एफएआर बढ़ाने पर 20 गुना अधिक चुकानी होगी फीस

रामकृष्ण उपाध्याय/ट्रिन्यू चंडीगढ़, 29 नवंबर फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) बढ़ाने पर अब उद्यमियों और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी के मालिकों को पहले की तुलना में 20 गुना अधिक फीस चुकानी होगी। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि यूटी प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों की तर्ज पर अब एफएआर की फीस को वर्तमान क्लेक्टर रेट से जोड़ने का फैसला लिया है। सूत्रों के अनुसार, एस्टेट ऑफिस को लिखे पत्र में यूटी प्रशासन के वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त एफएआर पर फीस का वही फार्मूला सभी कॉमर्शियल, औद्योगिक, सामाजिक, धार्मिक और शिक्षण संस्थानों पर लागू किया जाएगा जो गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज के केस में लागू किया गया था। पत्र के अनुसार, एफएआर 4 साल की अलग-अलग किश्तों में 12 प्रतिशत की ब्याज दर से वसूला जाएगा। वहीं दूसरी और एफएआर की नयी दरों से लोगों में दहशत फैल गई है, उनका कहना है कि इससे उद्योग और व्यापार बर्बाद हो जाएगा। नई दरों के अनुसार, अब उद्यमियों को 2 कनाल के प्लॉट पर 0.75 से 1 तक एफएआर बढ़ाने पर 80 लाख रुपये खर्च करने होंगे, जबकि पहले यह मात्र 4.50 लाख रुपये था। गौर हो कि एफएआर कुल जमीन पर बनाई गई बिल्डिंग के फर्श को कहते हैं। ‘काम करना और भी मुश्किल हो जाएगा’ इस बारे में पता करने पर कुछ उद्यमियों ने अपनी राय रखी हैं। उद्योगपति मुकश बस्सी ने कहा कि चंडीगढ़ से पहले ही कई इंडस्ट्री जा चुकी हैं। अब एफएआर की दरें बढ़ाने से शहर में उद्योगपतियों के लिए काम करना और भी मुश्किल हो जाएगा। इस बारे में चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरंजीव सिंह ने कहा कि इस मामले में चंडीगढ़ व्यापार मंडल जल्द ही एडवाइजर और अन्य अधिकारियों से मिलेगा। व्यापारी पहले ही स्पेस की कमी महसूस कर रहे हैं। वहीं इस बारे में निजी स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष एचएस मामिक ने कहा कि नये रेट से स्कूलों के विस्तार पर पूर्ण विराम लग जाएगा। वे अब अपनी स्कूल की सीटें बढ़ा नहीं पाएंगे। पिछले 10 साल में इस तरह की फीस नहीं बढ़ाई गई। अब अचानक नयी दरों को लागू करना कानूनन गलत है।

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