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Iran-Israel war: ट्रंप की धमकी, ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोले, अन्यथा ऊर्जा संयंत्र नेस्तनाबूद कर देंगे

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डोनाल्ड ट्रंप। फाइल फोटो रॉयटर्स
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को चेतावनी दी कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोलता है तो अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों को ''नेस्तनाबूद'' कर देगा। ट्रंप ने यह चेतावनी फ्लोरिडा में सप्ताहांत बिताने के दौरान सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए दी।

उन्होंने कहा कि ईरान को इस अहम जलमार्ग को खोलने के लिए ठीक 48 घंटे का समय दिया जा रहा है, अन्यथा उसे नए हमलों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ''विभिन्न ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट कर देगा और इसकी शुरुआत सबसे बड़े संयंत्र से होगी।'' तेल की कीमतों में तेजी के बीच ट्रंप पर इस जलडमरूमध्य को सुरक्षित कराने का दबाव बढ़ता जा रहा है। (एजेंसी के इनपुट के साथ)

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ईरान ने इस्राइली परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास मिसाइलें दागीं, ट्रंप ने दी चेतावनी

March 22, 2026 11:02 am

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ईरान ने शनिवार देर रात दक्षिणी इस्राइल के दो इलाकों पर मिसाइल हमले किए, जिससे इमारतें क्षतिग्रस्त हो गयीं और कई लोग घायल हो गए। ये हमले इस्राइल के मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास हुए। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोलता है तो अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों को ''नेस्तनाबूद'' कर देगा। इन घटनाक्रमों से संकेत मिलता है कि युद्ध अपने चौथे सप्ताह की शुरुआत में एक खतरनाक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। तेल की बढ़ती कीमतों के बीच देश में दबाव का सामना कर रहे ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित अपने घर से सोशल मीडिया पर यह चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ईरान को 48 घंटे में इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को खोलना होगा, अन्यथा अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाएगा। रविवार तड़के ईरान ने चेतावनी दी कि उसके ऊर्जा ठिकानों पर किसी भी हमले के जवाब में वह क्षेत्र में अमेरिका और इस्राइल के ऊर्जा व बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा। ईरान के सरकारी मीडिया ने एक सैन्य प्रवक्ता के हवाले से यह जानकारी दी। इस्राइल पर ये हमले ऐसे समय हुए जब उसी दिन पहले तेहरान के प्रमुख परमाणु संवर्धन केंद्र नतांज पर हमला हुआ था। इस्राइली सेना ने कहा कि वह दक्षिणी शहरों डिमोना और अराद पर गिरी मिसाइलों को रोक नहीं सकी। यह पहली बार था जब परमाणु केंद्र के आसपास के क्षेत्र में ईरानी मिसाइलें इस्राइल की वायु रक्षा प्रणाली को भेदने में सफल रहीं। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''यदि इस्राइल डिमोना जैसे अत्यधिक सुरक्षित क्षेत्र में भी मिसाइलों को रोक नहीं पा रहा है, तो यह युद्ध के नए चरण में प्रवेश का संकेत है।'' इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि घटनास्थल पर और आपातकालीन दल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ''यह बेहद कठिन शाम है।'' बचावकर्मियों के अनुसार, अराद में सीधे हमले से कम से कम 10 अपार्टमेंट इमारतों को भारी नुकसान हुआ, जिनमें से तीन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होकर गिरने के खतरे में हैं। कम से कम 64 लोगों को अस्पताल ले जाया गया। डिमोना, परमाणु अनुसंधान केंद्र से लगभग 20 किलोमीटर पश्चिम में है, जबकि अराद उससे करीब 35 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। माना जाता है कि इस्राइल पश्चिम एशिया का एकमात्र देश है जिसके पास परमाणु हथियार हैं, हालांकि उसने कभी इसकी पुष्टि या खंडन नहीं किया। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा कि उसे इस्राइली केंद्र को किसी नुकसान या असामान्य विकिरण स्तर की कोई सूचना नहीं मिली है। इस्राइल के सेना प्रमुख जनरल एयाल जमीर ने पहले ही कहा था, ''यह युद्ध समाप्ति के करीब नहीं है।'' ईरान ने हिंद महासागर में स्थित ब्रिटेन-अमेरिका के संयुक्त डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को भी निशाना बनाया, जो करीब 4,000 किलोमीटर दूर है। इससे संकेत मिलता है कि तेहरान के पास पहले से अनुमानित दूरी से अधिक मार करने वाली मिसाइलें हैं या उसने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम का इस्तेमाल किया है। इस युद्ध का असर पश्चिम एशिया से बाहर भी महसूस किया जा रहा है, जिससे खाद्य और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। बहरहाल, इस्राइल ने नतांज पर हमले की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने भी नतांज पर हमले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि इस तरह के हमले ''पूरे पश्चिम एशिया में विनाशकारी आपदा का वास्तविक खतरा'' पैदा करते हैं।

