चीन ने म्यांमार के साथ किए 33 समझौते !    दांपत्य को दीजिये अहसासों की ऊष्मा !    नेताजी के जीवन से करें बच्चों को प्रेरित !    बर्फ से बेबस ज़िंदगी !    शाबाश चिंटू !    समय की कद्र करना ज़रूरी !    बैंक लॉकर और आपके अधिकार !    शनि करेंगे कल्याण... बस रहे ध्यान इतना !    मेरी प्यारी घोड़ा गाड़ी !    इन उपायों से प्रसन्न होंगे शनि !    

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खास खबर
आदर्श और यथार्थ का टकराव

आदर्श और यथार्थ का टकराव

पुस्तक समीक्षा कमलेश भारतीय सावित्री चौधरी का दूसरा कथा-संग्रह ‘रेशमी गुच्छी’ आदर्श और यथार्थ का टकराव प्रस्तुत करती कहानियों का संग्रह है। हिंदी कहानी शुरू से ही आदर्श और यथार्थ के बीच झूलती रही। शीर्षक कथा ‘रेशमी गुच्छी’ नारी के फैसले को लोकलाज, ममता और पत्नी होना कैसे बदल देता है, ...

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विसंगतियों की तस्वीर

विसंगतियों की तस्वीर

पुस्तक समीक्षा सरस्वती रमेश हमारा समाज तरह-तरह की विडंबनाओं और त्रासदियों से भरा हुआ है। ये त्रासदियां जब तब हमारी आंखों से टकराती भी रहती हैं। लेकिन हमारी जिंदगी में ये इतनी आम हो चुकी हैं कि हम देखकर भी आंखें मूंद लेते हैं या फिर जरा सी आह निकाल भूल जाते ...

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पौराणिक कथाओं के साहित्यिक विमर्श

पौराणिक कथाओं के साहित्यिक विमर्श

पुस्तक समीक्षा केवल तिवारी कवि, लेखक शेषेंद्र शर्मा दक्षिण भारत के बड़े साहित्यिक हस्ताक्षर रहे हैं। उनके नाम से गुंटूरू शेषेन्द्र शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट बना है। हैदराबाद में स्थित इस ट्रस्ट के जरिये उनकी कई किताबें आज भी अनूदित होकर आ रही हैं। कुछ समय पहले उनकी एक किताब ‘मेरी धरती मेरे ...

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खरी बात, बिना लाग-लपेट

खरी बात, बिना लाग-लपेट

पुस्तक समीक्षा आलोक पुराणिक यश गोयल का व्यंग्य संग्रह ‘नामुमकिन नेता’ अपने समय की तमाम विसंगतियों को अपने अंदाज में रेखांकित करता है। यश गोयल की निगाह तमाम ऐसे विषयों पर जाती है जो आमतौर पर अलक्षित रह जाते हैं। फिर कई विषयों पर लिखना खासा जोखिम का काम भी होता है। ...

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बिना साम्प्रदायिक सनसनी के आगे बढ़ती प्रेमकथा

बिना साम्प्रदायिक सनसनी के आगे बढ़ती प्रेमकथा

पुस्तक समीक्षा मीरा गौतम भाल चन्द्र जोशी के उपन्यास ‘जस का फूल’ का कथानक हिन्दू लड़के और मुस्लिम लड़की की प्रेमकथा पर आधारित है। दरअसल हमें धर्म नहीं, इतिहास परास्त करता है। कथा का नायक शाहरुख हिन्दू है। इसका असली नाम जगदीश शर्मा है। दोस्तों ने उसका नाम शाहरुख रख दिया ...

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मकड़जाल

मकड़जाल

कहानी सुधा ओम ढींगरा वे दोनों बहुत देर से उससे थोड़ी दूरी पर उसके पीछे जॉगिंग कर रहे हैं। उसे शक हो गया कि वे उसका पीछा कर रहे हैं। उसके दिल की धड़कन तेज़ हो गई। जॉगिंग में उसे परेशानी होने लगी। वह रुक गई, वे दोनों भी उसके साथ ...

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चुनिंदा शेयरों में निवेश के फायदे

चुनिंदा शेयरों में निवेश के फायदे

आलोक पुराणिक जिंदगी में सफलता के लिए फोकस के महत्व की बात कई शिक्षक, कई माता-पिता करते हुए दिखते हैं। वजह साफ है कि ऊर्जा और समय सीमित है। इसे केंद्रित करके चुनिंदा लक्ष्य पर लगाया जाये, तो परिणाम आने लगते हैं। एक ही जगह गड्ढा थोड़ा-थोड़ा खोदा जाये तो हो ...

