सरकार ने 38,900 करोड़ रुपये से लड़ाकू विमानों, मिसाइल सिस्टम की खरीद को दी मंजूरी !    मोदी ने पुतिन से की बात, द्विपक्षीय मुद्दों पर हुई चर्चा !    मुंबई हवाईअड्डा घोटाला : सीबीआई के मुंबई, हैदराबाद में जीवीके समूह के कार्यालयों में छापे !    इस वर्ष राज्यों को कलशों में भरकर भेजा जाएगा गंगाजल! !    आकाशीय बिजली गिरने से 5 की मौत, 12 झुलसे !    नीट, जेईई को लेकर स्थिति की समीक्षा करेगी कमेटी !    मोबाइल फोन से चीनी ऐप डिलीट करो, मुफ्त मास्क लो! !    हमने चीन पर किया ‘डिजिटल स्ट्राइक’ : रविशंकर प्रसाद !    कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार पहुंचे तो 14 दिन के लिए खुद के खर्च पर होंगे क्वारंटीन‍! !    1948 में लगातार 5 पारियों में शतक का अनोखा रिकार्ड अब भी सर एवर्टन के नाम! !    

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खास खबर
दुश्मन पर अचूक निशाने वाला ब्रह्मास्त्र

दुश्मन पर अचूक निशाने वाला ब्रह्मास्त्र

एस-400 रक्षा प्रणाली योगेश कुमार गोयल द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर सैन्य परेड में शामिल होने के लिए तीन दिवसीय दौरे पर मॉस्को गए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रूसी उपप्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव से हुई द्विपक्षीय रक्षा संबंधों पर चर्चा के बाद उम्मीद ...

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चीन का भारत विरोधी कारोबारी चक्रव्यूह

चीन का भारत विरोधी कारोबारी चक्रव्यूह

पुष्परंजन पहली जुलाई, 2020 से बांग्लादेशी उद्योग जगत में बहार आई है, जो चीन के बाज़ार में अपना माल एक्सपोर्ट करते हैं। 8 हज़ार 256 ऐसे प्रोडक्ट हैं, जिनके निर्यात पर कोई कर चीन को नहीं देना है। यह कुल निर्यात का 97 प्रतिशत है। इससे बांग्लादेश में गारमेंट, फ्रोज़न फूड, ...

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हिंदी का हाल

हिंदी का हाल

यूपी में आठ लाख छात्र मातृभाषा में फेल यह खबर परेशान करती है कि देश के खांटी हिंदी भाषी राज्य उत्तर प्रदेश में हाई स्कूल व इंटरमीडियट के आठ लाख छात्र मातृभाषा हिंदी की परीक्षा में फेल हो गये हैं। हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा के नारों के बीच यह स्थिति बताती है ...

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जीएसटी राजस्व बढ़ाने को प्रोत्साहन जरूरी

जीएसटी राजस्व बढ़ाने को प्रोत्साहन जरूरी

  भरत झुनझुनवाला केंद्र सरकार ने राज्यों को आश्वासन दिया था कि अगले पांच वर्षों में जीएसटी के राजस्व में जो भी कमी होगी उसकी भरपाई केन्द्र सरकार करेगी। उस समय अनुमान लगाया गया था कि जीएसटी में प्रति वर्ष 14 प्रतिशत की वृद्धि होगी। लेकिन जीएसटी की वसूली पिछले दो वर्षों ...

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प्राथमिकता हो जनता के प्रति जवाबदेही

प्राथमिकता हो जनता के प्रति जवाबदेही

अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस सूरज मोहन झा संसद ही देश के लोगों की आवाज का प्रतिनिधित्व करती है। संसद सदन में चर्चा के बाद कानून को पारित करती है और कानूनों और नीतियों को लागू करने के लिए बजट का आवंटन भी करती है। संसद ही सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह भी ...

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पहुंच में हो इलाज

पहुंच में हो इलाज

निजी क्षेत्र सहयोग कर जिम्मेदारी निभाये हैदराबाद के एक निजी अस्पताल की वह घटना विचलित करती है, जिसमें मरणासन्न युवक ने अपने पिता को भेजे वीडियो मैसेज में बताया ‘अस्पताल में मेरे बार-बार कहने के बावजूद वेंटिलेटर हटा दिया गया है, मुझे तीन घंटे से आक्सीजन नहीं मिली है। मैं जा ...

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अब की बार मेहनतकशों की ‘काम वापसी’

अब की बार मेहनतकशों की ‘काम वापसी’

आज मशहूर लेखक राजेंद्र राव जी से बात हुई। करीब महीनेभर पहले भी हुई थी। विषय था—मजदूरों की वापसी। तब उन्होंने कहा था कि सारी गाड़ियां भरकर जा रही हैं। मजदूर वापस जा रहे हैं। वे गांवों की तरफ आए थे, लेकिन जल्दी ही उन्हें पता चल गया कि यहां ...

