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Asian Games Results Live: रोशिबिना देवी ने वुशु में एशियाई खेलों का अपना दूसरा रजत पदक जीता

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चीन की ज़ियाओयू झांग महिलाओं के 60 किग्रा फ़ाइनल में जीत के बाद पोडियम पर अपने गोल्ड मेडल के साथ जश्न मना रही हैं। उनके साथ सिल्वर मेडल जीतने वाली भारत की रोशिबिना देवी नाओरेम और ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली वियतनाम की थी थू थुय गुयेन और इंडोनेशिया की थानिया कुसुमानिंगत्यास भी मौजूद हैं। रॉयटर्स
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Asian Games Results Live: एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में अपने चयन को लेकर उठे विवादों को पीछे छोड़ते हुए स्टार वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने महिलाओं की 60 किग्रा 'सांडा' स्पर्धा में बृहस्पतिवार को रजत पदक जीता। पच्चीस वर्षीय रोशिबिना को फाइनल में चीन की झांग शियाओयू के हाथों 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। उनके पदक के साथ भारत का वुशु अभियान खाली हाथ रहने से बच गया।

रोशिबिना का एशियाई खेलों में यह तीसरा पदक है। उन्होंने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत और 2018 के जकार्ता-पालेमबांग एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। चयन ट्रायल में रोशिबिना को युवा दिव्यांशी चौधरी ने हराया था, लेकिन दिव्यांशी के चोटिल होने के बाद रोशिबिना को भारतीय टीम में शामिल किया गया।

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भारतीय टीम से बाहर किए जाने के बाद दिव्यांशी ने रोशिबिना पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। रोशिबिना ने फाइनल तक के सफर में वियतनाम की 2023 विश्व चैंपियन गुयेन थी थू थुई को भी शिकस्त दी। उनके अलावा भारत का कोई अन्य वुशु खिलाड़ी पदक जीतने में सफल नहीं रहा। सांडा स्पर्धा में पुरुषों के 56 किग्रा वर्ग में आर्यन क्वार्टर फाइनल में हार गए। महिलाओं के 52 किग्रा वर्ग में अपर्णा को प्री-क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।

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वहीं, पुरुषों के 75 किग्रा वर्ग में विक्रांत बालियान अपने शुरुआती मुकाबले में ही हार गए। भारत के 'ताओलू' खिलाड़ी भी पदक दौर तक नहीं पहुंच सके। महिलाओं की 'नानक्वान और नानदाओ' स्पर्धाओं में लांगलेंतोम्बी देवी हंजाबाम ने कुल 18.839 अंक हासिल किए और नौवें स्थान पर रहीं। नयेमान वांगसू ने महिलाओं की 'चांगक्वान' स्पर्धा में 9.573 अंक के साथ 15वें स्थान पर अपना अभियान समाप्त किया । पुरुषों की 'चांगक्वान' स्पर्धा के फाइनल में सूरज सिंह मायांगलामबाम ने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन वह 11वें स्थान पर रहे।

