स्वस्थ जीवनशैली से रोगों पर लगाम संभव

चंडीगढ़ में रविवार को अच्छा पोषण या खराब स्वास्थ्य : पसंद आपकी विषय पर आयोजित सेमिनार के दौरान मंच पर मौजूद डा. एसके शर्मा, एएस चट्ठा, डा. आर कुमार और डा. अशोक शर्मा (बायें से दायें)। -दैनिक ट्रिब्यून

नगर संवाददाता चंडीगढ़/पंचकूला, 1 दिसंबर सोसायटी फॉर द प्रमोशन ऑफ एथिकल एंड अफोर्डेबल हेल्थ केयर (स्पीक) ने आज यूनिवर्सल हेल्थ लिटरेसी फॉर प्रिवेंशन ऑफ डिजीज के तहत सेमिनार का आयोजन किया। यह सेमिनार ‘अच्छा पोषण या खराब स्वास्थ्य : पसंद आपकी’ विषय पर आधारित था। स्पीक इंडिया के अध्यक्ष डा. आर कुमार ने कहा कि इस सेमिनार का फोकस स्वस्थ भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अच्छे पोषण के महत्व पर है, अंतर्निहित संदेश के साथ कि अधिकांश बीमारियों को स्वस्थ जीवनशैली और साफ वातावरण के माध्यम से रोका जा सकता है। पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव अजीत सिंह तथा डॉ एसके शर्मा पूर्व निदेशक पीजीआई ने सत्र की अध्यक्षता की। पंजाब सरकार के साथ आरसीएस के रूप में तैनात विकास गर्ग (आईएएस) ने डॉक्टरों के प्रयासों की सराहना की। पहले सत्र में चंडीगढ़ कॉर्निया सेंटर के डॉ अशोक शर्मा ने आंखों पर खराब पोषण के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए बताया कि विटामिन ए और प्रोटीन की कमी के कारण कॉर्नियल अल्सर के चांस बढ़ सकते हैं। पीजीआई के डॉ जे.एस. ठाकुर ने पोषण और कुपोषण के बारे में बात की। वहीं डॉ अतुल सचदेव ने कुपोषण के कारण चांस ऑफ डिजीज एंड डेथ को रेखांकित किया। उन्होंने चौंकाने वाले आंकड़े साझा किया जिसके मुताबिक पंजाब की 30 प्रतिशत महिलाएं और 22 प्रतिशत पुरुष मोटापे से ग्रस्त हैं। एक अध्ययन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली की 70 प्रतिशत आबादी मोटापे से ग्रस्त है, 60 प्रतिशत लोगों को कैंसर होता है। डॉ एसके शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, लेकिन हम नहीं जानते कि भारी प्रदूषण के कारण हम क्या खा रहे हैं। इसलिए इस दिशा में कड़े कदम उठाने की जरूरत है ताकि हमें सही भोजन मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों में जागरूकता लाने का प्रयास करना चाहिए।

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