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आपकी राय

Posted On June - 9 - 2020 Comments Off on आपकी राय
अतिथि देवो, यमदूत भवो कैसे होे गया? 27 मार्च, 2020 को एक अंग्रेजी अखबार में एक न्यूज छपी —कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने राज्यों से कहा कि 18 जनवरी से 23 मार्च के बीच भारत में 15 लाख यात्रियों ने भारत में प्रवेश किया। यही ‘अतिथि देवो यमदूत भवो’ आपदा का कारण बना। ....

महिला प्रधान न्यायाधीश के इंतजार में देश

Posted On June - 9 - 2020 Comments Off on महिला प्रधान न्यायाधीश के इंतजार में देश
हमारे देश की न्यायपालिका में महिला न्यायाधीशों की भागीदारी में इजाफा हुआ है लेकिन भारत को अभी भी पहली महिला प्रधान न्यायाधीश का इंतजार है। यह इंतजार काफी लंबा हो सकता है क्योंकि फरवरी, 2027 तक ऐसी कोई संभावना नहीं है। ....

तुम्हें न सहा जाये, न तुम बिन रहा जाये

Posted On June - 9 - 2020 Comments Off on तुम्हें न सहा जाये, न तुम बिन रहा जाये
इस आशय की घोषणाएं देखने में आती हैं—चीनी उत्पादों का बहिष्कार कर दो। चीनी उत्पादों को फेंक दो। घोषणाएं बहुत जोरदार हैं, पर क्या चाइनीज उत्पादों के बगैर भारतीय जीवन संभव है। फेक्ट चैक करें, तो पता लगता है कि ओप्पो से लेकर एमआई तक मोबाइल फोन चाइनीज हैं। ....

एकदा

Posted On June - 9 - 2020 Comments Off on एकदा
एक बादशाह को अपने लिए एक निजी ख़िदमतगार की जरूरत थी। दरबार में ढेरों दास-दासियां थीं, मगर सब चापलूसी से भरे थे। बादशाह का उनसे रोज वास्ता पड़ता था, अतः वह कोई नया और मनमाफ़िक ख़िदमतगार चाहता था। ....

कोरोना करें लॉक

Posted On June - 8 - 2020 Comments Off on कोरोना करें लॉक
ऐसे वक्त में जब देश दुनिया में कोरोना संक्रमितों के लिहाज से पांचवें नंबर पर आ गया, तब सोमवार से देश में धार्मिक स्थान, मॉल, होटल-रेस्टोरेंट खुलने जा रहे हैं। अनलॉक को आजादी के रूप में लेने वाले न भूलें कि देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या ढाई लाख के करीब पहुंच गई है और मृतकों का आंकड़ा करीब सात हजार। ....

कोरोना की कारगर दवा के करीब वैज्ञानिक

Posted On June - 8 - 2020 Comments Off on कोरोना की कारगर दवा के करीब वैज्ञानिक
दुनिया में इस समय कोरोना के इलाज के लिए 150 से अधिक दवाओं पर रिसर्च चल रही है। इनमें से अधिकांश दवाएं पहले से उपलब्ध हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सबसे ज्यादा उत्साहजनक दवाओं के आकलन के लिए सोलिडेरिटी ट्रायल शुरू कर रखा है। ....

बड़े होने का मतलब

Posted On June - 8 - 2020 Comments Off on बड़े होने का मतलब
सदियों पहले कबीरदास का कहा दोहा आज सुबह से मेरे मस्तिष्क में घूम रहा था तो सोचा कि इसे ही लेखन का विषय क्यों न बनाया जाए। कबीर का वह दोहा था—बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर, पंछी को छाया नहीं फल लागे अति दूर। ....

आपराधिक कृत्यों से संकट में गजराज

Posted On June - 8 - 2020 Comments Off on आपराधिक कृत्यों से संकट में गजराज
केरल के मल्लापुरम में एक हथिनी के साथ क्रूरता का जो दृश्य सामने आया, वह इनसानियत को शर्मशार करने वाला है। ऐसी घटनाएं मानवीय आचरण की मर्यादाओं को तिलांजलि देती हैं। आखिर हम किस समाज में जी रहे हैं। क्या मनुष्य अपनी स्वार्थसिद्धि के लिए इतना नैतिक शून्य हो गया है कि न्यूनतम मानवीय मूल्य का भी जीवन में अकाल होता जा रहा है। ....

