3 लाख वर्ग फुट में हाईकोर्ट परिसर का होगा विस्तार

ट्रिब्यून न्यूज सर्विस चंडीगढ़, 27 नवंबर

चंडीगढ़ स्थित यूटी गेस्ट हाउस में बुधवार को हैरिटेज कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा। -मनोज महाजन

चंडीगढ़ हैरिटेज कमेटी ने हाईकोर्ट भवन के लिए तैयार नये डिजाइन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 3 लाख वर्ग फुट के क्षेत्र में इसका विस्तार किया जायेगा। चंडीगढ़ हेरिटेज कंजर्वेशन समिति ने प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित बैठक में इसे स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में समिति को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की मूल समग्र विकास योजना पर एक प्रस्तुति दी गई, जिसकी डिजाइन भवन समिति द्वारा आयोजित एक प्रतियोगिता के माध्यम से चुनी गई थी। इसे मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से चंडीगढ़ के प्रशासक द्वारा भी अनुमोदित किया गया है। समिति ने कहा कि हाईकोर्ट परिसर में बढ़ती भीड़ के कारण स्थान की कमी हो गई है। समिति के सदस्यों का मानना है कि जब तक कि पंचकूला और मोहाली में नये हाईकोर्ट बेंचों का गठन नहीं किया जाता तब तक वर्तमान परिसर में जगह की कमी बनी रहेगी। बैठक में सलाहकार के अतिरिक्त गृहसचिव अरुण कुमार गुप्ता एमसी, सचिव संस्कृति, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के प्रतिनिधि व तकनीकी सदस्य राज रेवाल, एसडी शर्मा, रजनीश वत्स, दिलमीत सिंह भी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त प्रशासन के मुख्य अभियंता, मुख्य वास्तुकार, एसएसपी ट्रैफिक, चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर के प्रिंसिपल आदि शामिल हुए।

रॉक गार्डन के पास बनेगी भूमिगत पार्किंग समिति ने फैसला किया कि रॉक गार्डन के पास के क्षेत्र में भूमिगत पार्किंग बनाई जानी चाहिए। एसएसपी ट्रैफिक ने सुझाव दिया कि अन्य सेक्टरों में निर्धारित पार्किंग स्थान बनाये जायें। हाईकोर्ट में आने वाले लोगों के लिए शटल बसें चालू की जा सकती हैं। उनका कहना था कि कैपिटल कॉम्प्लेक्स में स्थान बेहद कम है। हैरिटेज के चलते कैपिटल कॉम्प्लेक्स में 2 मंजिल से अधिक किसी भी इमारत का निर्माण नहीं करने का निर्णय पहले ही लिया गया था। सदस्यों का मानना है कि इस तरह के परिवर्तन से शहर को मिले विरासत टैग को नुकसान हो सकता है।

एक ही एजेंसी को मिले हाईकोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी हाईकोर्ट के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाने के संबंध में भी बैठक में चर्चा हुई। इस संबंध में यह सहमति हुई कि केवल जंगल की सीमा वाले क्षेत्र पर, जहां पहले से कंक्रीट की दीवारें है, को ही मजबूत किया जाएगा। शेष क्षेत्र को कांटेदार तारों और हरे रंग की बाड़ से कवर किया जाएगा। आज की बैठक में यह भी तय किया गया कि दो एजेंसियों, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल व भारत तिब्बत सीमा बल, की बजाय केवल एक एजेंसी को ही हाईकोर्ट परिसर को सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। पंचकूला और मोहाली में हाईकोर्ट बेंचों का गठित करने की भी योजना है।

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