09:39 AM Sep 11, 2026 IST Updated At : 03:17 PM Sep 11, 2026 IST
शुक्रवार सुबह नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर 18वें ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का अधिकारियों ने स्वागत किया। पीटीआई फोटो
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Russia President Putin India Visit LIVE: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने और द्विपक्षीय व्यापार, निवेश एवं ऊर्जा सहयोग बढ़ाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बातचीत करने के लिए तीन दिवसीय भारत यात्रा पर शुक्रवार को यहां पहुंचे। पुतिन के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी नयी दिल्ली आया है।
फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार होगा जब पुतिन रूस के बाहर आयोजित किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में स्वयं भाग लेंगे। भारत की मेजबानी में शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में खाद्य, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आपदा जोखिम न्यूनीकरण और महत्वपूर्ण आपूर्ति शृंखलाओं के क्षेत्रों में सामूहिक क्षमता मजबूत करने पर जोर दिए जाने की संभावना है।
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भारत का प्रयास है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों से निपटने के लिए ब्रिक्स एक प्रभावी मंच साबित हो। नयी दिल्ली में यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन की व्यापार एवं शुल्क नीतियों के प्रतिकूल प्रभावों से जूझ रही है।
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चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग समेत कई शीर्ष नेता शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर 18वें ब्रिक्स समिट के लिए पहुंचे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया। पीटीआई फोटो
विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने हवाई अड्डे पर पुतिन की अगवानी की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रूस के नेता का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और रूस के बीच बहुआयामी और पुराने मजबूत संबंध हैं जो विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं। पुतिन और मोदी के बीच विभिन्न मुद्दों पर शुक्रवार दोपहर व्यापक द्विपक्षीय वार्ता होने का कार्यक्रम है।
बैठक में रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, औषधि और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को कहा था कि दोनों पक्ष ब्रह्मोस मिसाइल को उन्नत करने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि रूस भारत को शेष एस-400 प्रणालियां देने के लिए प्रतिबद्ध है और सुखोई- 57 लड़ाकू विमानों की प्रस्तावित आपूर्ति को लेकर भी बातचीत जारी है।
रूसी अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंध मजबूत बने हुए हैं और भारत की नये असैन्य परमाणु रिएक्टर स्थापित करने की योजना को लेकर भी दोनों पक्ष बातचीत करने पर विचार कर रहे हैं। मोदी और पुतिन ने इससे पहले पिछले सप्ताह बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात की थी।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने यूक्रेन संघर्ष तत्काल समाप्त किए जाने का आह्वान किया था और रूसी नेता से ''अंतहीन युद्ध से युद्ध के अंत की ओर'' बढ़ने का आग्रह किया था। दोनों नेताओं की बातचीत में यूक्रेन संघर्ष और उसे समाप्त करने के संभावित रास्तों पर प्रमुखता से चर्चा होने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन समेत विभिन्न पक्षों ने इस संघर्ष का समाधान निकालने के प्रयास फिर तेज किए हैं। (एजेंसी के इनपुट के साथ)
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत होने की उम्मीद : प्रधानमंत्री मोदी
September 11, 2026 3:17 pm
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को विश्वास जताया कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वैश्विक कल्याण की साझा भावना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी। भारत 12 और 13 सितंबर को नयी दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन में 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के नेता तथा कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, '' अगले कुछ दिनों में दुनिया भर के नेता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए एकत्र होंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि वैश्विक कल्याण की साझा भावना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।'' शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत कई प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं।
ब्रिक्स 2026 के लिए मंच तैयार: अमित शाह
September 11, 2026 3:17 pm
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिक्स 2026 के लिए मंच तैयार है और भारत संबंधों को मजबूत करने, सहयोग बढ़ाने एवं साझा समृद्धि को प्रोत्साहित करने पर विचार-विमर्श के लिए आए अन्य देशों के नेताओं का स्वागत कर रहा है। भारत राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार और रविवार को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। शाह ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''ब्रिक्स 2026 के लिए मंच तैयार है। दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत बेहतर विश्व के निर्माण के लिए संबंधों को मजबूत करने, सहयोग बढ़ाने और साझा समृद्धि को प्रोत्साहित करने पर विचार-विमर्श एवं कदम उठाने के लिए वैश्विक नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत करता है।'' उन्होंने कहा, ''हम मिलकर एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेंगे।'' शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के नेताओं के अलावा कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। भारत ने ब्रिक्स की एक जनवरी को चौथी बार अध्यक्षता संभाली थी। वर्ष 2026 में भारत की अध्यक्षता का विषय ''लचीलापन, नवोन्मेष, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण'' है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत दुनिया के कई देशों के नेता शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी पहुंच रहे हैं। ब्रिक्स में मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। इसमें 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब को शामिल किया गया तथा इंडोनेशिया 2025 में इसका सदस्य बना। बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम पिछले साल ब्रिक्स के साझेदार देश बने।