पिंजौर के बाजार में जाम बना गंभीर समस्या

पिंजौर, 22 जून (निस)। चंडीगढ़-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पिंजौर कस्बे में बड़ी संख्या में वाहनों का जमघट एकसाथ पहुंचकर टै्रफिक जाम का कारण बनता है। फिर चाहे वह वाहन शिमला की ओर से आने वाले रास्ते में पिंजौर के रेलवे फाटक से रुक कर आए हों या नालागढ़-बद्दी की ओर के रेलवे फाटक पर रुक कर आए हों। इतना ही नहीं पिंजौर-नालागढ़ टी प्वाईंट पर भी वाहन चौक पार करने के लिए टै्रफिक पुलिस के संकेत का इंतजार करने के लिए भी वाहनों की सामानांतर कई कतारें लग जाती हैं जिससे टै्रफिक आवाजाही में बाधा उत्पन्न होती है। एक सर्वे के अनुसार पिंजौर से प्रतिदिन लगभग 30 हजार वाहन गुजरते हैं जिनकी संख्या यहां के तंग मार्ग के लिए बहुत अधिक है। इसलिए यदि केवल दो मिनट के लिए भी पिंजौर में टै्रफिक को रोक दिया जाए तो दोनों और वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और टै्रफिक जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। दरअसल पिंजौर की धर्मपुर कालोनी के पास बना हुआ रेलवे फाटक टे्रन के आने से लगभग 10 से 15 मिनट पूर्व बंद कर दिया जाता है। इसी प्रकार नालागढ़ रोड पर स्थित पिंजौर के मॉडल वाला रेलवे फाटक भी इतने समय के लिए बंद कर दिया जाता है इतनी देर में फाटकों के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग जाती हैं। टे्रन गुजरने के बाद जब फाटक खुलता है तो भारी संख्या में वाहन एकसाथ पहुंचकर जैसे पिंजौर बाजार में हमला कर देते हैं। रही सही कसर दोनों नेशनल हाईवे के टी प्वाईंट के चौक पर पूरी हो जाती है जहां पर विशेषकर कारों की सामानातंर तीन से चार तक कतारें लग जाती हैं और तंग टी प्वाईंट पर से निकला कठिन हो जाता है। पिंजौर-कालका और पिंजौर लोहगढ़ बाईपास बनने के बावजूद भी स्थानीय वाहनों की भरमार के कारण यहां टै्रफि क समस्या से निजात मिलती नजर नहीं आती।

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