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  • मकड़जाल
     Posted On January - 19 - 2020
    वे दोनों बहुत देर से उससे थोड़ी दूरी पर उसके पीछे जॉगिंग कर रहे हैं। उसे शक हो गया कि....
  • बिना साम्प्रदायिक सनसनी के आगे बढ़ती प्रेमकथा
     Posted On January - 19 - 2020
    भाल चन्द्र जोशी के उपन्यास ‘जस का फूल’ का कथानक हिन्दू लड़के और मुस्लिम लड़की की प्रेमकथा पर आधारित है।....
  • खरी बात, बिना लाग-लपेट
     Posted On January - 19 - 2020
    यश गोयल का व्यंग्य संग्रह ‘नामुमकिन नेता’ अपने समय की तमाम विसंगतियों को अपने अंदाज में रेखांकित करता है। यश....
  • पौराणिक कथाओं के साहित्यिक विमर्श
     Posted On January - 19 - 2020
    कवि, लेखक शेषेंद्र शर्मा दक्षिण भारत के बड़े साहित्यिक हस्ताक्षर रहे हैं। उनके नाम से गुंटूरू शेषेन्द्र शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट....

मंदी के शोर ने जगायी महंगाई

Posted On December - 28 - 2019 Comments Off on मंदी के शोर ने जगायी महंगाई
मंदी-मंदी का इतना शोर मचा कि साहब महंगाई की नींद टूट गयी है। यारो यह तुमने क्या किया—सोते शेर को जगा दिया। जैसे नींद खुलते ही शेर अपने शिकार पर टूट पड़ता है, वैसे ही महंगाई भी जनता की जेब पर टूट पड़ी है। उसे एकदम खुला मैदान मिल गया है। इधर सबका ध्यान देश में नागरिकता के सवाल पर लगी आग की तरफ है ....

बदले परिदृश्य में भी पुराने मुद्दे हावी

Posted On December - 28 - 2019 Comments Off on बदले परिदृश्य में भी पुराने मुद्दे हावी
हिमाचल प्रदेश में दो साल पहले 27 दिसंबर को सत्ता परिवर्तन हुआ और कांग्रेस की वीरभद्र सिंह सरकार को सत्ता से बेदखल कर मौजूदा जयराम ठाकुर सरकार ने राज्य की बागडोर संभाली। इस दो वर्ष की अवधि में भले ही हिमाचल देश का ऐसा पहला राज्य बनने में सफल रहा जहां हर परिवार के पास रसोई गैस कनेक्शन है और लोगों की समस्याओं का न ....

बदहाली में जीवनयापन की मजबूरी

Posted On December - 28 - 2019 Comments Off on बदहाली में जीवनयापन की मजबूरी
यह दीवार पर लिखी इबारत की तरह सीधा संकेत था उस गहरे कृषि संकट की तरफ जो दशकों से चला आ रहा है। वर्ष 2017-18 के लिए नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) द्वारा राष्ट्रीय उपभोग व्यय की पेश की जाने वाली रिपोर्ट प्रस्तुत होने से पहले ही ‘लीक’ हो गई है और अब सरकार ने इसे जारी न करने का फैसला किया है। ....

अवांछित बोल

Posted On December - 28 - 2019 Comments Off on अवांछित बोल
थल सेनाध्यक्ष बिपिन रावत द्वारा दिया गया हालिया बयान विवाद का सबब बन गया है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के मुद्दे में छात्रों की भूमिका को लेकर दिए गये उनके बयान को लेकर राजनीतिक दल हमलावर हुए हैं। दरअसल, जनरल रावत ने एक आयोजन में कहा था, ‘प्रगति की राह पर ले जाने वाले नेतृत्व को ही सार्थक कहा जा सकता है। ....

आपकी राय

Posted On December - 27 - 2019 Comments Off on आपकी राय
हि.प्र. सरकार की मुख्यमंत्री गृहिणी योजना के लिए मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन लेने वालों में कुछ फर्जी आवेदन वाले भी पाये गये। अगर केंद्र और राज्य सरकारें मुफ्त दी जा रही सेवाओं की निष्पक्ष और उचित जांच करे तो और फर्जीवाड़े सामने आ सकते हैं। ....

एकदा

Posted On December - 27 - 2019 Comments Off on एकदा
संत बसवेश्वर अपने घुमंतू स्वभाव के अनुसार गांव-गांव भ्रमण कर रहे थे। एक बार सेठ के निमंत्रण पर वे उसके घर गए। सेठ ने संत का उचित आदर-सत्कार करते हुए शीतल जल पीने को दिया। तभी कुछ लोग सेठ से मिलने आए। भीषण गर्मी में वे सब आंगन में खड़े थे। सेठ ने उन्हें देखा और कहा—आप लोग बाद में आइएगा। ....

रपटीली राहों में नेता-अभिनेता

Posted On December - 27 - 2019 Comments Off on रपटीली राहों में नेता-अभिनेता
आखिर अमिताभ बच्चन के लाख समझाने के बावजूद दक्षिण भारत के सुपरस्टार रजनीकांत ने विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर ही दी। ऐसा लगता है कि सुपरस्टार रजनीकांत महानायक अमिताभ बच्चन के राजनीतिक जीवन से कोई सबक लेना ही नहीं चाहते! ....

