August 15, 2026 9:08 am
Independence Day 2026:लाल किले से PM मोदी ने 13वीं बार फहराया तिरंगा, बोले- अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है देश
Independence Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। लाल किला पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने लाल किले पर पहुंचने के बाद सलामी गारद का निरीक्षण किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महात्मा गांधी समेत देश के सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को नमन किया लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है और देश उत्साह और उमंग के साथ नए संकल्पों को लेकर आगे बढ़ रहा है।” उन्होंने कहा कि देश बड़े सपनों और ऊंचे संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से बड़े सपने देखने और ऊंचे संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है। अब बड़े सपने होने चाहिए।” प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और देश के संकल्प भी ऊंचे होने चाहिए। कोई भी राष्ट्र अपने सपनों, संकल्पों और सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़कर महान बनता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गूंज रहा है। उन्होंने कहा कि जब देश ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष मना रहा है, तब इससे बेहतर अवसर कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि देशभक्ति की भावना से पूरा देश ओतप्रोत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है और संकट की इस घड़ी में हर संभव मदद की जाएगी। (एजेंसी के इनपुट के साथ)
परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में 200 गीगावाट का लक्ष्य, पांच नए रिएक्टर स्थापित किए जा रहे: मोदी
August 15, 2026 9:08 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है और तमिलनाडु के कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने इस वर्ष 'क्रिटिकलिटी' हासिल कर ली है। प्रधानमंत्री ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में परमाणु ऊर्जा महत्वपूर्ण साधन है। उनका कहना था, ''हमने 200 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा है और पांच नए परमाणु रिएक्टर स्थापित किए जा रहे हैं।'' मोदी ने कहा, ''ऊर्जा सुरक्षा आज की जरूरत है और इसलिए हमने इस दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं। हमने संसद में 'शांति' अधिनियम पारित किया है और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा हासिल करने का लक्ष्य रखा है।''
प्रधानमंत्री ने अगले 7-8 वर्षों में 5-8 और सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित होने की घोषणा की
August 15, 2026 9:08 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत ने तीन सेमीकंडक्टर संयंत्रों में पहले ही उत्पादन शुरू कर दिया है, और आने वाले वर्षों में पांच से आठ और संयंत्र स्थापित होने की उम्मीद है। उन्होंने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा उसकी बढ़ती तकनीकी आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। सेमीकंडक्टर चिप्स इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और हर आधुनिक तकनीक के लिए आवश्यक हैं। मोदी ने कहा कि वर्षों तक देश में सेमीकंडक्टर पर चर्चा तो हुई, लेकिन बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर विनिर्माण सुविधाओं का अभाव रहा। चिप्स के रणनीतिक महत्व को स्वीकार करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि तीन सेमीकंडक्टर संयंत्रों में उत्पादन पहले ही शुरू हो चुका है और निर्यात भी जारी है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले 7-8 वर्षों में पांच से आठ और संयंत्र शुरू होने की उम्मीद है, जिससे 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत' की दिशा में देश की यात्रा और मजबूत होगी।
जब आजादी के 100 साल होंगे तब 2047 में हम विकसित भारत बनके रहेंगे