कृषि सुधारों से किसान की आस

Posted On June - 8 - 2020 Comments Off on कृषि सुधारों से किसान की आस
किसानों और कृषि की योजनाओं की बात की जाए तो हर राजनीतिक पार्टी की सरकार ने इनमें सुधार लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं। फिर भी देश में किसानों की समस्याओं के होने के पीछे कहीं न कहीं सरकारीतंत्र में भ्रष्टाचार और किसानों का अशिक्षित होना भी है। ....

एकदा

Posted On June - 8 - 2020 Comments Off on एकदा
एक शिष्य साधु के आश्रम पर पहुंचा और साधु से शिष्य बनाने की प्रार्थना करने लगा। साधु ने उससे कहा कि आप बहुत बुद्धिमान हो, जो कुछ आप जानते हो उसे लिखकर मेरे पास लाओ ताकि मैं तुम्हंे वही ज्ञान दे सकूं जो तुम्हारे पास नहीं है। ....

जीवट

Posted On June - 7 - 2020 Comments Off on जीवट
ज़िंदगी के रंग भी बड़े निराले होते हैं। कब, कौन-सा रंग आपको अनायास ही रंग देगा, यह पता ही नहीं चलता और जब आदमी रंगा जाता है, तब तो भौचक्का-सा खड़ा रह जाता है। बस, यही तो हुआ था मेरे साथ भी, जब अनायास ही रजनी मेरे सामने आकर खड़ी हो गई थी और बड़ी ही बेतकल्लुफी से बोली थी—‘अरे, क्या आप शेखर हैं?… शेखर ....

सामाजिक सरोकारों की फिल्मों के अग्रदूत

Posted On June - 7 - 2020 Comments Off on सामाजिक सरोकारों की फिल्मों के अग्रदूत
ऐसे नामी-गिरामी संस्कृति-कर्मियों, साहित्यकारों व पत्रकारों की लंबी फेहरिस्त है, जिन्होंने हरियाणा-पंजाब ही नहीं, पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उन्हीं में से एक हैं लोगों के दिलों पर राज करने वाले संपादक, साहित्यकार, फिल्मकार, निर्देशक, पटकथा लेखक ख्वाजा अहमद अब्बास। ....

भूली न जाने वाली लाहौर की विरासत

Posted On June - 7 - 2020 Comments Off on भूली न जाने वाली लाहौर की विरासत
समाज, साहित्य, भाषा एवं संस्कृति के उत्थान के लिए गत 60 साल से सक्रिय डॉ. केवल धीर ने अपनी पुस्तक ‘मैं लाहौर हूं’ में रावी नदी के तट पर बसे लाहौर के इतिहास, सांस्कृतिक थाती, इसके महल-मकानों, गली-मोहल्लों, बाग-बाजारों, मंदिर-मस्जिदों, मेलों-ठेलों और इसकी अजीमोशान शख्सीयतों आदि के बारे में जो दस्तावेजी लेख शामिल किये हैं, उनने इनके काम को बड़े मंच पर ला खड़ा किया ....

युग-प्रवर्तक महान संत

Posted On June - 7 - 2020 Comments Off on युग-प्रवर्तक महान संत
मध्यकाल में जब भारतीय जनमानस विदेशी आक्रांताओं के दमन से त्रस्त था तब युग प्रवर्तक संतों ने भारतीय जनमानस को न केवल नयी राह दिखाई वरन‍् आध्यात्मिक शक्ति से भी समृद्ध किया। इन्द्रा स्वप्न की पुस्तक ‘युग-प्रवर्तक महामानव’ में संत ज्ञानेश्वर, भक्त तुलसीदास, महाकवि सूरदास, तीर्थांकर वर्धमान महावीर, गुरुनानक देव आदि के योगदान की चर्चा है। ....

स्कूलों की दुविधा

Posted On June - 6 - 2020 Comments Off on स्कूलों की दुविधा
कोरोना संकट के चलते लागू लॉकडाउन में छूट के बाद सामान्य जीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। बाजार, मॉल व धार्मिक स्थल खुलने के बाद स्कूल-कॉलेज खोलने की बात कही जा रही है। ऐसे दौर में जब देश में कोरोना संक्रमितों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है तो अभिभावकों का अपने बच्चों को लेकर चिंतित होना स्वाभाविक है। ....

कृषि उत्पादों के कीमत संकट से जूझते किसान

Posted On June - 6 - 2020 Comments Off on कृषि उत्पादों के कीमत संकट से जूझते किसान
ओपन मार्केट इंस्टिट्यूट के निदेशक, रूढ़िवादी अमेरिकन लेखक आॅस्टिन फ्रेरिक कहते हैं, ‘1980 में प्रत्येक डाॅलर से 37 सेंट किसान के पास वापस पहुंच जाते थे। आज एक डाॅलर में से सिर्फ 15 सेंट ही किसानों को मिल पाते हैं।’ ....
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