Asian Games Results Live: भारत के अंकुश पंघाल ने एशियाई खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का करते हुए पुरूषों के 80 किलो क्वार्टर फाइनल में रविवार को ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव को 5 . 0 से हराया । ग्लास्गो में पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले अंकुश ने सालिमोव को हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की ।
एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे हरियाणा के इस मुक्केबाज ने मजबूत शुरूआत की और सीधे बायें और दायें हुक जैसे सटीक पंच लगाकर सालिमोव को दबाव में रखा । सालिमोव ने पलटवार की कोशिश की लेकिन उनके हमलों में दम नहीं था ।
पहले दौर में सभी पांच जज का फैसला अंकुश के पक्ष में रहा । दूसरे दौर में भी उन्होंने यही लय बनाये रखी और फिर पांचों जज के स्कोरकार्ड पर यह दौर भी अपने नाम किया । आखिरी दौर में भी सालिमोव पर दबाव बना रहा । ताजिकिस्तान के मुक्केबाज ने गति बढाकर कुछ पंच लगाये लेकिन अंकुश पहले ही अपनी स्थिति काफी मजबूत कर चुके थे । उन्होंने 5 . 0 से जीतकर इन खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का कर दिया । (एजेंसी के इनपुट के साथ)
भारोत्तोलक हरजिंदर कौर एशियाई खेलों में नौवे स्थान पर
September 27, 2026 1:26 pm
हरजिंदर कौर एशियाई खेलों की भारोत्तोलन स्पर्धा में रविवार को महिलाओं के 69 किलो वर्ग में निराशाजनक नौवे स्थान पर रही । दो बार की राष्ट्रमंडल खेल पदक विजेता कौर ने स्नैच में 94 और क्लीन एंड जर्क में 110 समेत कुल 204 किलो वजन उठाया । पंजाब की 29 वर्ष की यह खिलाड़ी स्नैच में तीन में से दो प्रयासों में विफल रही । उन्होंने क्लीन एंड जर्क में एक ही प्रयास किया । स्वर्ण पदक उत्तर कोरिया की सोंग कुक हियांग ने जीता जिन्होंने कौर से 69 किलो वजन अधिक उठाया था । दो बार की विश्व चैम्पियन सोंग ने 273 किलो वजन उठान स्नैच, क्लीन एंड जर्क और कुल में विश्व रिकॉर्ड बनाया । चीनी ताइपै की वेन हुइ चेन ने रजत और बहरीन की इंगरीद ग्रूसो ने कांस्य पदक जीता । भारोत्तोलन में भारत को एकमात्र पदक महिलाओं के 49 किलोवर्ग में मीराबाई चानू ने दिलाया जिन्हें रजत पदक मिला ।
सिंधू, उन्नति क्वार्टर फाइनल में हारी, व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की झोली खाली
September 27, 2026 1:25 pm
पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा साहसिक प्रदर्शन के बावजूद एशियाई खेल महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हार गई जिससे इन खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की झोली खाली रही । भारत ने हांगझोउ में पिछली बार खेलों में तीन पदक जीते थे जिसमें पुरूष टीम ने रजत, सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरूष युगल में स्वर्ण और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था । तीन साल बाद भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक जीता लेकिन कोई भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका । दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को 24 घंटे से भी कम समय में तीसरा मैच खेलना पड़ा जो तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चेन यू फेइ से 21 . 11, 18 . 21, 10 . 21 से हार गई । हार के बाद सिंधू ने कहा ,'' मुझे दूसरे गेम में ही जीत जाना चाहिये था लेकिन ऐसा नहीं कर सकी । यह आसान गेम नहीं था और आसानी से अंक नहीं मिल रहे थे ।'' उन्होंने कहा ,'' यह दुखद है लेकिन इससे उबरना होगा । सेमीफाइनल में पहुंचना अच्छा रहता लेकिन यह सब होता रहता है । मजबूती से वापसी करना अहम है ।'' उन्नीस वर्ष की हुड्डा को तीन बार की विश्व चैम्पियन जापान की अकाने यामागुची ने 21 . 16, 14 . 21, 21 . 17 से हराया । इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी महिला युगल क्वार्टर फाइनल में दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई । पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा । वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया । तनीषा ने मैच के बाद कहा ,''यह निराशाजनक है कि हम पदक नहीं जीत सके लेकिन हमें अपने प्रयास पर गर्व है । हमने अंत तक जुझारूपन दिखाया ।'' उन्होंने कहा ,'' एशियाई खेलों से बहुत कुछ सीखा । हमने अच्छा बैडमिंटन खेला और चीन के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया । हमने अपने खेल में काफी सुधार किया है । जीत की भूख काफी है और आत्मविश्वास बढा है ।'' ध्रुव ने कहा ,'' हमने दूसरे गेम में उन पर काफी दबाव बनाया । तीसरे गेम में अंतर काफी था लेकिन हम करीब पहुंचे हालांकि बेहतर कर सकते थे । हम अब ब्रेक लेकर आगे के बारे में सोचेंगे ।'' सिंधू का चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ इस मैच से पहले 7 . 9 का रिकॉर्ड था । उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीतने के सफर में उसे हराया था । सिंधू 24 घंटे के भीतर तीसरा मैच खेल रही थी लेकिन शुरूआत में ही दबाव बना लिया । उन्होंने पहले गेम में 7 . 2 के बाद 11 . 8 की बढत बनाई । इसके बाद 21 . 11 से पहला गेम जीता । चेन ने हालांकि दमदार वापसी करते हुए 9 . 5 की बढत बनाई लेकिन सिंधू ने स्कोर 9 . 9 कर दिया । एक समय स्कोर 16 . 