हॉकी के मैदान पर पंजाब का नया अध्याय : एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के लिए कसी कमर
अक्तूबर में एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा पंजाब; मोहाली और जालंधर के स्टेडियमों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं जुटाने के निर्देश
पंजाब में हॉकी की गौरवशाली विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई चमक देने की तैयारी तेज हो गई है। अक्तूबर 2026 में पंजाब एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करने जा रहा है। इस बड़े आयोजन को लेकर पंजाब सरकार ने तैयारियों में कोई ढिलाई न बरतने का स्पष्ट संदेश दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन से जुड़े बुनियादी ढांचे और जरूरी व्यवस्थाओं का काम निर्धारित समयसीमा से पहले पूरा हो। उनका जोर सिर्फ आयोजन कराने पर नहीं, बल्कि पंजाब में आने वाले खिलाड़ियों, अधिकारियों, दर्शकों और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने राज्य की आधुनिक खेल सुविधाओं और मेजबान क्षमता की मजबूत तस्वीर पेश करने पर है।
विरासत से विश्वस्तरीय आयोजन तक
पंजाब ने भारतीय हॉकी को अनेक सितारे दिए हैं। जालंधर की खेल परंपरा से लेकर मोहाली के आधुनिक खेल ढांचे तक, राज्य की मिट्टी में हॉकी की कहानी लंबे समय से लिखी जाती रही है। मुख्यमंत्री मान लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि पंजाब की खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं को भी बेहतर बनाना जरूरी है।
मोहाली और जालंधर में बदलेगा खेल का माहौल
टूर्नामेंट के लिए दोनों प्रमुख आयोजन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। मोहाली स्थित ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में व्यापक सुधार का काम चल रहा है। यहां सिंथेटिक टर्फ, खिलाड़ियों के डगआउट, गोलपोस्ट, चेंजिंग रूम, दर्शक सुविधाओं, अग्निशमन व्यवस्था और अन्य हिस्सों को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। स्टेडियम की क्षमता करीब 15 हजार दर्शकों की है और इसे पहली बार इस स्तर के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए तैयार किया जा रहा है।
जालंधर का ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम भी बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। यहां खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं के साथ मीडिया सेंटर, प्रसारण एवं प्रोडक्शन सुविधाएं, नए लाउंज, मेडिकल सुविधाएं, तकनीकी डगआउट और हाई-मास्ट फ्लडलाइट जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
सरकार ने आयोजन से जुड़े कामों की निगरानी के लिए विशेषज्ञों, खिलाड़ियों और संबंधित पक्षों को साथ लेकर प्रबंधन तंत्र मजबूत करने पर जोर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर भी नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था पर बल दिया गया है, ताकि निर्माण और व्यवस्थाओं से जुड़े किसी काम में अंतिम समय पर अड़चन न आए।
पंजाब की नई स्पोर्ट्स पहचान
पंजाब सरकार की हालिया खेल नीति और बढ़ते खेल बजट के बीच एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी को राज्य की व्यापक खेल रणनीति से भी जोड़कर देखा जा सकता है। सरकार ने खेल ढांचे के विस्तार, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और राज्य की खेल संस्कृति को फिर से मजबूत करने पर जोर दिया है। पंजाब की खेल पहचान को लेकर मुख्यमंत्री मान का रुख लगातार सक्रिय रहा है। बड़े टूर्नामेंटों की मेजबानी, खेल सुविधाओं में निवेश और युवाओं को खेलों से जोड़ने की कोशिशों को सरकार राज्य की नई खेल दिशा के रूप में पेश कर रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का कहना है कि पंजाब सरकार इस विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को सुरक्षा और हर संभव सुविधा प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। पहली बार पंजाब को इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी का अवसर मिला है, जो खेल के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। इस आयोजन को पंजाब के लिए ऐतिहासिक पल बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गर्व की बात है कि इस चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए हमारा राज्य चुना गया और अब राज्य में हॉकी और खेल संस्कृति को भरपूर बढ़ावा मिलेगा।

