चंडीगढ़ में 89 पेड पार्किंग की अलॉटमेंट जल्द

चंडीगढ़/पंचकूला, 10 नवंबर (नस) पेड पार्किंग को लेकर हमेशा विवादों में घिरा रहने वाला नगर निगम अब जल्द ही शहर में 89 पेड पार्किंग का अलॉटमेंट करेगा। निगम की इस महीने टेंडर अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू करने और दिसंबर से पेड पार्किंग को लागू करने की तैयारी चल रही है। लोगों पर पेड पार्किंग का बोझ पड़ना तय है। गत सितंबर में सांसद किरण खेर की मौदगी में पेड पार्किंग का एजेंडा पास किया गया था। हालांकि एजेंडे को पास करने में पूर्व मेयर और पार्षद अरुण सूद और समर्थक पार्षदों ने मास्टरमाइंड की भूमिका निभाई और एजेंडे पर मुहर लगा दी। पार्किंग का कान्ट्रेक्ट कंपनी को तीन साल के लिए दिया जाएगा। जिसे 2 और साल बढ़ाया जा सकेगा। हैरानी की बात यह है कि नेता प्रतिपक्ष देवेन्द्र सिंह बबला इस एजेंडे के विरोध में सदन में वॉकआउट करने के बाद लिखित में आपत्ति दर्ज करवाने से चूक गए थे। मेयर राजेश कालिया के मुताबिक 2 जोन में टेंडर जारी किए गए हैं। सूत्रों की माने तो निगम ने 2.37 करोड़ और 2.12 करोड़ रुपए के 2 अलग अलग टेंडर लगाए हैं। इसके लिए कंपनी 22 नवंबर तक आवेदन कर सकती है। निगम उस दिन टेंडर जारी करेगा और अधिकतम बोली लगाने वाली कंपनी को काम अलॉट कर दिया जाएगा। निगम के पेड पार्किंग के नये एजेंडे में पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने में इलेक्ट्रिकल वाहनों को पार्किंग फीस से छूट देने का भी प्रस्ताव रखा गया। ये रेट किये फिक्स : नगर निगम की तरफ से पेड पार्किंग के जो रेट फिक्स किए हैं। उनके मुताबिक दोपहिया वाहनों के लिए व्यक्ति से पहले 4 घंटों के 10 रुपए और इसके बाद तक 20 रुपए वसूल किए जाएंगे। इसी प्रकार 4 पहिया वाहनों के लिए पहले 4 घंटे के 10 रुपए और इसके बाद 20 रुपए चार्ज किए जाएंगे। निगम ने 32 वेंडरों को नोटिस भेजे चंडीगढ़/पंचकूला (नस): सेक्टर-22 में मकानों के साथ लगती जगह पर बैठे 32 वेंडरों को चंडीगढ़ नगर निगम ने नोटिस जारी किए हैं। निगम ने स्ट्रीट वेंडर एक्ट को सख्ती से लागू करने के लिए ऐसा किया है। इंफोर्समेंट विंग ने रविवार को एरिया का सर्वे किया और वेंडरों को नोटिस जारी करने शुरू कर दिए। सूत्रों के मुताबिक इस जोन में करीब 107 वेंडरों को बैठाया जाएगा। निगम पिछले दो दिन में करीब 100 वेंडरों को नोटिस जारी कर बुला चुका है। नोटिस जारी होने के बाद वेंडरों को पालन करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। वहीं, जो वेंडर ये नोटिस लेने में आनाकानी कर रहे हैं, निगम कर्मी उनकी फड़ियों पर नोटिस चिपका रहे हैं। सेक्टर-22 के हालात भी सेक्टर-19 और 15 जैसे होते जा रहे हैं। यहां पार्किंग के एरिया में फड़ी लगी होती है या फिर दुकान और पार्किंग के बीच वाली पेवमेंट की जगह पर भी वेंडरों ने डेरा डाल रखा है। इन दोनों सेक्टरों में वेंडरों का जीवन रिस्क पर है। क्योंकि इन्हें ट्रांसफार्मर के ठीक नीचे अपनी फड़ी लगाए देखा जा सकता है। इससे इनके साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

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