Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए लोकलुभावन योजनाओं से परहेज किया और 'सुधार एक्सप्रेस' को जारी रखने की घोषणा की। सीतारमण ने अपना लगातार रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करते हुए किसानों, युवाओं और छोटी कंपनियों पर विशेष ध्यान दने के साथ अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे पर जोर दिया और सुधारों का खाका पेश किया।
उन्होंने विनिर्माण पर जोर देने के साथ पूंजीगत व्यय लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया जो चालू वित्त वर्ष के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये है। वित्त मंत्री ने लगभग सवा घंटा के अपने बजट भाषण में सुधारों का खाका पेश करते हुए 'विकसित भारत' के लिए बैंकों को तैयार करने को लेकर एक उच्चस्तरीय समिति के गठन का भी प्रस्ताव किया।
उन्होंने वृद्धि के प्रमुख इंजन के रूप में एमएसएमई के महत्व को रेखांकित करते हुए 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई विकास कोष का प्रस्ताव रखा। इसका मकसद क्षेत्र में भविष्य के 'चैंपियन' तैयार करना और उद्योगों को प्रोत्साहन देना है।
बजट का ताना-बाना 'तीन कर्तव्यों' यानी आर्थिक वृद्धि को गति देने, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और 'सबका साथ, सबका विकास' के इर्द-गिर्द बुना गया है। बजट में किसानों की आय बढ़ाने के व्यापक उद्देश्य से 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का विकास करने, तटीय क्षेत्रों में मत्स्य मूल्य श्रृंखला को मजबूती प्रदान करने तथा स्टार्टअप एवं महिलाओं की अगुवाई वाले समूह को मत्स्य कृषक उत्पादक संगठनों के साथ शामिल करते हुए बाजार से जोड़ने का प्रस्ताव किया गया है।
सीतारमण ने तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों में सहायता प्रदान कर उच्च मूल्य वाली खेतीबाड़ी पर जोर दिया। बजट में आयकर की दरों एवं संरचना के मोर्चे पर कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। इसमें राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2026-27 में 4.3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा गया है जो चालू वित्त वर्ष के 4.4 प्रतिशत के अनुमान से कम है। इसमें कर्ज- जीडीपी अनुपात को 2026-27 में घटाकर 55.6 प्रतिशत पर लाने का प्रस्ताव है जो चालू वित्त वर्ष में 56.1 प्रतिशत है।
बजट में आगामी वित्त वर्ष के लिए 53.5 लाख करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान है। शुद्ध कर प्राप्तियां 28.7 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है जबकि बाजार से उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना जतायी गयी है।(एजेंसी के इनपुट के साथ)
शहरी आर्थिक क्षेत्रों के लिए 5,000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव
February 1, 2026 3:29 pm
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को शहरी विकास को मजबूत करने के लिए एक बड़े कदम की घोषणा की। इसके तहत शहरी आर्थिक क्षेत्रों (सीईआर) के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और प्रत्येक क्षेत्र के लिए पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है। इसका मकसद संबंधित योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना है। सीतारमण ने लोकसभा में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए शहरों को भारत के विकास, नवोन्मेष और अवसरों का इंजन बताया और कहा कि यह नई पहल दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों के साथ-साथ मंदिर नगरों पर केंद्रित होगी, जिन्हें आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य विशिष्ट विकास कारकों के आधार पर शहर आर्थिक क्षेत्र का मानचित्रण करके शहरों की आर्थिक शक्ति को और अधिक बढ़ाना है। सीतारमण ने कहा, ''सुधार-सह-परिणाम आधारित वित्तपोषण व्यवस्था के साथ चुनौतीपूर्ण तरीके से उनकी योजनाओं को लागू करने के लिए प्रत्येक सीईआर के लिए पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है।'' उन्होंने कहा कि पिछले दशक में, उनकी सरकार ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के व्यापक सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (इनविट) और रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट) जैसे नए वित्तपोषण साधन और एनआईआईएफ (राष्ट्रीय निवेश और बुनियादी ढांचा कोष) और एनएबीएफआईडी (राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा और विकास वित्त पोषण बैंक) जैसी संस्थाएं शामिल हैं। सरकार पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों (टियर 2 और टियर 3) में अवसंरचना के विकास पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी। ये शहर विकास केंद्रों के रूप में विकसित हुए हैं।
