फेस्टिव शॉपिंग

न करें नादानी, बरतें अतिरिक्त सावधानी

न करें नादानी, बरतें अतिरिक्त सावधानी

रितु ढिल्लों

फेस्टिवल सीजन का उत्साह तो बनता ही है। ज्यादा खरीदारी भले न करें, लेकिन कुछ चीजें तो खरीदनी ही पड़ेंगी। इधर, राहत की बात है कि कोरोना से ठीक होने वालों की तादाद बढ़ रही है। ऐसे में फेस्टिवल सीजन में थोड़ी रौनक आने की उम्मीद जगी है, लेकिन ध्यान रहे, सावधानी में जरा भी लापरवाही हमें बड़ी मुश्किल में डाल सकती है, इसलिए शॉपिंग के लिए जाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। घर से मास्क लगाकर ही निकलें। साथ में सेनेटाइजर की एक छोटी शीशी ले जाना कतई न भूलें। मास्क न हटाएं। यदि सांस लेने में तकलीफ हो तो एकांत में जाएं। पहले हाथ सेनेटाइज करें और केवल डोरी पकड़कर मास्क उतारें। ध्यान रहे आसपास कोई न हो। कुछ देर गहरी सांस लें और मास्क को फिर लगा लें। ध्यान रहे मास्क को कभी भी खींचकर नाक और मुंह से नीचे न करें। ऐसा करने से मास्क की जो सतह आपके मुंह और नाक के सामने रहने वाली है, वह गर्दन के संपर्क में आ जाएगी। गर्दन खुली होने के चलते संक्रमित हो सकती है, और यह संकमण मास्क की अंदर वाली सतह पर लगकर आपके नाक और मुंह तक जा सकता है। इसलिए मास्क हटाएं तो पूरी तरह उतारें।

दुकानों पर चीजों को न छुएं

फेस्टिवल सीजन के लिए खरीदारी करने केवल उसी दुकान पर जाएं जहां सब लोगों ने मास्क लगाए हुए हों। अनावश्यक रूप से सामानों को छूने से बचें। यदि कोई सामान छुएं तो तुरंत हाथों को सेेनेटाइज कर लें। प्रयास करें कि शॉपिंग करने के लिए पेटीएम जैसे किसी एप से भुगतान करें। क्रेडिट या डेबिट कार्ड से पेमेंट करने के बाद हाथों पर सेनेटाइजर का इस्तेमाल करना न भूलें। यदि नगद भुगतान करना हो तो वापस मिले खुले पैसे एक अलग थैली में डलवा लें और घर लाने के बाद उन्हें कुछ देर धूप में रखें। नोटों पर इस्त्री का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इसके अलावा सिक्कों को सर्फ के पानी में डाल देना बेहतर रहता है।

चटोरेपन पर रखिए काबू

फेस्टिवल सीजन में लोगों को बाहर का सामान खाने का शौक होता है। इस बार अपने इस शौक पर थोड़ा काबू ही रखें तो बेहतर है। बदलते मौसम (संधि काल) में कोरोना के अलावा अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। थोड़ा भी ठंडा और खट्टा खाने से गले का संक्रमण हो जाता है जो कई बार सर्दी जुकाम से लेकर वायरल फीवर तक का कारण बन जाता है। किसी भी तरह का फ्लू खतरनाक ही है। क्योंकि न तो कोरोना संक्रमण के डर से डॉक्टर अपनी क्लीनिक में ठीक से बैठ पा रहे हैं और न ही उस हिसाब से मरीजों को देख पा रहे हैं। इतना ही नहीं बुखार का नाम सुनते ही पड़ोसी और रिश्तेदार भी परेशान होते हैं।

... तो डॉक्टर के पास जाएं

सर्दी, जुकाम या बुखार होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। केमिस्ट से खुद दवा न लें। सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत डाक्टर को बताएं और ऐसा होने पर शरीर में आक्सीजन की जांच कराएं। ऑक्सीमीटर से शरीर में ऑक्सीजन की जांच खुद भी की जा सकती है। ऑक्सीमीटर को इंडेक्स फिंगर पर लगाया जाता है। करीब 30 सेकंड में जब ऑक्सीमीटर पर प्रदर्शित हो रहे डिजिट रुक जाए तो वही आपके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर होता है। साधारणतया यह 95 या उससे ऊपर होना चाहिए। इसके 90 से नीचे आने पर तत्काल डाक्टर सें संपर्क करना चाहिए। सावधान रहें, स्वस्थ रहें और अपने घर में ही रहकर फेस्टिवल सीजन का आनंद लें। क्योंकि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। लेकिन इतना भी तय है कि किसी कोरोना पॉजीटिव के संपर्क में आने पर कोरोना संक्रमण होता है, इसलिए डरें नहीं, केवल एहतियात बरतें।

(सर गंगाराम अस्पताल-नयी दिल्ली की डाॅ. ममता सिंह से बातचीत पर आधारित)

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