Rajya Sabha Elections: देश के 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव सोमवार को हो रहे हैं। इनमें से 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जबकि बाकी 11 सीटों के लिए मतदान कराया जा रहा है। वोटों की गिनती सोमवार शाम 5 बजे की जाएगी।
इन सीटों पर चुनाव इसलिए हो रहे हैं, क्योंकि अप्रैल में इन राज्यों से चुने गए 37 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ये सीटें हरियाणा, हिमाचल, महाराष्ट्र, ओडिसा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़ व तेलंगाना से खाली हो रही हैं।
अब जिन 11 सीटों पर मतदान होना है, उनमें पांच सीटें बिहार, चार ओडिशा और दो हरियाणा की हैं। इन राज्यों में सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी दलों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
अब तक निर्विरोध चुने गए 26 उम्मीदवारों में भाजपा के सात, कांग्रेस के पांच, तृणमूल कांग्रेस के चार और डीएमके के तीन उम्मीदवार शामिल हैं। इसके अलावा शिवसेना, आरपीआई (ए), एनसीपी, एनसीपी (एसपी), एआईएडीएमके, पीएमके और यूपीपीएल के एक-एक उम्मीदवार भी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। निर्विरोध जीत दर्ज करने वाले प्रमुख नेताओं में शरद पवार, अभिषेक मनु सिंघव आदि शामिल हैं।
वहीं इस चुनाव में नीतीश कुमारभी प्रमुख राजनीतिक चेहरा बने हुए हैं, क्योंकि बिहार में सीटों को लेकर एनडीए और विपक्षी गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट के लिए मतदान जारी
March 16, 2026 11:00 am
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट के लिए सोमवार को मतदान शुरू हो गया। यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस का एक-एक उम्मीदवार और एक निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इन दो सीट पर भाजपा के संजय भाटिया, कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा दूसरी सीट पर नांदल का समर्थन कर रही है। नांदल ने 2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गए थे। मतदान सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा और मतगणना शाम पांच बजे के बाद शुरू होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री श्याम सिंह राणा समेत भाजपा के अन्य विधायक - कृष्णा गहलावत, मूल चंद शर्मा और राम कुमार गौतम ने सबसे पहले अपने मताधिकार का उपयोग किया। हरियाणा की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने मतदान से पहले शुक्रवार को अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश भेज दिया था। हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं। कांग्रेस के पास 37 विधायक होने का मतलब यह है कि उसके पास अपने उम्मीदवार को सीट जिताने के लिए आवश्यक संख्या बल है। हालांकि, 'क्रॉस-वोटिंग' की स्थिति में समीकरण बदल सकता है। हरियाणा विधानसभा के 90 सदस्यों में से सत्ताधारी भाजपा के 48 विधायक हैं, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के दो विधायक हैं, जबकि तीन निर्दलीय विधायक हैं। हरियाणा से राज्यसभा में पहुंचने के लिए दोनों उम्मीदवारों में से प्रत्येक को 31 मतों की आवश्यकता है। हरियाणा में भाजपा सदस्य किरण चौधरी और राम चंद्र जांगड़ा का कार्यकाल नौ अप्रैल को पूरा होने वाला है तथा इसके साथ ही यहां राज्यसभा की दो सीट रिक्त हो रही है। (इनपुटः एजेंसी)
ओडिशा: 'क्रॉस-वोटिंग' की आशंकाओं के बीच राज्यसभा की चार सीट के लिए मतदान शुरू
March 16, 2026 9:47 am
ओडिशा में राज्यसभा की चार सीट के लिए सोमवार को मतदान शुरू हो गया। विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। एक अधिकारी ने बताया कि विधानसभा परिसर में मतदान सुबह नौ बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे तक जारी रहेगा। राज्य में 12 साल के अंतराल के बाद राज्यसभा का चुनाव हो रहा है। इस बार दो अप्रैल को रिक्त होने वाली चार सीट के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा ने दो उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है, जिनमें राज्य इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और राज्यसभा के मौजूदा सदस्य सुजीत कुमार शामिल हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है। बीजद के उम्मीदवार पार्टी नेता संतृप्त मिश्रा और प्रख्यात मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दत्तेश्वर होता हैं, जिन्हें कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का समर्थन प्राप्त है। चौथी सीट पर जीत के लिए न तो सत्तारूढ़ भाजपा और न ही विपक्षी दल बीजद के पास आवश्यक संख्या बल है, इसलिए 'क्रॉस-वोटिंग' की आशंका है। ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 79 विधायक हैं और उसे तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है जबकि 15 जनवरी को दो विधायकों को निलंबित किये जाने के बाद बीजद के पास 48 विधायक हैं। कांग्रेस के सदन में 14 विधायक और माकपा का एक विधायक है। ओडिशा से राज्यसभा के मौजूदा सदस्य निरंजन बिशी व मुन्ना खान (बीजद) और सुजीत कुमार व ममता मोहंता (भाजपा) का कार्यकाल दो अप्रैल को समाप्त हो रहा है, जिस कारण ये सीट रिक्त हो रही हैं। (इनपुटः एजेंसी)
बिहार में राज्यसभा की पांच सीट के लिए मतदान शुरू
March 16, 2026 9:45 am
बिहार की पांच राज्यसभा सीट के लिए सोमवार सुबह मतदान शुरू हो गया। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पांच और विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का एक उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार विधानसभा परिसर में मतदान सुबह नौ बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक जारी रहेगा। विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। मतगणना शाम पांच बजे के बाद शुरू होगी और परिणाम आज ही घोषित होने की उम्मीद है। बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रमुख नीतीश कुमार तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन NDA के उम्मीदवारों में शामिल हैं। सत्ताधारी गठबंधन के अन्य तीन उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा (दोनों राज्यसभा के मौजूदा सदस्य) और BJP के शिवेश कुमार शामिल हैं। राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से यह चुनाव भले ही संख्या बल के कारण काफी हद तक एकतरफा दिखाई दे रहा हो, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प बन गया है। बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें खाली होने के बाद इस बार कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं। NDA ने अपने पांच प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, जबकि महागठबंधन की ओर से राजद ने अमरेंद्र धारी सिंह को चुनावी मैदान में उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। संख्या बल के आधार पर देखें तो NDA की स्थिति काफी मजबूत दिखाई देती है। बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं और राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 वोटों की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से NDA के पास लगभग 202 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है, जिससे उसके चार उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषक अरुण कुमार पांडे के अनुसार नितिन नवीन, नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा की जीत को लेकर किसी तरह का संशय नहीं है। हालांकि, पांचवीं सीट को लेकर समीकरण कुछ जटिल हो जाते हैं, क्योंकि NDA के पांचवें उम्मीदवार के लिए आवश्यक मतों में लगभग तीन मतों की कमी बतायी जा रही है। यही वजह है कि पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प बन गया है। इस सीट पर BJP के शिवेश कुमार और महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में 'क्रॉस वोटिंग' की आशंका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। हालांकि दोनों ही खेमे अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने का दावा कर रहे हैं। राजद अपने इकलौते उम्मीदवार की जीत के लिए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के समर्थन पर बहुत अधिक निर्भर है, जिसके पांच विधायक हैं। एआईएमआईएम ने रविवार को घोषणा की कि उसके सभी पांच विधायक राज्यसभा चुनाव में राजद के उम्मीदवार का समर्थन करेंगे। महागठबंधन ने अपने विधायकों को राजधानी पटना के एक होटल में ठहराया है। वहीं, NDA ने रविवार को पटना में मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के आवासों पर अपने विधायकों के साथ बैठकें आयोजित कीं। (इनपुटः एजेंसी)