एमएसएमई की मदद के लिए 'कॉरपोरेट मित्रों' का दस्ता तैयार करेगी सरकार
February 1, 2026 12:29 pm
सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) की सहायता के लिए मझोले (श्रेणी-दो) और छोटे (श्रेणी-तीन) शहरों में 'कॉरपोरेट मित्रों' का एक दस्ता तैयार करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए यह घोषणा की। अपने भाषण में मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाले उपायों की सिफारिश करने के लिए 'शिक्षा से रोजगार और उद्यम' स्थायी समिति का गठन करेगी। 'कॉरपोरेट मित्रों' का यह दस्ता एमएसएमई को किफायती लागत पर अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। सीतारमण ने कहा कि सरकार इस दस्ते को तैयार करने के लिए आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीएमएआई जैसे पेशेवर संस्थानों को अल्पकालिक मॉड्यूल पाठ्यक्रम और व्यावहारिक टूल डिजाइन करने में सहयोग प्रदान करेगी। कृषि क्षेत्र से संबंधित घोषणाओं में वित्त मंत्री ने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के लिए 'नारियल प्रोत्साहन योजना' के अलावा चंदन और अखरोट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चंदन के पारिस्थितिकी तंत्र की गरिमा बहाल करने के लिए राज्यों के साथ साझेदारी करेगी।
केंद्र सरकार प्रमुख औद्योगिक 'लॉजिस्टिक' केंद्रों के पास पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप स्थापित करेगी
February 1, 2026 12:26 pm
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को घोषणा की कि सरकार प्रमुख औद्योगिक 'लॉजिस्टिक' केंद्रों के आसपास पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप स्थापित करेगी। लोकसभा में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए सीतारमण ने देश के प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास स्थापित करने की भी घोषणा की। देश में 700 से अधिक जिले हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में मुंबई स्थित 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज' को 15,000 माध्यमिक विद्यालयों में 'कंटेंट लैब' स्थापित करने के लिए समर्थन देने का प्रस्ताव है।
वित्त मंत्री ने पांच चिकित्सकीय पर्यटन केंद्र स्थापित करने का रखा प्रस्ताव
February 1, 2026 12:20 pm
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को चिकित्सकीय पर्यटन के लिए पांच केंद्र स्थापित करने और अगले पांच वर्ष में बायोफार्मा शक्ति कार्यक्रम के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन करने का प्रस्ताव रखा। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने कहा, '' मैं राज्यों को पांच क्षेत्रीय चिकित्सकीय केंद्र स्थापित करने में सहायता देने के लिए एक योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखती हूं।'' उन्होंने कहा कि ये केंद्र एकीकृत स्वास्थ्य सेवा परिसरों के रूप में कार्य करेंगे जिनमें चिकित्सकीय, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाएं शामिल होंगी। मंत्री ने कहा, '' मैं अगले पांच वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ बायोफार्मा शक्ति परियोजना का प्रस्ताव करती हूं। इससे जैविक और 'बायोसिमिलर्स' दवाओं के घरेलू उत्पादन के लिए एक परिवेश का निर्माण होगा।'' उन्होंने कहा कि इस रणनीति में तीन नए राष्ट्रीय औषध शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (जिन्हें लोकप्रिय रूप से एनआईपीईआरएस के नाम से जाना जाता है) के साथ एक बायोफार्मा-केंद्रित नेटवर्क शामिल होगा और सात मौजूदा संस्थानों का उन्नयन किया जाएगा। सीतारमण ने कहा, '' इससे भारत में 1,000 मान्यता प्राप्त नैदानिक परीक्षण स्थलों का एक नेटवर्क भी तैयार होगा। हम वैश्विक मानकों को पूरा करने और अनुमोदन समयसीमा को पूरा करने के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को मजबूत करने का प्रस्ताव करते हैं जिसके लिए एक समर्पित वैज्ञानिक समीक्षा दल एवं विशेषज्ञों की आवश्यकता होगी।'' उन्होंने तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा।
सरकार ने हर जिले में एक बालिका छात्रावास की स्थापना की घोषणा की
February 1, 2026 12:19 pm
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के हर जिले में एक बालिका छात्रावास स्थापित करने की रविवार को घोषणा की। देश में 700 से अधिक जिले हैं। सीतारमण ने पशु चिकित्सा महाविद्यालयों, अस्पतालों और जांच प्रयोगशालाओं के लिए ऋण से जुड़ी पूंजीगत सब्सिडी सहायता योजना का भी प्रस्ताव रखा। मंत्री ने आयुष औषधालयों और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं के उन्नयन तथा गुजरात के जामनगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के पारंपरिक चिकित्सा केंद्र की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि केंद्र प्रमुख औद्योगिक 'लॉजिस्टिक' केंद्रों के आसपास के क्षेत्रों में पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप के लिए भी सहायता प्रदान करेगा।
