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बड़ी छतरी तले दीर्घकालीन सुरक्षा

बड़ी छतरी तले दीर्घकालीन सुरक्षा

आलोक पुराणिक निवेश का माहौल इन दिनों तरह-तरह की अनिश्चितताओं से भरा हुआ है। किसी न किसी वजह से शेयर बाजारों में विकट उथलपुथल है। चीन-अमेरिका का व्यापार युद्ध नये आयाम ले रहा है। ग्लोबल बाजार में तरह-तरह के नकारात्मक समाचार तैर रहे हैं। चीन मंदी की ओर है। भारत में ...

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नेतृत्व की विकल्पहीनता से जूझती कांग्रेस

नेतृत्व की विकल्पहीनता से जूझती कांग्रेस

शायद यह कांग्रेस के इतिहास में पहली बार हुआ होगा कि कांग्रेस कार्यकारिणी समिति की बैठक सवेरे से आधी रात के बाद तक चलती रही हो और परिणाम के नाम पर ढाक के तीन पात वाली बात ही सिद्ध हो। राहुल गांधी का पार्टी के अध्यक्ष पद से हटने के ...

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सुनहरे सफ़र की गगनभेदी सफलताएं

सुनहरे सफ़र की गगनभेदी सफलताएं

इसरो के 50 साल शशांक द्विवेदी इस बार का स्वतंत्रता दिवस कई मायनों में खास है क्योंकि इसरो इस बार अपनी स्थापना के 50 साल पूरे कर रहा है। 15 अगस्त 1969 को ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की स्थापना हुई थी। इन 50 सालों में इसरो ने कई उतार-चढ़ाव ...

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समग्र विकास में बाधक विषमता की खाई

समग्र विकास में बाधक विषमता की खाई

दरअसल राजकुमार सिंह आज भारत 73वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। पराधीनता से स्वाधीनता हासिल करने का दिन हर्षोल्लास से मनाया ही जाना चाहिए। बेशक आजादी का वास्तविक अर्थ और महत्व वही समझ सकता है, जिसने गुलामी का दंश झेला हो। आजाद भारत का सफर भी कम शानदार नहीं रहा है। आखिर ...

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आजादी की जिम्मेदारी

आजादी की जिम्मेदारी

जवाबदेही से ही समृद्ध लोकतांत्रिक विरासत ‘स्वतंत्रता’ शब्द मात्र शाब्दिक बोध मात्र नहीं है, इस शब्द के गहरे निहितार्थ हैं। संघर्ष, बलिदान व त्याग की सदियों से चली अकथ कहानियों का मर्म निहित है स्वतंत्रता दिवस में। तमाम ज्ञात व अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों ने इस दिन के लिये जो यातनाएं सही, ...

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समस्या का स्थायी समाधान तलाशें

समस्या का स्थायी समाधान तलाशें

रोहित कौशिक इस समय देश के अनेक हिस्से बाढ़ से जूझ रहे हैं। महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक और गुजरात में स्थिति भयावह है। मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और असम में भी बाढ़ ने कहर बरपाया है। विभिन्न सूत्रों से बाढ़ प्रभावित लोगों के भिन्न-भिन्न आंकड़े आ रहे हैं। हालांकि बाढ़ से प्रभावित ...

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युद्ध की आर्थिकी नहीं झेल पाएगा पाक

युद्ध की आर्थिकी नहीं झेल पाएगा पाक

हाल ही में 11 अगस्त को पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी महंगाई के आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान में महंगाई छलांगें लगाकर बढ़ रही है। जुलाई 2019 में पाकिस्तान में महंगाई दर 10.34 फीसदी रही जो कि पिछले साल जुलाई 2018 में 5.86 फीसदी थी। पुलवामा आतंकी हमले के बाद ...

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  • नेतृत्व की विकल्पहीनता से जूझती कांग्रेस
     Posted On August - 17 - 2019
    शायद यह कांग्रेस के इतिहास में पहली बार हुआ होगा कि कांग्रेस कार्यकारिणी समिति की बैठक सवेरे से आधी रात....
  •  Posted On August - 17 - 2019
    12 अगस्त के दैनिक ट्रिब्यून में ‘कामकाजी संस्कृति में जगह तलाशती औरत’ लेख में सुरेश सेठ ने यह बताने की....
  • बड़ी छतरी तले दीर्घकालीन सुरक्षा
     Posted On August - 17 - 2019
    निवेश का माहौल इन दिनों तरह-तरह की अनिश्चितताओं से भरा हुआ है। किसी न किसी वजह से शेयर बाजारों में....
  •  Posted On August - 17 - 2019
    लगता है जी कि देश की खुशी को किसी की नजर लग गयी है। कुछ लोगों को लगता है कि....

आदर्शों के द्वंद्व से उपजे प्रश्न

Posted On July - 28 - 2019 Comments Off on आदर्शों के द्वंद्व से उपजे प्रश्न
‘कर्फ्यू’ में संगृहीत कहानियां न केवल अंतर्मन को झिंझोड़ती हैं, बल्कि कई शाश्वत सत्यों के प्रति सवाल खड़ा करती हैं। देश, समाज और व्यवस्था में सच्चाई, ईमानदारी व सात्विकता के अवमूल्यन के प्रश्न को यहां बखूबी उघाड़ा गया है। आदर्शवाद के पदचिन्हों पर चलने वालों का इन दिनों क्या हश्र हो रहा है, उसे ‘ट्राई-साइकिल’ के राजेश, ‘अपराध की परिभाषा’ के जुगल तथा ‘सूरज निकलेगा’ ....