August 15, 2026 9:08 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि वर्ष 2047 में देश की आजादी के जब सौ साल होंगे तब भारत एक विकसित राष्ट्र बनकर रहेगा और 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से ही इस लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर लगातार 13वीं बार लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद इस ऐतिहासिक इमारत की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है तो वह दुनिया की नजरों में भी हमारे साहस का परिचायक बन जाता है। उन्होंने कहा, ''दुनिया, हमारी तरफ देखने का नजरिया बदलने के लिए मजबूर हो जाती है। मैं ऐसे ही नहीं कह रहा हूं। पिछले 12 वर्षों में देश के कोटि-कोटि नागरिकों ने वह चाहे दलित हो, पीड़ित हो, वंचित हो, आदिवासी हो, गांव में रहने वाला हो, शहर का रहने वाला हो, गरीब हो, मध्य वर्ग का हाक, उत्तर हो, दक्षिण हो, पूर्व हो, पश्चिम हो हर किसी ने पिछले 12 साल में एक संकल्प के साथ समर्पण के साथ देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में योगदान दिया है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी का परिणाम है की इतने कम समय में 25 करोड़ देशवासी गरीबों को पीछे छोड़कर गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा कि देशवासियों के परिश्रम का ही परिणाम है कि कभी सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिने जाना वाला भारत आज सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है। उन्होंने कहा कि देश बहुत सारे सपने लेकर आजाद हुआ था लेकिन हम रफ्तार नहीं पकड़ पाए हो क्योंकि जो होगा देखा जाएगा की भावना थी लेकिन पिछले 12 साल में देश ने एक नहीं रफ्तार पकड़ी है और तेज गति से हम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा,''अब 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प और सामर्थ्य को रोकना नामुमकिन है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ अब काम हो रहा है क्योंकि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर रहकर के नहीं जीना चाहता है। उन्होंने कहा, ''दुनिया में बहुत कुछ मिलता है।सस्ता मिलता है। जल्दी मिल सकता है। लेकिन इसमें हमारा सामर्थ्य नजर नहीं आता। इसलिए हमें भी अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है। अपने हितों की सुरक्षा हमें खुद करनी है। इसलिए आत्मनिर्भर भारत का संकल्प बहुत दृढ़ता के साथ लेकर के हम आगे बढ़ रहे हैं।'' प्रधानमंत्री ने भारत में सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश आजाद होने के बाद विश्व में तो सेमीकंडक्टर की चर्चा होती थी लेकिन भारत में कोई संयंत्र नहीं था। उन्होंने कहा, ''आज की डिजिटल दुनिया में प्रौद्योगिकी के महत्व को हम समझते हैं। कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सामान होगा, चिकित्सा उपकरण होगा, हर किसी में चिप अनिवार्य है। चिप के बिना दुनिया थम जाती है। भारत में आज अपना सेमीकंडक्टर प्लांट है। तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हुए हैंऔर मुझे बताया गया है वहां जो उत्पादन हो रहा है उसका निर्यात होना शुरू हो गया है।'' उन्होंने कहा कि आने वाले सात-आठ वर्ष में आठ सेमीकंडक्टर संयंत्र बहुत जल्द शुरू होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर संयंत्र,विकसित भारत की दिशा में जाने का मार्ग है।
मोदी ने संसाधनों और समुद्री मार्गों के हथियारीकरण को लेकर चेताया, आत्मनिर्भरता का किया आह्वान
August 15, 2026 9:08 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को चेतावनी दी कि कुछ देशों द्वारा संसाधनों और रणनीतिक समुद्री मार्गों का हथियारीकरण, भारत की आर्थिक सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने विदेशी आपूर्तियों पर देश की निर्भरता को कम करने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भरता का आह्वान किया। मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को ऊर्जा और खनिजों सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में घरेलू क्षमता को मजबूत करने की आवश्यकता है, क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव बाहरी स्रोतों पर निर्भरता के जोखिमों को तेजी से उजागर कर रहे हैं। किसी देश का नाम लिए बिना, मोदी ने कहा कि ईंधन और दवाओं से लेकर प्रौद्योगिकी तक के संसाधनों का उपयोग तेजी से भू-राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, जबकि रणनीतिक भौगोलिक मार्गों का भी हथियारीकरण किया जा रहा है। उनकी यह टिप्पणी ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध और तेहरान की जवाबी कार्रवाई की पृष्ठभूमि में आई है, जिसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाले नौवहन को गंभीर रूप से बाधित किया है। मोदी ने कहा कि भू-राजनीतिक संघर्षों ने ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनने के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के व्यापक प्रयास के तहत अपने अप्रयुक्त अपतटीय भंडारों का बड़े पैमाने पर दोहन करना चाहता है। इस संदर्भ में उन्होंने हाल ही में स्वीकृत 84,084 करोड़ रुपये की 'समुद्र मंथन राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना' का उल्लेख किया, जिसका मकसद अगले पांच वर्षों में गहरे पानी और अत्यधिक गहरे पानी के क्षेत्रों में तेल और गैस की खोज में तेजी लाना है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तेल और गैस खोज तथा उत्पादन के लिए भारत के 99 प्रतिशत अवसादी बेसिनों को भी खोल दिया है, जिससे उन क्षेत्रों तक पहुंच का विस्तार हुआ है जो पहले वाणिज्यिक अन्वेषण के लिए काफी हद तक बंद थे। इस कदम का उद्देश्य घरेलू हाइड्रोकार्बन संसाधनों का दोहन करना और वैश्विक ऊर्जा मूल्य व आपूर्ति झटकों से भारत के जोखिम को कम करना है। प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में अपनी सरकार की उपलब्धियों को भी गिनाया और कहा कि पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) का दायरा 70 शहरों से बढ़कर 700 शहरों तक पहुंच गया है, और अब 2014 के 22 लाख घरों के मुकाबले 1.75 करोड़ घरों में इस ईंधन की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, सौर ऊर्जा से बिजली का उत्पादन एक दशक पहले के दो गीगावाट से बढ़कर 160 गीगावाट हो गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने रेलवे विद्युतीकरण में आई तेजी, ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन की सफलता को रेखांकित किया
August 15, 2026 9:08 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केंद्र की वर्तमान सरकार के तहत रेलवे के विद्युतीकरण की गति को रेखांकित करते हुए कहा कि 90 साल में 30 प्रतिशत के मुकाबले पिछले 10 साल में 70 प्रतिशत रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण किया गया। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि रेलवे का विद्युतीकरण 1925 में शुरू हुआ था लेकिन अगले 90 वर्षों में केवल 30 प्रतिशत नेटवर्क का विद्युतीकरण किया गया। उन्होंने कहा, ''हमने सिर्फ एक दशक में 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। 90 साल में 30 प्रतिशत और 10 साल में 70 प्रतिशत काम की गति है।'' उन्होंने कहा कि विद्युतीकरण से आयातित डीजल को बचाने में मदद मिली है और पर्यावरण को फायदा हुआ है क्योंकि ट्रेनें तेजी से बिजली से संचालित हो रही हैं। मोदी ने हरित हाइड्रोजन ट्रेन क्षेत्र में भारत के प्रवेश पर भी प्रकाश डाला और कहा कि देश ने हरित हाइड्रोजन से चलने वाली एक ट्रेन शुरू की है। उन्होंने कहा, ''खास बात यह है कि यह सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली ट्रेन है। भारत ने दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है।'' भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन संचालित ट्रेन को मोदी ने 17 जुलाई, 2026 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था, जो रेलवे में हाइड्रोजन आधारित तकनीक को अपनाने की दिशा में एक कदम है। यह सेवा हरियाणा में उत्तर रेलवे के 89 किलोमीटर लंबे जींद-सोनीपत खंड पर चलती है।
महिला आरक्षण लागू करने में सभी दल सहयोग करें, महिलाओं को हक दिलाएं : मोदी
August 15, 2026 9:08 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण लागू करने में सहयोग का आग्रह करते हुए कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिया जाना चाहिए ताकि वे लोकसभा और विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व हासिल कर देश की नीति निर्माण में अपना योगदान दे सकें। प्रधानमंत्री ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा दशकों से "राजनीति के अखाड़े का शिकार" रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं सभी राजनीतिक दलों से लाल किले की प्राचीर से और तिरंगे झंडे की छाया में आग्रह करता हूं कि महिला आरक्षण लागू करके महिला सम्मान में आप भी जुड़िए, आप भी श्रेय लीजिए, लेकिन माताओं-बहनों को उनका हक दिलाइए।" उन्होंने कहा कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, ताकि वे देश की नीति निर्माण प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभा सकें। मोदी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना देश के विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने यह आह्वान उस वक्त किया है जब सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन संबंधी संविधान संशोधन विधेयक पर सहमति बनाने का प्रयास कर रही है। इस साल अप्रैल में विपक्ष के विरोध के कारण विधेयक पारित नहीं हो पाया था।
लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार गूंजा 'वंदे मातरम्'
August 15, 2026 8:23 am
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित होने वाले समारोह में पहली बार 'वंदे मातरम्' गाया गया। राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' की विरासत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य समारोह में लाल किले की प्राचीर पर की गई पुष्प सज्जा के केंद्र में राष्ट्रीय ध्वज और उसके दोनों ओर हिंदी में 'वंदे मातरम्' लिखा हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभक्ति के जोश और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। समारोह में मौजूद अतिथियों के साथ सेना के बैंड ने 'वंदे मातरम्' की धुन बजाई और सभी ने राष्ट्रीय गीत गाया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रगान हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लाल किले पर पहली बार 'वंदे मातरम्' गूंज रहा है और जब देश 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष मनाया जा रहा है, तब इससे बेहतर अवसर कुछ नहीं हो सकता। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित 'वंदे मातरम्' स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशभक्ति का उद्घोष बन गया था। संविधान सभा ने 1950 में इसे भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया था। सरकार ने पिछले नवंबर में 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सालभर चलने वाले समारोह की शुरुआत की थी। 'वंदे मातरम्' की रचना पहले स्वतंत्र रूप से की गई थी और बाद में इसे चट्टोपाध्याय के उपन्यास 'आनंदमठ' में शामिल किया गया। इसे पहली बार रवींद्रनाथ टैगोर ने 1896 में कलकत्ता (अब कोलकाता) में कांग्रेस के अधिवेशन में गाया था। 'वंदे मातरम्' पहली बार सात नवंबर 1875 को साहित्यिक पत्रिका 'बंगदर्शन' में प्रकाशित हुआ था। बाद में चट्टोपाध्याय ने इसे अपने उपन्यास 'आनंदमठ' में शामिल किया, जो 1882 में प्रकाशित हुआ।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने पहना लाल का साफा
August 15, 2026 8:21 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने विशिष्ट अंदाज में देशवासियों को संबोधित किया। ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित दौरान प्रधानमंत्री पारंपरिक शैली का लाल साफा पहने नजर आए। मोदी ने सफेद कुर्ते और चॉकलेट भूरे रंग के वास्कट के साथ राजस्थानी और गुजराती संस्कृति में प्रचलित इस पारंपरिक पगड़ी को पहना हुआ था। उन्होंने केसरिया, हरे और सफेद रंग के तीन पॉकेट स्क्वायर भी लगाए हुए थे। स्वतंत्रता दिवस पर मोदी की खास पगड़ी अब इस समारोह की एक अलग पहचान बन चुकी है। पिछले साल उन्होंने चटख रंगों वाली राजस्थानी लहरिया पगड़ी पहनी थी, जिसमें नारंगी, पीले और हरे रंग की लहराती छटाएं थीं। यह पगड़ी एक ओर परंपरा की झलक देती थी तो दूसरी ओर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक थी। वहीं, 2023 में उन्होंने पीले, हरे और लाल रंगों वाली बांधनी प्रिंट की पगड़ी चुनी थी, जिसे उन्होंने काले रंग की 'वी-नेक जैकेट' के साथ पहना था। उससे पहले 2022 में वह लाल बूटेदार केसरिया पगड़ी में नजर आए थे। इसके साथ उन्होंने नीली जैकेट और स्टोल पहना था। 2021 में उन्होंने क्रीम और केसरिया रंग की पगड़ी पहनी थी, जो उनके आधी आस्तीन वाले कुर्ते के साथ खूब जंच रही थी। वहीं, 2020 में कोविड-19 महामारी के बीच उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से भगवा किनारी वाला सफेद गमछा चेहरे पर बांधा था। प्रधानमंत्री के रूप में 2014 में उनके पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह की पहचान चटख लाल रंग का जोधपुरी साफा बना था। इसके बाद के वर्षों में उनकी पगड़ियों में रंगों की अद्भुत विविधता देखने को मिली-2015 में पीले और बहुरंगी आड़ी-तिरछी धारियों वाली पगड़ी, 2016 में गुलाबी-पीले रंग की पगड़ी और 2017 में चटख लाल-पीले रंग की पगड़ी। इसके बाद, 2018 में केसरिया रंग के साफे से उन्होंने अपनी विशिष्ट और प्रभावशाली छाप छोड़ी।