यूपीआई लेनदेन जनवरी में 28.33 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर
February 1, 2026 11:59 am
देश में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिये होने वाला लेनदेन जनवरी में 28.33 लाख करोड़ रुपये के मूल्य और 21.70 अरब की संख्या के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई। एनपीसीआई ने बताया कि दिसंबर 2025 में लेनदेन का मूल्य 27.97 लाख करोड़ रुपये रहा था। मासिक आधार पर लेनदेन के मूल्य में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में औसत दैनिक लेनदेन 70 करोड़ रहा जिसका औसत मूल्य 91,403 करोड़ रुपये था। वर्ल्डलाइन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रमेश नरसिम्हन ने कहा, '' यूपीआई की वृद्धि की गति लगातार मजबूत हो रही है। केवल जनवरी 2026 में भारतीयों ने 28.33 लाख करोड़ रुपये के 21.7 अरब यूपीआई लेनदेन किए, जो दिसंबर की तुलना में अधिक है और सालाना आधार पर 28 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।''
नगर निगम के बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव
February 1, 2026 11:59 am
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को नगर निगम द्वारा 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के एकल बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा। वित्त मंत्री ने सरकारी सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को मजबूत करने के तहत आरईसी लिमिटेड (पूर्व में ग्रामीण विद्युतीकरण निगम) और पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) के पुनर्गठन की भी घोषणा की। मंत्री ने 'विकसित भारत के लिए बैंकिंग' पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि देश के बैंकिंग क्षेत्र की विशेषता मजबूत बैलेंस शीट और ऐतिहासिक रूप से उच्च लाभप्रदता है। उन्होंने अपने बजट भाषण में विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण उपकरण) नियमों की समीक्षा करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं।
वित्त मंत्री ने बजट में एसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष का प्रस्ताव रखा
February 1, 2026 11:57 am
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए 'चैंपियन' लघु एवं मझोले उद्यमों (एसएमई) को तैयार करने को 10,000 करोड़ रुपये का कोष स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए कंटेनर विनिर्माण की एक योजना का भी प्रस्ताव दिया। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में तकनीकी वस्त्रों के मूल्यवर्धन पर केंद्रित मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने और पांच उप-भागों वाले एक एकीकृत कपड़ा कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में उच्च गुणवत्ता वाली किफायती खेल सामग्री के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता है। इसके अलावा, खादी हथकरघा को मजबूत करने के लिए 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' पहल और 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर को पुनर्जीवित करने की योजना का भी प्रस्ताव रखा गया है।
बजट में आत्मनिर्भर भारत कोष में 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ने का प्रस्ताव
February 1, 2026 11:57 am
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को घोषणा की कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को समर्थन देने के लिए आत्मनिर्भर भारत कोष में 2026-27 में 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ी जाएगी। इस कोष की घोषणा 2023 में की गई थी ताकि उन एमएसएमई में 50,000 करोड़ रुपये की 'इक्विटी वित्तपोषण' डाला जा सके जिनमें बड़ी इकाइयों में विकसित होने की क्षमता और व्यवहार्यता हो। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने पांच उप-भागों वाला एक एकीकृत वस्त्र कार्यक्रम भी प्रस्तावित किया। यह एक ऐसा कदम जो इस क्षेत्र की मदद कर सकता है जो (क्षेत्र) अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत के भारी शुल्क के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है। अपने बजट भाषण में उन्होंने प्राकृतिक फाइबर योजना, वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना तथा राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम का प्रस्ताव रखा। मंत्री ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों से की जाने वाली सभी खरीद के लिए टीआरईडीएस को लेनदेन मंच बनाने का भी प्रस्ताव रखा। टीआरईडीएस मंच, रिसिवेबल्स एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (आरएक्सआईएल), सिडबी और एनएसई द्वारा प्रवर्तित एक संयुक्त उद्यम है। मंत्री ने कहा कि सरकार छोटे व मझोले शहरों में बुनियादी ढांचे का विकास जारी रखेगी।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय लक्ष्य को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा
