खेर ने संसद में उठाया अनुकंपा के आधार पर नौकरियों का मामला

चंडीगढ़, 27 नवंबर (ट्रिन्यू) चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर ने चंडीगढ़ में अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियों के मुद्दे को बुधवार को लोकसभा में उठाया। खेर ने लोकसभा में शून्य काल में कहा कि अनुकंपा आधार पर होने वाली नियुक्ति का उद्देश्य परिवार के आश्रित सदस्य को नियुक्ति देना है जिसका सरकारी सेवा में रहते हुए या तो निधन हो गया या 55 वर्ष की आयु प्राप्त करने से पहले वह स्वास्थ्य कारणों से रिटायर हो गया हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अनुकंपा के आधार पर जो नियुक्ति की जाती है इसके लिए चंडीगढ़ में 5 प्रतिशत की अधिकतम सीमा तय की गई है और इस सीमा की वजह से अधिकांश आवेदकों को अनुकंपा नियुक्तियों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन ने पंजाब स्टेट सिविल सर्विसेज नियमों को अपनाया है चंडीगढ़ के कर्मचारी अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति को छोड़कर पंजाब के कर्मचारियों के समान वेतन, भत्ते, सेवानिवृत्ति की आयु और पेंशन लाभ आदि की तरह अन्य लाभों के हकदार हैं। अगर बाकी सब मामलों में पंजाब के नियम चंडीगढ़ में लागू हैं तो अनुकंपा आधार पर नियुक्तियों के नियम भी पंजाब सरकार के ही लागू होने चाहिए। उन्होंने गृह मंत्रालय से आग्रह किया कि चंडीगढ़ में भी पंजाब की तर्ज पर 5 प्रतिशत की अधिकतम सीमा को खत्म किया जाए। इस तरह से मृतक के परिवार वालों को राहत दी जा सकती है।

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