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पापा के सुपर स्टार

पापा के सुपर स्टार

विवेक ओबेराॅय ने यह कह कर मना कर दिया कि उन्हें बाकी स्टार संस की तरह लाॅन्च होकर नेपोटिज्म को बढ़ावा नहीं देना। विवेक ओबेराॅय ने एक आम एक्टर की तरह संघर्ष करके अपनी पहली फिल्म 'कम्पनी' हासिल की।

निर्मला मिश्रा

विवेक ओबेराॅय भले ही सुपर स्टार नहीं बन सके लेकिन उनके पापा सुरेश ओबेरॉय की नजर में वह सुपर स्टार ही हैं। किसी जमाने में सुरेश ओबेराॅय सुपर स्टार बनने की ख्वाहिश रखते थे। लेकिन सबके सपने पूरे होते कहां हैं। सुरेश ओबेराॅय बेटे को सुपर स्टार बनते देखना चाहते थे,लेकिन यहां भी उनकी ख्वाहिश अधूरी रह गयी। हालांकि सुरेश ओबेराॅय अपने बेटे को सुपर स्टार ही मानते हैं और घर में सोते-जागते विवेक को सुपर स्टार ही बुलाते हैं।

विवेक ओबेराॅय की घर में जैसे ही एंट्री होती है तो सुरेश ओबेराॅय खुश होकर कहते हैं सुपरस्टार आ गया। उसके लिए पानी लाओ,सुपर स्टार के लिए नाश्ता लगाओ, डिनर लगाओ। मतलब घर में सुबह से लेकर रात तक विवेक ओबेराॅय की जो भी एक्टिविटी होती है उस पर पापा सुरेश ओबेराॅय की नजर होती ही है । असल जिंदगी में विवेक ओबेराॅय भले ही सुपरस्टार न बन पाए हों अपने पापा के तो सुपरस्टार हैं ही।

'साथिया' की सफलता के बाद यशराज फिल्म्स विवेक ओबेराॅय और रानी मुखर्जी की जोड़ी को अपनी अगली फिल्म 'हम तुम' में लेना चाह रहे थे। राम गोपाल वर्मा की 'कम्पनी' के बाद विवेक ओबेरॉय की इस फिल्म से रोमांटिक हीरो की छवि बन गयी। इस फिल्म के लिए उन्होंने डेढ़ करोड़ की डिमांड कर दी जिसकी वजह से 'हम तुम' से विवेक ओबेराॅय को हटाकर सैफ अली खान को ले लिया गया। इससे पहले सैफ अली खान की कई फिल्मे फ्लॉप रहीं। 'हम तुम' की सफलता ने सैफ अली खान की डूबती नैया पार लगा दी। यहीं से यशराज कैम्प में उनकी एंट्री हो गयी और यशराज की कई फिल्मों में नजर आये।

करण जौहर की फिल्म 'काल' के लिए विवेक ओबेराॅय को पहले अजय देवगन वाले किरदार के लिए फाइनल किया गया था लेकिन यहां भी विवेक ने डेढ़ करोड़ की डिमांड की। जिसकी वजह से उनकी जगह अजय देवगन को ले लिया। बाद में दूसरे किरदार के लिए काल में उनकी एंट्री हुई और उसके लिए उन्हें मात्र चालीस लाख मिले। काल मल्टीस्टारर फिल्म थी,अजय देवगन, विवेक ओबेराॅय, जॉन अब्राहम, ईशा देओल और लारा दत्ता जैसे सितारों के बावजूद फिल्म शाहरुख़ खान और मलाइका अरोड़ा का एक गीत 'काल धमाल' शामिल किया गया, बावजूद इसके फिल्म नहीं चली।

सुरेश ओबेराॅय अपने बेटे विवेक को बाकी स्टार संस की तरह फिल्म में लाॅन्च करने की योजना बना रहे थे। उन्होंने निर्देशक जोड़ी अब्बास-मस्तान के साथ मिलकर स्क्रिप्ट भी फाइनल कर ली थी। लेकिन विवेक ओबेराॅय ने यह कह कर मना कर दिया कि उन्हें बाकी स्टार संस की तरह लाॅन्च होकर नेपोटिज्म को बढ़ावा नहीं देना। विवेक ओबेराॅय ने एक आम एक्टर की तरह संघर्ष करके अपनी पहली फिल्म 'कम्पनी' हासिल की। 

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