रोशिबिना ने दिव्यांशी के आरोपों को किया नजरअंदाज, चयन के फैसले को बताया सही

September 24, 2026 10:42 am

अनुभवी वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने बृहस्पतिवार को भारतीय वुशु संघ के उन्हें टीम में शामिल करने के फैसले को सही करार देते हुए कहा कि वह एशियाई खेलों की टीम में चयन को लेकर साथी खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी की ओर से लगाए गए मानसिक उत्पीड़न के आरोपों को नजरअंदाज करेंगी। पच्चीस वर्षीय रोशिबिना ने चीन की झांग शियाओयू के खिलाफ महिलाओं की 60 किग्रा स्पर्धा के फाइनल में 0-2 से हारकर रजत पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने एशियाई खेलों में लगातार तीसरा पदक अपने नाम किया। उन्होंने 2018 में कांस्य और पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। रोशिबिना ने फाइनल के बाद कहा, ''जो कुछ हुआ, वह मेरी वजह से नहीं हुआ। यह महासंघ का फैसला था कि मुझे एशियाई खेलों के लिए चुना जाए। भारतीय वुशु संघ ने जो भी फैसला लिया, मुझे लगता है कि वह सही था।'' उन्होंने दिव्यांशी के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''मैं इसे नजरअंदाज करूंगी। मैं सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहती हूं।'' दिव्यांशी ने जून में श्रीनगर में हुए एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में रोशिबिना को हराया था लेकिन 'एसीएल' चोट के कारण बाद में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। इसके बाद दिव्यांशी ने आरोप लगाया था कि रोशिबिना ने एशियाई खेलों की टीम में जगह बनाने के लिए उनके खिलाफ काम किया। दिव्यांशी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में कहा था कि जून से सितंबर तक उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशान किया गया और रोशिबिना एशियाई खेलों में जाना चाहती थीं। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने चयन ट्रायल में रोशिबिना को हराया था, इसलिए उन्हें एशियाई खेलों में जाने का अधिकार था। भारतीय वुशु संघ ने कहा था कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में कराई गई एमआरआई जांच में दिव्यांशी के घुटने में एसीएल के गंभीर चोट और काफी सूजन का पता चला था। इसी वजह से उनकी जगह रोशिबिना को टीम में शामिल किया गया। दिव्यांशी ने बाद में अपना गुस्सा कम करते हुए कहा था कि भारतीय वुशु संघ उनके मजबूत वापसी करने में पूरा समर्थन कर रहा है। उन्होंने हालांकि रोशिबिना पर उन्हें और उनके परिवार को परेशान करने के आरोप दोहराए थे। रोशिबिना ने कहा कि उन्हें एशियाई खेलों की टीम में शामिल किए जाने की जानकारी टीम के रवाना होने से कुछ दिन पहले ही मिली थी। उन्होंने कहा, ''जब मैं एशियाई खेलों के लिए यहां आई तो काफी परेशानियां थीं। मुझे तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला। मुझे अगर ज्यादा समय मिलता तो मैं बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी।'' जब उनसे पूछा गया कि परेशानी क्या थी तो उन्होंने कहा, ''मैं शुरुआत में टीम में नहीं थी। ट्रायल में हारने के बाद यही परेशानी थी।'' रोशिबिना ने कहा कि चीन की खिलाड़ियों को हराने के लिए भारतीय वुशु खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ''हमें अपनी मानसिक मजबूती पर काम करना होगा। हमारे पास दो बार के जूनियर विश्व चैंपियन आर्यन हैं, जिन्होंने चीन के खिलाड़ी को पहले ही हराया है। जूनियर खिलाड़ियों को लगता है कि उन पर दबाव है। हम जैसे अनुभवी खिलाड़ी उन्हें बतायेंगे कि हम चीन के खिलाड़ियों को हरा सकते हैं।'' उन्होंने कहा, ''जूनियर खिलाड़ियों को भी विश्वास होगा कि वे ऐसा कर सकते हैं। वुशु में कई अच्छे खिलाड़ी हैं और मुझे यकीन है कि वे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।'' मुकाबले के दौरान रोशिबिना के दाएं घुटने के पास चोट लगी और उनकी नाक पर भी हल्की चोट लगी। उन्होंने कहा, ''यह सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान लगी मामूली चोट है। मुझे नहीं पता कि नाक पर चोट कब लगी। मुझे मुकाबले के दौरान दर्द का एहसास नहीं होता।'' अपने रजत पदक के महत्व के बारे में रोशिबिना ने कहा, ''यह एशियाई खेलों में मेरा तीसरा पदक है। सभी वुशु खिलाड़ी पदक जीतने की उम्मीद करते हैं। वे भी मेरी तरह पदक जीतना चाहते हैं।'' उन्होंने कहा, ''मैं सभी खिलाड़ियों को प्रेरित करना चाहती हूं। मैं भी उनसे प्रेरणा लेना चाहती हूं। आगामी खेलों में मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी।''

एशियाई खेल निशानेबाजी: 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य से चूका भारत, स्कीट मिश्रित टीम फाइनल में