February 1, 2026 11:49 am
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा, जो चालू वित्त वर्ष के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने साथ ही देश में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा की। लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार, छोटे व मझोले शहरों में बुनियादी ढांचे का विकास जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए जोखिम गारंटी कोष स्थापित करने का भी प्रस्ताव करती है। सीतारमण ने कहा कि घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने के लिए निर्माण व अवसंरचना उपकरणों के संवर्धन को एक योजना शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आईसीएआई, आईसीएसआई जैसे व्यावसायिक संस्थानों को अल्पकालिक 'मॉड्यूलर' पाठ्यक्रम तैयार करने में सहायता देने का भी प्रस्ताव करती है।
'सुधार एक्सप्रेस' अपनी राह पर : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
February 1, 2026 11:32 am
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि 'सुधार एक्सप्रेस' अपनी राह पर है और सरकार इस गति को बनाए रखेगी। उन्होंने कहा, '' हमारा कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय और वर्ग को संसाधनों, सुविधाओं एवं अवसरों तक पहुंच प्राप्त हो।'' केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि वृद्धि का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और युवा तक पहुंचे। जीएसटी, श्रम संहिता एवं गुणवत्ता नियंत्रण आदेश सहित कई सुधार 15 अगस्त से लागू किए जा चुके हैं। वित्त मंत्री ने कहा, '' सुधारों की रफ्तार तेज है और यह सिलसिला जारी रहेगा।'' उन्होंने कहा कि सरकार का कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को गति देना और उसे बनाए रखना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है। सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि गरीब, वंचित और पिछड़े लोगों पर ध्यान देना सरकार का संकल्प है।
वित्त मंत्री ने लोकसभा में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट पेश की
February 1, 2026 11:32 am
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में 2026-2031 के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कर हस्तांतरण पर 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट पेश की। संविधान के तहत गठित वित्त आयोग केंद्र और राज्यों के बीच कर के बंटवारे का एक फॉर्मूला देता है। केंद्र द्वारा लगाए गए उपकर और अधिभार इस विभाज्य पूल का हिस्सा नहीं होते। वित्त आयोग एक संवैधानिक संस्था है जो केंद्र-राज्य के वित्तीय संबंधों पर सुझाव देती है और समय-समय पर इसका पुनर्गठन किया जाता है। नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया की अगुवाई में 16वें वित्त आयोग का गठन 31 दिसंबर, 2023 को किया गया था। पनगढ़िया के नेतृत्व वाले आयोग के सदस्यों में सेवानिवृत्त एनी जॉर्ज मैथ्यू, अर्थशास्त्री मनोज पांडा, एसबीआई समूह के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष, और भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर हैं। आयोग के सचिव ऋत्विक पांडेय ने 17 नवंबर, 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपी।
सरकार ने कोरी बयानबाजी के बजाय सुधारों को चुना: सीतारमण
February 1, 2026 11:21 am
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि सरकार ने कोरी बयानबाजी के बजाय सुधारों का रास्ता चुना है। उन्होंने लोकसभा में 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि देश 'विकसित भारत' बनने की दिशा में कदम उठाता रहेगा। वित्त मंत्री ने 2026-2031 के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के बंटवारे के लिए 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट भी पेश की। यह आम बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार 9वां बजट है।
यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन में पेश किया जा रहा
February 1, 2026 11:18 am
