पीयू 210 एमटीएस स्टाफ की छुट्टी

जोगिंद्र सिंह/ट्रिन्यू चंडीगढ़, 1 जुलाई पंजाब विश्वविद्यालय ने ठेके पर रखे मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) के तौर पर काम कर रहे 210 से ज्यादा कर्मचारियों की छुट्टी कर दी है। पीयू के एग्जामिनेशन ब्रांच सहित कई अन्य अहम विभागों में लगे इन कर्मचारियों का अनुबंध कल 30 जून को खत्म हो गया लिहाजा आज से इनके घरों के चूल्हे ठंडे पड़ गये हैं। ये सभी कर्मचारी ठेकेदार के माध्यम से डीसी रेट यानी 15003 रुपये प्रति माह के वेतन पर रखे हुए थे जिन्हें ईपीएफ की कटौती के बाद 13090 रुपये मिलते थे। पंजाब विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. कर्मजीत सिंह ने इस बारे में कहा कि अभी तक कोविड-19 के चलते रेगुलर स्टाफ ही एक-तिहाई ही बुलाया जा रहा है, ऐसे में इन्हें कैसे बुलायें। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना, शिफ्टों में बुलाना और अन्य नियमों के चलते फिलहाल कम स्टाफ ही पीयू आ सकता है, लिहाजा ठेकेदार के जरिये लगे इन मल्टी-टास्किंग स्टाफ को आगे एक्सटेंशन नहीं दी गयी है। उन्होंने कहा कि पीयू में कोई छुट्टियां नहीं हैं बल्कि मजबूरी में स्टाफ एक-तिहाई ही बुलाये जाने की इजाजत है। वैसे भी सैलरी कहां से देंगे। प्रो. सिंह ने बताया कि रेशनेलाइजेशन के लिये एक कमेटी बनायी गयी थी जिसकी रपट ही पर ही ये फैसला लिया गया है। प्रो. कर्मजीत का कहना है कि ये कर्मचारी आउटसोर्स किये जाते हैं और किसी ठेकेदार को इसका ठेका मिलता है, जो इन्हें काम पर रखता है। रजिस्ट्रार का कहना है कि पैसा बचाना मकसद नहीं है बल्कि इस वक्त आवश्यकता है या नहीं, ये बड़ा सवाल है। फरवरी माह से वेतन न दिये जाने की बात पर उन्होंने कहा कि ठेकेदार को पैसा दिया जा चुका है और उनकी सैलरी जल्द ही उन्हें मिल जायेगी। उन्होंने कहा कि अगर आगे भी जरूरत पड़ेगी तो वे कंपनी से इसकी मांग करेंगे।

नये सिरे से काम अलाट करने के लिये निकाले जायेंगे टेंडर कुलपति के सचिव डॉ. मुनीश्वर जोशी ने कहा कि पिछले ठेकेदार का कांट्रेक्ट खत्म हो गया था। अब नये सिरे से काम अलाट करने के लिये टेंडर निकाले जायेंगे। प्रो. राजीव पुरी की अगुवाई में एक कमेटी का गठन भी कर दिया गया है जो इस सारी प्रक्रिया को देखेगी। जब भी एमटीएस की आवश्यकता होगी इन्हें एंगेज कर लिया जायेगा। आउटसोर्स कंपनी के ठेकेदार अनिल जैन ने बताया कि उनके पास नवंबर 2018 से पीयू का ठेका था लेकिन अब पीयू लगातार आनाकानी कर रही थी और कभी एक माह और कभी दो माह की एक्सटेंशन की बात कहती थी। साफ-साफ ना तो हां कह रहे हैं और ना ही सीधे तौर पर ना कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने भी पुष्टि की कि नये सिरे से टेंडर की बात सुनने में आ रही है।

यूनिवर्सिटीज के लिये गाइडलाइन जारी चंडीगढ़ (ट्रिन्यू) केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से अनलॉक -2 के संबंध में जारी की गयी गाइडलाइन के मुताबिक अब 31 जुलाई तक कालेजों/यूनिवर्सिटीज और अन्य उच्च शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे हालांकि आनलाइन/डिस्टेंस लर्निंग को जारी रखने की अनुमति होगी। सभी शिक्षण संस्थानों के फैकल्टी मेंबर्स, रिसर्चर, नॉन-टीचर्स स्टाफ को चाहे वो रेगुलर हो या अनुबंध या फिर एडहॉक पर लगा हो, सभी को आन ड्यूटी माना जायेगा। इस पीारियड के लिये ड्यूटी पर ना आने के कारण किसी भी कर्मचारी की छुट्टी नहीं काटी जायेगी। इसी के साथ गाइडलाइन में कहा गया है कि हॉस्टल में रह रहे छात्रों, फैकल्टी मेंबर्स, रिसर्चर और नान-टीचिंग स्टाफ को सुरक्षा के लिये जरूरी एहतियात बरतने को कहा गया है। जो लोग घरों से काम कर रहे हैं उन्हें 31 जुलाई तक वर्क फ्राम होम करने की इजाजत दे दी जाये। सभी छात्रों, टीचर्स व नान-टीचर्स को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य है ताकि संक्रमण के किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। सभी फैकल्टी मेंबर्स, नॉन-टीचर्स, रिसर्चर और स्टाफ को अपना संपर्क नंबर देना होगा ताकि जरूरत होने पर बुलाया जा सके।

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