September 24, 2026 10:41 am

भारतीय पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल टीम एशियाई खेलों में कांस्य पदक से चूककर चौथे स्थान पर रही जबकि मिश्रित स्कीट टीम ने एशियाई खेलों की निशानेबाजी स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई। कमलजीत, बालकृष्ण केदारलिंग उचागनवे और आकाश भारद्वाज की तिकड़ी छह सीरीज में कुल 1727 अंक के साथ चौथे स्थान पर रही। चीन ने अधिक इनर-10 के आधार पर स्वर्ण पदक जीता। चीन और इंडोनेशिया दोनों के 1743 अंक थे, लेकिन चीन ने 70 इनर-10 के साथ पहला स्थान हासिल किया। इंडोनेशिया ने 57 इनर-10 के साथ रजत पदक जीता। जापान ने 1730 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। भारत के लिए निराशा इस बात से भी बढ़ गई कि तीनों निशानेबाज व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सके। कमलजीत नौवें, आकाश 11वें और केदारलिंग 35वें स्थान पर रहे। भारत के लिए स्कीट स्पर्धा से कुछ अच्छी खबर मिली। परीनाज धालीवाल और अनंतजीत सिंह नरूका की जोड़ी ने मिश्रित स्कीट स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली। भारतीय जोड़ी 138 अंक के साथ क्वालीफिकेशन में चौथे स्थान पर रही। परीनाज और नरूका दोनों बुधवार को क्रमशः महिला और पुरुष टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। क्वालीफिकेशन में कतर 145 अंक के साथ क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर रहा। कोरिया ने 143 अंक के साथ दूसरा और चीन ने 140 अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इससे पहले बुधवार को महिला 10 मीटर एयर पिस्टल में भी भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। भारतीय टीम और किसी भी खिलाड़ी को व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक नहीं मिल सका था।

टेबल टेनिस में भारत की दोनों महिला युगल जोड़ियां अंतिम-16 में

September 24, 2026 9:01 am

श्रीजा अकुला और सिंड्रेला दास तथा यशस्विनी घोरपड़े और दीया चिताले की भारतीय महिला युगल जोड़ियों ने बृहस्पतिवार को एशियाई खेलों की टेबल टेनिस स्पर्धा में अपने-अपने मुकाबले आसानी से जीतकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। श्रीजा और सिंड्रेला ने दूसरे दौर के मुकाबले में मंगोलिया की बुरेनजारगल संजा और बोलोर-एरदेने बातमुंख को 3-0 से हराया। भारतीय जोड़ी ने यह मुकाबला 11-5, 11-4, 12-10 से अपने नाम किया। भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआती दोनों गेम आसानी से जीत लिए, लेकिन तीसरे गेम में उन्हें कड़ी चुनौती मिली। उन्होंने हालांकि संयम बनाए रखा और 12-10 से गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। श्रीजा और सिंड्रेला का सामना अंतिम-16 के मुकाबले में चीन की कुआई मान और वांग मन्यु की मजबूत जोड़ी से होगा। यशस्विनी और दीया की दूसरी भारतीय जोड़ी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ईरान की सेतायेश इलूखानी और महशिद अश्तारी को 3-0 से हराया। भारतीय जोड़ी ने यह मुकाबला 11-2, 11-2, 11-4 से जीता। यशस्विनी और दीया ने शुरुआत से ही मुकाबले पर दबदबा बनाए रखा और एक भी गेम गंवाए बिना जीत दर्ज की। प्री-क्वार्टर फाइनल में यशस्विनी और दीया का सामना चीन की फैन शुहान और चेन यी की जोड़ी से होगा।

एशियाई खेल: मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले दौड़ के फाइनल में पहुंचा भारत

September 24, 2026 9:01 am

भारत ने बृहस्पतिवार को एशियाई खेलों की मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले स्पर्धा की अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बना ली। एस मनु, एमआर पोवम्मा, जय कुमार और किरण की भारतीय चौकड़ी ने तीन मिनट 16.23 सेकंड का समय निकालकर चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। भारतीय टीम का यह समय दोनों हीट में चौथा सबसे तेज रहा। बहरीन ने तीन मिनट 15.73 सेकंड, चीन ने तीन मिनट 15.97 सेकंड और वियतनाम ने तीन मिनट 16.08 सेकंड का समय निकाला। आठ टीमों के बीच फाइनल मुकाबला आज शाम होगा। भारतीय टीम रेस के दूसरे और तीसरे चरण में आगे चल रही थी, लेकिन अंतिम चरण में दौड़ने वाली किरण को चीन की धावक ने आखिरी क्षणों में पीछे छोड़ दिया। चीन ने हीट में पहला स्थान हासिल किया, जबकि संयुक्त अरब अमीरात ने तीन मिनट 17.00 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। दक्षिण कोरिया ने तीन मिनट 18.66 सेकंड के समय के साथ हीट-2 से फाइनल में जगह बनाई। हीट एक से बहरीन, वियतनाम, मेजबान जापान और फिलीपींस ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।