वित्त मंत्री ने कहा, हमारी सरकार ने कोरी बयानबाजी के बजाए सुधारों पर ध्यान दिया। यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन में पेश किया जा रहा है और इसके साथ हमने तीन प्रमुख कर्तव्य तय किये हैं... अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हुए आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देना, लोगों की आंकाक्षाओं को पूरा करना और सबका साथ सबका विकास करना। देश 'विकसित भारत' बनने की दिशा में कदम उठाना जारी रखेगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वृद्धि का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं युवा तक पहुंचे। आज हम ऐसे बाहरी परिवेश का सामना कर रहे हैं जिसमें व्यापार और बहुपक्षवाद अनिवार्य हो गए हैं। सरकार का संकल्प गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों पर ध्यान देना। मजबूत वित्तीय क्षेत्र बचत जुटाने, पूंजी आवंटित करने और बेहतर शासन प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण।
हमारी नीतियों से गरीबी में कमी आई
February 1, 2026 11:09 am
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पढ़ना शुरू किया। उन्होंने कहा हमने आर्थिक सुधारों के साथ राजकोषीय सूझबूझ को बनाये रखा है, हमारी नीतियों के कारण वृद्धि मजबूत हुई है और गरीबी में कमी आई है।
मंत्रिमंडल ने आम बजट को मंजूरी दी
February 1, 2026 10:44 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को मंजूरी दे दी गई। इस मंजूरी के बाद, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में अपना नौवां रिकॉर्ड बजट पेश करेंगी। यह बजट वैश्विक अनिश्चितताओं और निर्यात में शिथिलता के बीच पेश किया जा रहा है। यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट है। सीतारमण ने 2019 में पेश अपने पहले बजट में दशकों से बजट दस्तावेजों को ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले चमड़े के ब्रीफकेस की परंपरा को तोड़ इसे टैबलेट में ले जाना शुरू किया था जिसे 'लाल पाउच' में रखा जाता है। इस साल का बजट भी कागज-रहित होगा।
सकल जीएसटी संग्रह जनवरी में 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपये से अधिक
February 1, 2026 10:21 am
सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह जनवरी में आयात से प्राप्त राजस्व में वृद्धि के दम पर 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। कुल 'रिफंड' में 3.1 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 22,665 करोड़ रुपये रहा। जनवरी में शुद्ध माल एवं सेवा कर राजस्व में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह करीब 1.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। तंबाकू उत्पादों से उपकर संग्रह जनवरी में 5,768 करोड़ रुपये रहा। जनवरी, 2025 में यह 13,009 करोड़ रुपये रहा था, जब कार तथा तंबाकू उत्पादों जैसे विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर उपकर लगाया जाता था। सरकार ने 22 सितंबर, 2025 से करीब 375 वस्तुओं पर जीएसटी की दरें कम कर दी थीं जिससे सामान सस्ता हो गया। साथ ही, पहले की तरह विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर लगने वाले उपकर के बजाय अब केवल तंबाकू तथा संबंधित उत्पादों पर ही क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है। जीएसटी दरों में कमी से राजस्व संग्रह पर असर पड़ा है। जनवरी में घरेलू लेनदेन से सकल कर संग्रह 4.8 प्रतिशत बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि आयात राजस्व 10.1 प्रतिशत बढ़कर 52,253 करोड़ रुपये रहा।
वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट पेश करने से पहले की राष्ट्रपति से मुलाकात
February 1, 2026 10:00 am
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करने से पहले रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। परंपरा के अनुसार, वित्त मंत्री संसद जाने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलीं। राष्ट्रपति भवन जाने से पहले सीतारमण ने कर्तव्य भवन स्थित अपने कार्यालय के सामने अपने बजट दल के साथ तस्वीर खिंचवाई। 'मैजेंटा' रंग की रेशमी साड़ी पहने सीतारमण ने राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न वाले एक लाल 'पाउच' (थैले) में टैबलेट पकड़ा था। उनके साथ राज्य मंत्री और उनके मंत्रालय के सभी छह सचिव भी मौजूद रहे। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री सीतारमण ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्रीय बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद वे मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल हुईं, जिसमें 2026-27 के बजट को औपचारिक रूप से मंजूरी दी जाएगी। सीतारमण ने 2019 में स्थापित की गई अपनी परंपरा को जारी रखते हुए, बजट भाषण को 'बही-खाते' में ले जाना जारी रखा। 'ब्रीफकेस' की परंपरा को छोड़ने के बाद इसकी शुरुआत की गई थी। वित्त मंत्री अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। इसमें विकास की गति को बनाए रखने, राजकोषीय मजबूती को बरकरार रखने और अमेरिकी शुल्क सहित वैश्विक व्यापारिक टकरावों से अर्थव्यवस्था को बचाने वाले सुधारों की घोषणा किए जाने की उम्मीद है।