ ग्रहण कर लें, ताकि सदन में शक्ति परीक्षण हो सके। अदालत ने निर्देश दिया था कि शक्ति परीक्षण के लिए गुप्त मतदान नहीं होगा और सदन की सारी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण होगा। अदालत ने कहा कि पक्षकारों ने न्यायिक समीक्षा और राज्यपाल की संतुष्टि की वैधता जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक सवाल उठाये हैं, लेकिन इनका निर्णय उचित समय पर किया जायेगा। शीर्ष अदालत ने संक्षिप्त कार्यवाही यह कहते हुए खत्म की कि फड़नवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन की मुख्य याचिका पर 8 सप्ताह में जवाब दाखिल किए जाएंगे। पीठ ने इसके साथ ही मामले को 12 सप्ताह बाद के लिए सूचीबद्ध कर दिया। लोकतंत्र की रक्षा (संपादकीय-पेज 8)

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