सतनाम-सलमान की जोड़ी ने एशियाई खेलों की पुरुष युगल स्कल्स स्पर्धा में जीता कांस्य पदक

September 24, 2026 9:01 am

रोवर (नौकायन खिलाड़ी) सतनाम सिंह और सलमान खान ने बृहस्पतिवार को एशियाई खेलों में पुरुष युगल स्कल्स स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहते हुए भारत को इस स्पर्धा का पहला पदक दिलाया। भारतीय जोड़ी 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर रही, लेकिन अंतिम 500 मीटर में तीसरे स्थान पर खिसक गई। दोनों ने 'नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स' पर छह मिनट 13.25 सेकंड का समय लिया। चीन के यी शूडी और यीदे नी ने छह मिनट 09.37 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव ने छह मिनट 10.49 सेकंड में रेस पूरी कर रजत पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी स्वर्ण पदक विजेताओं से 3.88 सेकंड पीछे रही। सतनाम ने हांगझोउ एशियाई खेलों में पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स में कांस्य पदक जीता था। इस पदक के साथ उनके एशियाई खेलों के पदकों की संख्या दो हो गई है। इससे पहले भारत रोइंग में एक और पदक से मामूली अंतर से चूक गया। बलराज पंवार पुरुष एकल स्कल्स के फाइनल में छह मिनट 54.80 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे। पंवार 500, 1,000 और 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर बने हुए थे, लेकिन अंतिम 500 मीटर में वह फिसलकर चौथे स्थान पर पहुंच गए। चीन के देंग झीवेई ने छह मिनट 38.98 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। पंवार उनसे 15.82 सेकंड पीछे रहे। पुरुष एकल स्कल्स में भारत ने पिछली बार 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में पदक जीता था। तब स्वर्ण सिंह ने कांस्य पदक हासिल किया था। इस स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी बजरंग लाल ठाकुर हैं। उन्होंने 2010 के ग्वांगझोउ एशियाई खेलों में ऐतिहासिक कारनामा किया था। छब्बीस वर्षीय सतनाम का एशियाई खेलों के पोडियम तक पहुंचने का सफर नौकायन से नहीं, बल्कि एक अलग खेल से शुरू हुआ था। वह पहले राष्ट्रीय स्तर के हैंडबॉल खिलाड़ी थे। करीब आठ साल पहले उन्होंने ओलंपियन स्वर्ण सिंह विर्क से प्रेरित होकर रोइंग शुरू की। विर्क ने 2018 के एशियाई खेलों में पुरुष लाइटवेट डबल स्कल्स में स्वर्ण पदक जीता था। पंजाब के मानसा जिले के रहने वाले सतनाम ने जल्द ही भारत के उभरते हुए रोवर के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 2018 युवा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और आठवें स्थान पर रहे। सतनाम ने इसके बाद 40वीं सीनियर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में पुरुष एगल स्कल्स का खिताब जीता। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारतीय नौसेना के पहले रोवर बने। सतनाम पिछले साल सीनियर एशियाई रोइंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स टीम का भी हिस्सा थे। सलमान ने पहली बार एशियाई खेलों का पदक जीता है। 28 वर्षीय खिलाड़ी का रोइंग से जुड़ाव 2018 में हुआ, जब वह भारतीय सेना की बॉम्बे इंजीनियरिंग ग्रुप में शामिल हुए। कोच सत्यवान, सतीश सिराट और प्रभात मिश्रा की मदद से उनके खेल में सुधार आया और उन्हें केंद्र की टीम के लिए चुना गया। इसके बाद उन्होंने अपनी बटालियन का प्रतिनिधित्व किया और इंटर-सेंटर चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। सलमान ने दो बार इस खेल को छोड़ने के बारे में सोचा, लेकिन उनके कोचों ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने 2022 के गुजरात राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीता। इसी साल उन्होंने इंडोर राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब भी अपने नाम किया। इसके बाद उन्हें सेना रोइंग नोड (एआरएन) में शामिल किया गया, जहां उन्होंने वरिष्ठ कोच कुदरत अली के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। सलमान ने 2023 में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप और ओपन स्प्रिंट राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) कार्यक्रम में जगह मिली।

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