खेल कोटे के अधिकारी सौतेले व्यवहार से निराश

फतेहगढ़ साहिब, 22 जून (निस)। खेल कोटे से भर्ती पुलिस अधिकारी पंजाब सरकार के सौतेले रवैये से खफा है। डीजीपी और उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल से कई बार गुहार लगा चुके इन खिलाड़ी अधिकारियों  की कोई सुनवाई न होने से अब इन्हे कांग्रेस सरकार के आने का इंतजार है। वर्णनीय है कि राष्ट्रीय एंव अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धाक जमाने वाले इन खिलाड़ी पुलिस अधिकारियों ने अपने स्वर्णिम दौर में राज्य का ही नहीं बल्कि देश का गौरव भी बढ़ाया। नाम न छापने की शर्त पर एक सब इंस्पेक्टर रैक के अधिकारी ने कहा कि हमें तरक्की का लालच देकर दूसरे विभागों से पुलिस विभाग में लाया गया था,लेकिन जब तरक्की की बारी आई तो सरकार ने मुंह मोड़ लिया। एक अधिकारी ने कहा कि जिनको यह कह कर रखा जाता था कि तुम पंजाब पुलिस विभाग में आ जाओ,तुम्हें हम इंस्पेक्टर व डीएसपी बना देगें। अब उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अधिकारी ने कहा कि जब तक हम खेले और विभाग में खेल प्रिय अधिकारी रहे तब तक पंजाब पुलिस के खिलाड़ी पुलिस अफसरों का सम्मान होता रहा है। लेकिन अब जबकि खिलाड़ी पुलिस अधिकारी अपनी ड्यूटी भी ईमानदारी और लगन से कर रहे है तो उन्हें कहा जा रहा है कि आप इस पद के हकदार नहीं हो और उनका प्रमोशन भी रोक दिया गया है। जबकि कांग्रेस सरकार ने केबिनेट की मंजूरी के बाद वर्ष 2003 में पी.ए.पी के 295 खिलाड़ी पुलिस अधिकारियों की हौसला अफजाई करते हुए उन्ही रेंको पर रैगुलर कर दिया था।अधिकारी ने सरकार से शिकवा करते हुए कहा कि  डीजीपी की ओर से प्रमोशन आर्डर किए जाने के बावजूद  तरक्की नहीं दी जा रही है। पूछने पर केवल यही बताया जाता है कि आप जैसे 207 खिलाड़ी अधिकारियों का केस बनाकर ग्रह विभाग को भेजा हुआ है। इस बात को भी कम से कम एक वर्ष हो चुका है। मायूस अधिकारी ने उम्मीद जताई कि शायद सरकार बदलने के बाद ही हमारी तरक्की की मंजूरी आएगी।

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