सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बदले मिलने वाले लेक्चरों की सीमा तय

चंडीगढ़, 22 जून (ट्रिन्यू)। पंजाब विश्वविद्यालय अब सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने की एवज में दिये जाने वाले लेक्चरों की छूट की एक सीमा तय करने जा रहा है। इसेलेकर सीनेटर एवं लॉ के डीन जीके चतरथ की अध्यक्षता में गठित कमेटी की आज एक बैठक हुई। लॉ विभाग, इवनिंग स्टडीज सहित अन्य विभागों में परीक्षा से पहले रोल नंबर जारी करने के समय लेक्चर शार्ट होने के मामले हर साल सामने आते हैं। लेक्चर पूरे करने को लेकर तरह-तरह के हथकंडे अपनाये जाते हैं। झंकार, आदि कार्यक्रमों सहित विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम पर 20-30 लेक्चरों की छूट दे दी जाती है। कुलपति, सिंडीकेट और विभागाध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में आने वाली लेक्चर छूट के बाद भी जिन छात्रों के लेक्चर शार्ट पड़ते हैं उन्हें एनएसएस, रक्तदान शिविर, युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों और यहां तक कि विदाई समारोह जैसे कार्यक्रमों की एवज में भी लेक्चरों की छूट दी जाती रही है। इवनिंग स्टडीज विभाग तो इस मामले में सबसे आगे रहा है जहां कई छात्रों के 10 पांच ही लेक्चर थे बाकी सब लेक्चरों का जुगाड़ ऐसे ही तरीकों से करके उन्हें रोल नंबर दिये गये थे। इसी के बाद जब हल्ला मचा तो कुलपति ने इसे एक बार और अंतिम बार कहते हुए आगे से इसे एक सीमा तय करने के लिए एक कमेटी गठित कर दी। जीके चतरथ की अगुवाई वाली यह कमेटी तय करेगी कि किस मद में कितने लेक्चर की छूट दी जाये और अधिकतम सीमा क्या हो ताकि उसके बाद किसी भी छात्र को मेडिकल अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने के बदले अनाप-शनाप लेक्चर न दिये जा सकें।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें

शहर

View All