18 था लेकिन चेन ने दो गेम प्वाइंट और यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींचा । तीसरे गेम में शुरू ही में चेन ने बढत बना ली और सिंधू वापसी नहीं कर सकी। दूसरे मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी यामागुची के स्ट्रोक्स में विविधता थी और उन्होंने काफी आक्रामक खेल दिखाया । ब्रेक के समय उनके पास 11 . 4 की बढत थी । उन्नति ने आक्रामक स्ट्रोक्स और स्मैश से वापसी की कोशिश की लेकिन 14 . 8 से आगे चल रही यामागुची ने लंबी रेली के बाद ड्रॉप शाट लगाया और चार गेम प्वाइंट बनाकर पहले को भुनाते हुए शुरूआती गेम जीत लिया । दूसरे गेम में उन्नति ने वापसी की और अच्छी रेलियां लगाते हुए जीत दर्ज करके मुकाबले को तीसरे गेम में पहुंचा दिया जिसमें यामागुची विजयी रही । वहीं त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था । मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे । शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया । त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया । कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए । मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली । त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले । भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया । दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई । इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई । भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये । इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई ।
तलवारबाजी में महिला साबरे टीम की हार के साथ भारत का अभियान समाप्त
September 27, 2026 1:24 pm
एशियाई खेलों की तलवारबाजी स्पर्धा में भारत का अभियान रविवार को महिला साबरे टीम की उजबेकिस्तान के हाथों क्वार्टर फाइनल में हार के साथ समाप्त हो गया। सी ए भवानी देवी, श्रेया गुप्ता और जेफरलिन सिमला को उजबेक टीम ने 45 . 35 से हराया । भारत ने इससे पहले अंतिम 16 में इंडोनेशिया को 45 . 23 से हराया था लेकिन उजबेकिस्तान की मजबूत टीम के खिलाफ लय कायम नहीं रख सके । तलवारबाजी में भारत का कोई भी खिलाड़ी पदक दौर तक नहीं पहुंच सका । भारत की 20 सदस्यीय टीम ने एशियाई खेलों की तलवारबाजी स्पर्धा में हिस्सा लिया था ।
एशियाड तीरंदाजी : भारतीय प़ुरूष और महिला कंपाउंड टीमें सेमीफाइनल में
September 27, 2026 11:28 am
भारतीय पुरूष और महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीमें रविवार को एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में पहुंच गई । पुरूष टीम में कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम ने यूएई को अंतिम 16 में 235 . 215 से हराया और क्वार्टर फाइनल में भूटान को 235 . 232 से मात दी । महिला टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तानीपर्थी और प्रिथिका प्रदीप ने मंगोलिया को अंतिम 16 में 238 . 223 से हराने के बाद क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान को 233 . 230 से मात दी । दोनों टीमें 30 सितंबर को सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया से खेलेंगी । हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में भारत ने कंपाउंड तीरंदाजी में पांचों स्वर्ण पदक जीते थे ।
त्रिसा . गायत्री, ध्रुव . तनीषा युगल क्वार्टर फाइनल में हारे
September 27, 2026 11:28 am
त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी एशियाई खेलों के महिला युगल क्वार्टर फाइनल में रविवार को दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई । पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा । वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया । तनीषा ने मैच के बाद कहा ,''यह निराशाजनक है कि हम पदक नहीं जीत सके लेकिन हमें अपने प्रयास पर गर्व है । हमने अंत तक जुझारूपन दिखाया ।'' उन्होंने कहा ,'' एशियाई खेलों से बहुत कुछ सीखा । हमने अच्छा बैडमिंटन खेला और चीन के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया । हमने अपने खेल में काफी सुधार किया है । जीत की भूख काफी है और आत्मविश्वास बढा है ।'' ध्रुव ने कहा ,'' हमने दूसरे गेम में उन पर काफी दबाव बनाया । तीसरे गेम में अंतर काफी था लेकिन हम करीब पहुंचे हालांकि बेहतर कर सकते थे । हम अब ब्रेक लेकर आगे के बारे में सोचेंगे ।'' महिला एकल क्वार्टर फाइनल में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू का सामना चीन की चेन यू फेइ से और उन्नति हुड्डा की टक्कर जापान की अकाने यामागुची से होगी । त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था । मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे । शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया । त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया । कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए । मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली । त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले । भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया । दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई । इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई । भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये । इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई ।