सीएम का पुतला फूंका, मंडियों में फसल बिक्री के नए नियमों पर जताया रोष
शहीदी दिवस पर जिला स्तरीय कन्वेंशन, केंद्र की नीतियों के खिलाफ किसानों ने भरी हुंकार
शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में रतिया की कंबोज धर्मशाला में भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) द्वारा जिला स्तरीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को 'साम्राज्यवाद विरोधी दिवस' के रूप में मनाया गया, जिसमें रतिया और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसानों, मजदूरों और विभिन्न जन संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मंच संचालन राज्य महासचिव अजय सिधानी ने किया।
कन्वेंशन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता जनक सिंह भूटाल (उप प्रधान, पंजाब) और कंवरजीत सिंह चीका (हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष) ने कहा कि शहीदों की कुर्बानियां आज भी हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देती हैं। वक्ताओं ने भारत-अमेरिका डील और वर्तमान आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि ये नीतियां आम जनता, किसानों और मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने आह्वान किया कि शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना समय की मांग है। कन्वेंशन के समापन के बाद किसान और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और हरियाणा सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकाला। किसानों का मुख्य विरोध मंडियों में फसल बिक्री को लेकर लागू किए गए नए नियमों के प्रति था।
प्रदर्शनकारियों ने भगत सिंह चौक पर पहुंचकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी का पुतला फूंका और जोरदार नारेबाजी की। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी किसान विरोधी नीतियां वापस नहीं लीं, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। इस अवसर पर जिला प्रधान निर्भय रतिया, रघुवीर सिंह (जिला अध्यक्ष, सिरसा), कर्मा सिंह (रतिया शहरी इकाई), सरदूल सिंह, माशा सिंह, तरसेम सिंह, उत्तम तलवाड़ी (जाखल ब्लॉक सचिव), धर्मवीर सिंह, बंटी कासिमपुर सहित अनेक किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

