मदर्स ग्रुप की महिलाओं ने घेरा बाल विकास निदेशालय

पंचकूला/चंडीगढ़, 4 दिसंबर (नस) हरियाणा भर में आंगनबाड़ी परियोजना में खाना बनाने वाली मदर ग्रुप की सैकड़ों महिलाएं आज अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरीं। महिलाओं ने पंचकूला में बाल विकास निदेशालय का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया। हरियाणा के विभिन्न जिलों से आकर पंचकूला में लामबंद हुईं इन महिलाओं ने जनवादी महिला समिति के बैनर तले अपना रोष प्रकट किया। कई घंटे प्रदर्शन करने के बाद विभाग की डिप्टी डायरेक्टर राजबाला कटारिया ने महिलाओं के बीच आकर ज्ञापन लिया। सभी मांगें जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन देते हुए कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती कमलेश ढ़ांढा से जल्द ही मिलवाया जाएगा। इससे पहले जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव सविता, कोषाध्यक्ष राजकुमारी दहिया, आंगनवाड़ी मदर ग्रुप समिति की राज्य संयोजक नूतन प्रकाश, सहसंयोजक संतरो अहर ने रोष प्रदर्शन को संबोधित किया। महासचिव सविता ने कहा कि मदर ग्रुप्स की महिलाएं पिछले 12 सालों से आंगनबाड़ी परियोजना में 1 रुपया 60 पैसे प्रति बच्चा व गर्भवती महिला के हिसाब से खाना बना रही हैं। मदर ग्रुप्स का मेहनताना महीने में केवल 200-250 रुपये ही बन पाता है। यह मेहनताना भी मिले हुए साल-साल से ज्यादा हो जाता है। अभी भी ज्यादातर जगहों पर एक साल से मेहनताना नहीं मिला है।

हटाई गई महिलाओं को काम पर वापस लिया जाये : सविता

महासचिव सविता ने कहा कि इन मुद्दों पर विभाग की मंत्री व अधिकारियों से कई बार बातचीत हो चुकी है। मदर ग्रुप्स की महिलाओं की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। क्रेच वर्कर हेल्पर्स ने मांग की कि सभी हटाई गई महिलाओं को काम पर तुरंत वापस लिया जाए। आंगनबाड़ी मदर ग्रुप समिति की राज्य की नेता तोषी ब्याना, सुनीता, बबीता सुदेश, लक्ष्मी छिल्लर, बिमला घनघस, पायल, शर्मिला, निर्मला व रामकली जांगड़ा ने कहा कि आंगनबाड़ी में खाना बनाने वाली मदर ग्रुप की महिलाओं की राज्य सरकार द्वारा लगातार अनदेखी व उपेक्षा की जा रही है। महिलाएं जुलूस की शक्ल में यवनिका पार्क से महिला एवं बाल विकास विभाग के खिलरफ नारेबाजी करते हुए पहुंचीं।

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