हेमंत ऋतु में आया सोरेन का वसंत

Posted On December - 27 - 2019 Comments Off on हेमंत ऋतु में आया सोरेन का वसंत
नि:संदेह झारखंड की पथरीली जमीन पर शिबू सोरेन ने राजनीतिक पहचान की इमारत खड़ी की थी, उसी पर बेटे हेमंत सोरेन ने विजय पताका फहरायी है। हेमंत ने राजनीति विरासत में पायी है और उसे सजाया-संवारा है। कहना अतिशयोक्ति होगी कि वे कोई करिश्माई नेता हैं मगर उनमें झारखंड के आदिवासी समाज को उम्मीद दिखती है। ....

चीनी साइबर लुटेरों से सांसत में सरकारें

Posted On December - 27 - 2019 Comments Off on चीनी साइबर लुटेरों से सांसत में सरकारें
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 अक्तूबर, 2019 को काठमांडो आये थे। उस समय पूरी कोशिश हुई थी कि नेपाल, चीन द्वारा प्रस्तावित प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर कर दे। इस संधि का साइड इफेक्ट प्रत्यक्ष दिख रहा था, क्योंकि तिब्बती शरणार्थी इसकी ज़द में आते। इसे रोकने को लेकर अपरोक्ष दबाव अमेरिकी दूतावास का था। ....

सुधार की धार

Posted On December - 27 - 2019 Comments Off on सुधार की धार
हाल ही में संसद में पेश की गई कैग की रिपोर्ट में रेलवे की जो खस्ता हालत तस्वीर उभरी है, उसने देशवासियों को चिंतित ही किया है। संभवत: उसी आलोक में केंद्र सरकार ने रेलवे के प्रबंधन में आमूलचूल परिवर्तन का मन बनाया है। कहा जा रहा है कि इस परिवर्तन से विभिन्न विभागों में टकराव के कारण रेलवे की जो गति मंथर हो रही ....

आपकी राय

Posted On December - 26 - 2019 Comments Off on आपकी राय
नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल द्वारा हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार डेंगू के मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में स्थिति काफी चिंताजनक है। डेंगू के मरीजों की संख्या में इज़ाफा होना दर्शाता है कि लोगों में साफ-सफाई के प्रति जागरूकता की कमी है। ....

एकदा

Posted On December - 26 - 2019 Comments Off on एकदा
ऋषि अंगिरा के शिष्यों में एक था उदयन। वह काफी प्रतिभाशाली था पर उसमें विनम्रता की कमी थी। वह हर समय अपने गुणों का बखान करता और अपने सहपाठियों का मजाक उड़ाता रहता था। ऋषि ने सोचा कि समय रहते इसे न समझाया गया तो यह लक्ष्य से भटक जाएगा। ....

नये साल में कुछ हो नया

Posted On December - 26 - 2019 Comments Off on नये साल में कुछ हो नया
साल 2019 देखते-देखते चला गया और 2020 समझो आ ही गया। ज्यादा नहीं, बस 19-20 का ही फर्क है। इस ज़रा से फर्क में पूरे तीन सौ पैंसठ दिनों का इतिहास दर्ज है, असंख्य गाथायें और उतार-चढ़ाव। साल बदलने का सबसे ज्यादा फर्क पड़ता है दीवार पर। चुपचाप एक दिन सुबह पुराना कैलेंडर उतर जायेगा और नया लटक जायेगा। जैसे झारखंड में एक सरकार उतर ....

कर्जजाल के बीच बढ़ता बीआरआई का विरोध

Posted On December - 26 - 2019 Comments Off on कर्जजाल के बीच बढ़ता बीआरआई का विरोध
श्रीलंका के ‘हंबनटोटा’ बंदरगाह पर कब्जे को पुनः याद करवाते हुए, चीन केन्या के अत्यंत लाभकारी ‘मुंबासा’ बंदरगाह पर भी काबिज होने जा रहा है। चीन जल्द ही अपने ऋण की अदायगी न होने के कारण यह कार्यवाही करने जा रहा है। यही नहीं, नैरोबी स्थित अंतर्देशीय कंटेनर डिपो भी चीन द्वारा अधिग्रहण के खतरे में है। ....

नागरिकता संशोधन कानून पर सतर्कता जरूरी

Posted On December - 26 - 2019 Comments Off on नागरिकता संशोधन कानून पर सतर्कता जरूरी
कोई हैरानी नहीं कि 11 दिसम्बर को संसद में पारित हुए नागरिकता संशोधन कानून के बाद देश और विदेश में बवाल खड़ा हो गया। इस कानून के तहत खासतौर पर तीन पड़ोसी मुस्लिम देशों यानी पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए अल्पसंख्यकों जैसे कि हिंदू-सिख-बौद्ध-जैन-पारसी और ईसाई शरणागतों को नागरिकता प्रदान करने की राह खुल गई है। ....

एनपीआर की जरूरत

Posted On December - 26 - 2019 Comments Off on एनपीआर की जरूरत
केंद्र सरकार ने जनगणना-2021 की प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को अपडेट करने की मंजूरी दे दी है। जनगणना पूरे देश की होगी, जबकि एनपीआर में असम को छोड़कर देश की बाकी आबादी को शामिल गया है। असम को इस प्रक्रिया से इसलिए बाहर रखा गया है, क्योंकि वहां एनआरसी हो चुका है। ....
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