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सीएम दरबार में पहुंचा सेरधा कॉलेज का मामला, स्टाफ नियुक्ति की मांग

सर छोटू राम विचार मंच के जिलाध्यक्ष ने चंडीगढ़ में सीएम से की मुलाकात

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कैथल से सुरेंद्र ढुल हायर एजुकेशन के डायरेक्टर को मिलते हुए । -हप्र
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सर छोटू राम विचार मंच के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र ढुल ने बुधवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात कर क्षेत्र की लंबित विकास परियोजनाओं और सेरधा स्थित राजकीय कन्या कॉलेज की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। मुख्यमंत्री ने इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को तुरंत उचित कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद सुरेंद्र ढुल और शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने उच्चतर शिक्षा निदेशालय के महानिदेशक और चीफ इंजीनियरों से वार्ता की। ढुल ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा सेरधा के राजकीय कन्या महाविद्यालय को वर्ष 2024 में सरकारी कॉलेज का दर्जा दिया गया था, लेकिन अभी तक वहां नियमित स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो पाई है। उन्होंने मांग की कि नियमित भर्ती होने तक अस्थायी तौर पर स्टाफ की नियुक्ति की जाए। पहले से कार्यरत स्टाफ का उनकी योग्यता के अनुसार सरकारी पदों पर समायोजन किया जाए।

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सुरेंद्र ढुल ने पब्लिक हेल्थ विभाग के चीफ इंजीनियर डॉ. देवेंद्र दहिया से भी भेंट की। उन्होंने राजौंद नगर परिषद की एसटीपी, सीवरेज लाइन और अन्य पेयजल प्रोजेक्ट्स की याद दिलाई, जो सीएम घोषणाओं का हिस्सा होने के बावजूद अभी तक धरातल पर अधूरे हैं। बैठक में तितरम स्थित दीनबंधु सर छोटू राम सामुदायिक केंद्र का मुद्दा भी गूंजा। ढुल ने बताया कि वर्ष 2019 में इस परियोजना के लिए 1.41 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन आज तक इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। यह जिले के सबसे बड़े ग्रामीण विकास प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों को लाभ मिलना है। उच्चाधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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