युद्ध में ईरान में मृतक संख्या 1,500 के पार पहुंची

March 22, 2026 9:37 am

अमेरिका और इस्राइल द्वारा हमले शुरू किए जाने के बाद से ईरान में युद्ध के दौरान 1,500 से अधिक लोग मारे गए हैं। सरकारी प्रसारणकर्ता ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से यह जानकारी दी। इस बीच, स्थानीय निवासियों ने कहा कि रमजान समाप्त होने के दौरान ईरान की राजधानी में भारी हवाई हमले हुए। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चौथे सप्ताह भी जारी रहने के बीच ईरान ने हिंद महासागर में ब्रिटेन-अमेरिका के एक संयुक्त सैन्य अड्डे को निशाना बनाया और ईरान के मुख्य परमाणु संवर्धन केंद्र पर फिर हमला किया गया। ईरान द्वारा लगभग 4,000 किलोमीटर दूर स्थित डिएगो गार्सिया हवाई अड्डे पर किए गए हमले से यह संकेत मिलता है कि तेहरान के पास ऐसी मिसाइलें हैं जो पहले स्वीकार की गई दूरी से कहीं अधिक दूर तक जा सकती हैं। युद्ध का असर पश्चिम एशिया से भी परे महसूस किया जा रहा है और इस युद्ध के कारण खाद्य पदार्थों एवं ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका और इस्राइल के हमलों में ईरान को कितना नुकसान हुआ है या वहां कमान वास्तव में किसके हाथ में है। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई इस भूमिका के लिए नामित किए जाने के बाद से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं।

इस्राइल के 'लिटिल इंडिया' शहर पर ईरान के मिसाइल हमले में कम से कम 47 लोग घायल

March 22, 2026 9:37 am

इस्राइल के दक्षिणी डिमोना शहर पर ईरान के एक मिसाइल हमले में शनिवार को कम से कम 47 लोग घायल हो गए। बचाव सेवाओं ने यह जानकारी दी। यह शहर अपने परमाणु केंद्र के गुंबदनुमा ढांचे के लिए प्रसिद्ध है और इसे ''लिटिल इंडिया'' के नाम से भी जाना जाता है। मेगन डेविड अदोम (एमडीए) बचाव सेवाओं और स्थानीय निवासियों ने 'पीटीआई' को बताया कि घायलों में 12 वर्षीय एक लड़का भी शामिल है, जो छर्रे लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने बताया कि 30 वर्ष की आयु के आसपास की एक महिला कांच के टुकड़े लगने से घायल हो गयी है जबकि 31 अन्य लोग छर्रों से हल्की चोट लगने या आश्रय स्थल की ओर भागते समय गिरने से घायल हो गए। इसके अलावा 14 लोगों का बेर्शेबा के सोरोका अस्पताल में बेचैनी के लिए इलाज किया गया। एक स्थानीय निवासी ने बताया, ''मिसाइल एक सामुदायिक भवन पर गिरी और उसके प्रभाव से आसपास के पुराने मकान ढह गए। अधिकांश लोग आश्रय स्थलों में थे, इसलिए उन्हें ज्यादा चोट नहीं आयी, सिवाय उस लड़के के जो बाहर रह गया था।'' 'इस्राइल डिफेंस फोर्सेज' (आईडीएफ) ने बताया कि वह इस बात की जांच कर रहा है कि ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को रोका क्यों नहीं जा सका। सेना के अनुसार, वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइल को रोकने की कोशिश की, लेकिन 'इंटरसेप्टर' उसे मार गिराने में सफल नहीं हो सके। उसने कहा, ''इस घटना की जांच की जाएगी।'' संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने हमले के बाद ''अधिकतम सैन्य संयम'' बरतने की अपील की। उसने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''आईएईए को इस्राइल के डिमोना शहर में मिसाइल गिरने की जानकारी है, लेकिन नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र को नुकसान होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।'' वहीं, ईरान ने कहा कि उसने डिमोना को नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र पर पहले हुए हमले के जवाब में निशाना बनाया। हालांकि, आईडीएफ ने इस बात से इनकार किया कि उसने उसी दिन पहले नतांज पर हमला किया था। डिमोना में बड़ी भारतीय-यहूदी आबादी रहती है, जिनमें अधिकांश महाराष्ट्र से हैं और भारत से उनके मजबूत संबंध हैं। इसी कारण इस शहर को ''लिटिल इंडिया'' कहा जाता है। शहर में भारतीय दुकानों की भरमार है और हर जगह मराठी भाषा सुनाई देती है। भारतीय मूल के करीब 7,500 लोग यहां रहते हैं, जो शहर की आबादी का लगभग 30 प्रतिशत हैं। यहां क्रिकेट काफी लोकप्रिय है और युवा पीढ़ी 'सोनपापड़ी', 'गुलाब जामुन', 'पापड़ी चाट' और 'भेलपुरी' जैसे भारतीय व्यंजनों से अच्छी तरह परिचित है जो कई दुकानों पर उपलब्ध हैं।

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