बिना एग्जाम प्रमोट करने की मांग, प्रदर्शन

चंडीगढ़, 29 जून (ट्रिन्यू) पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रों को बिना परीक्षा पास करने की मांग को लेकर आज छात्र संगठन इनसो ने भी कुलपति आवास के बाहर रोष प्रदर्शन किया। इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने इस संबंध में शुक्रवार को जहां चांसलर एवं उपराष्ट्रपति, एमएचआरडी व कुलपति को चिट्ठी लिखी थी, वहीं आज इनसो ने सामाजिक दूरी के नियम का पालन करते हुए हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान इनसो कार्यकर्ताओं की पीयू के प्रशासनिक अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। वैसे पीयू अपनी तरफ से साफ कर चुका है कि पंजाब की तर्ज पर 15 जुलाई तक कोई एग्जाम नहीं होंगे और अंतिम फैसला एमएचआरडी व यूजीसी के दिशा-निर्देश के मुताबिक ही लिया जायेगा। इनसो के वर्करों को पीयू के अधिकारियों ने कोरोना महामारी के चलते प्रदर्शन करने से मना भी किया लेकिन इनसो कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे नियम का उल्लंघन नहीं कर रहे।

छात्रों के हितों को कुचलने का प्रयास : नैन प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए इनसो पीयू के चेयरमैन रजत नैन ने कहा कि पीयू प्रशासन कोरोना महामारी की आड़ में छात्रों के हितों को कुचलने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना था कि जब हरियाणा से समेत देश के कई अन्य राज्यों में सभी वर्ष के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन व पिछले परिणाम के आधार पर पास किया जा सकता है तो पंजाब विश्वविद्यालय में क्यों नहीं। रोष प्रदर्शन के बाद इनसो कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। रजत नैन ने कहा कि अगर पीयू प्रशासन ने उनकी मांग को पूरा नहीं किया तो जल्द ही थाली बजाकर प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर प्रदीप पंघाल, पंकज पंवार, विकास मलिक, गुरबचन पुंज, अमन मलिक, सरबजीत, अजय राणा, करन आदि उपस्थित रहे।

इस बार पीयू कर्मचारियों को मिलेगा देरी से वेतन चंडीगढ़ (ट्रिन्यू) : पंजाब विश्वविद्यालय के सभी टीचिंग व नान-टीचिंग कर्मचारियों को इस बार जून माह का वेतन देरी से मिल सकता है। 24 जून को एक महिला कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के बाद 28 जून तक एडम ब्लॉक व अरुणा रणजीत चंद्रा हाल को बंद करना पड़ा था जिसा कारण सैलरी बिल तैयार नहीं हो पाये। एफडीओ विक्रम नैयर की ओर से जारी एक परिपत्र के मुताबिक चूंकि दो भवनों को सील कर दिया गया था और वैसे भी कोरोना महामारी के चलते एक तिहाई स्टाफ के साथ काम करना पड़ा रहा है लिहाजा सैलरी बिलों को प्रोसेस करने व उन्हें अंतिम रूप देने में कुछ और वक्त लग सकता है। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड के अन्य एहतियातों के कारण भी जून माह की सैलरी मिलने में कुछ देरी हो सकती है हालांकि उन्होंने कहा है कि वे और उनका स्टाफ अपनी ओर से पूरा प्रयास कर रहे हैं कि जितना जल्द संभव हो उतने कम वक्त में सैलरी बिल तैयार कर लिये जायें। संभावना जतायी जा रही है कि सैलरी बिल 3 जुलाई तक ही तैयार हो पायेंगे जिसके एक-दो दिन बाद सैलरी खातों में आ सकेगी।

यूनिवर्सिटी ने रोका बीटेक  छात्रों का रिजल्ट अंबाला (निस) : जीएनआई कॉलेज मुलाना के बीटेक छात्रों ने परीक्षा परिणाम घोषित न होने को लेकर कॉलेज प्रंबधन के खिलाफ रोष जताया। छात्रों का कहना था कि यूनिवसिर्टी की ओर से कॉलेज के कुछ छात्रों का रिजल्ट रोक दिया गया। जब छात्र इस बारे में यूनिवसिर्टी प्रंबधन से मिले और रिजल्ट ब्रांच से पता चला कि कॉलेज ने फीस अदा न होने के कारण छात्रों का परीक्षा परिणाम रोका गया है। जीएनआई में बीटेक करने वाले छात्र मोहित , मुकुल देशवाल, साहिल गोयल, केशव, हिमांशु, मंयक, यश व नवीन ने बताया कि जीएनआई कॉलेज के बीटेक छात्रों के अलावा सभी कॉलेजों के बीटेक छात्रों का परिणाम आ चुका है। छात्रों ने बताया कि वे करीब एक महीने से कॉलेज प्रबंधन से परिणाम के बारे जानकारी मांग रहे लेकिन हर बार कॉलेज प्रबंधन उन्हें नई तारीख बताकर कुछ दिन के लिए टाल देता है। छात्रों के अनुसार परिणाम घोषित न होने के कारण उन्हें बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । जब इस बारे में कॉलेज के डीन सचिन चावला से बात की गई तो उनका कहना था कि यूनिवर्सिटी फीस अदा किए बिना तो परीक्षाएं तक नहीं होतीं। लॉकडाउन के कारण छात्रों का परिणाम में देरी हो रही है। उन्होंने कहा है कि जल्द ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

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