कहानियों में विसंगतियों के दंश

Posted On July - 28 - 2019 Comments Off on कहानियों में विसंगतियों के दंश
आधुनिक हिन्दी साहित्य में कहानी का मिजाज बदलता, ढलता, उभरता भी रहा है। कथा आंदोलनों में इसके अलंबरदारों ने जितने और जैसे नाम कहानी के लिए इस्तेमाल किए, उस तरह उनके पैरोकार आज न के बराबर हैं। समांतर कहानी, अकहानी, सहज कहानी, सचेतन कहानी के नामलेवा भी खामोश हैं, तो भी शैली, शिल्प के आधार पर ही नहीं, कथ्य और मुहावरे के स्तर पर भी ....

रोमांचक सफर पर दिल से घुमक्कड़ी

Posted On July - 28 - 2019 Comments Off on रोमांचक सफर पर दिल से घुमक्कड़ी
महज लिखने के लिए यात्रा वृत्तांत लिखना और यात्राओं को जी कर लिखने में फर्क होता है। फिर यदि घुमक्कड़ी का जबरदस्त ज़ज्बा हो, यात्राओं में जीवन का मकसद हो और लेखन का हुनर हो, तो यात्रा वृत्तांत पढ़ना यात्रा के साथ-साथ चलने जैसा अहसास दे जाता है। जीवटता की धनी अलका कौशिक की हालिया पुस्तक ‘घुमक्कड़ी दिल से’ पढ़ते हुए इसका शीर्षक सार्थक हो ....

युवा मन के सपनों और संघर्ष का टकराव

Posted On July - 28 - 2019 Comments Off on युवा मन के सपनों और संघर्ष का टकराव
उपन्यास ‘पिघलती धूप में साये’ को पढ़ते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि लेखक अमर कुशवाहा भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन होने तक की निजी कशमकश को रचना में आकार दे रहा है। दो मित्र—साकार और अनिमेष दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक कमरा किराये पर लेकर प्रशासनिक सेवा में चयनार्थ अध्ययन कर रहे हैं। अन्य सब चिंताएं अध्ययन और चयन के सम्मुख बौनी दिखाई ....

एक रात की कहानी

Posted On July - 28 - 2019 Comments Off on एक रात की कहानी
सर्दियों की गहराती रात! ऊपर से धुंध के कारण दूर-दूर तक कुछ भी दिखाई नहीं पड़ रहा था। शहर के मुख्य चौराहे पर खम्भों के ऊपर लगी लाल, पीली और हरी बत्तियां अपनी-अपनी ड्यूटी बजा रही थीं। सन्नाटे को तोड़ने व समय काटने के लिए तीनों परस्पर बतियाने लगीं। ऐसा लगता है कि ये जलने-बुझने वाली बत्तियां न होकर तीन बहनें हों, जो फुर्सत में ....

आपकी राय

Posted On July - 27 - 2019 Comments Off on आपकी राय
वर्ष 1969 में स्थापित हुए इसरो ने 11 साल पहले चंद्रयान-1 मिशन चांद की ओर भेजा था। चंद्रयान-1 के कारण भारत को चांद पर पानी की उपस्थिति की जानकारी जुटाने का श्रेय जाता है। ....

एकदा

Posted On July - 27 - 2019 Comments Off on एकदा
शिबली एक असाधारण सूफ़ी संत थे। प्रारम्भ में वह नगर के अमीर थे और तमाम संसारियों की तरह ही उनका व्यवहार था, मगर अनायास घटी एक घटना ने उनके जीवन में विरक्ति ला दी। एक उत्सव के अवसर पर खलीफा ने अपने सभी दरबारियों को वस्त्रों की एक-एक जोड़ी उपहार में दी। ....

दारोगाई के बाद पंचाती का चस्का

Posted On July - 27 - 2019 Comments Off on दारोगाई के बाद पंचाती का चस्का
कभी किसी दारोगा को आपने पंचाती बनते देखा है? बल्कि वह तो वक्त-बेवक्त पंचातियों को हड़काता ही रहता है। दारोगा का पंचाती बनते वैसे भी शोभा नहीं देता। जिसका काम उसी को साजे। ....

धैर्यपूर्वक निवेश के दूरगामी फायदे

Posted On July - 27 - 2019 Comments Off on धैर्यपूर्वक निवेश के दूरगामी फायदे
केंद्र सरकार के बजट के आने के बाद शेयर बाजार में लगातार चिंता का माहौल है। बजट में कुछ ऐसे प्रावधान हैं, जिनसे शेयर बाजार में असुरक्षा का माहौल है और इसलिए बाजार गिर रहा है। 25 जुलाई 2019 के हिसाब से देखें तो मुंबई शेयर बाजार का सूचकांक सेंसेक्स 37,831 बिंदु पर बंद हुआ है। ....

सभ्य समाज में कानून का सम्मान जरूरी

Posted On July - 27 - 2019 Comments Off on सभ्य समाज में कानून का सम्मान जरूरी
उस दिन देश में दो घटनाएं एक साथ हुईं : पहली भारत के चंद्रयान की सफल उड़ान की, दूसरी, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल द्वारा आतंकवादियों को यह सलाह देने की कि पुलिस और सेना के लोगों को मारने के बजाय वे भ्रष्टाचारियों पर गोलियां चलायें। वैसे देखा जाये तो इन दो घटनाओं को एक साथ रखकर देखने का कोई तुक दिखायी नहीं देता, पर दोनों का ....

नशे से साझी जंग

Posted On July - 27 - 2019 Comments Off on नशे से साझी जंग
समाज में युवा पीढ़ी को खोखला करने वाले नशे के घातक कारोबार के खिलाफ नौ राज्यों का एकजुट होना नई उम्मीद जगाता है। हरियाणा की पहल पर चंडीगढ़ में आयोजित अंतरराज्यीय कानफ्रेंस में एक साथ आए हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान व उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों ने प्रतिबद्धता जाहिर की कि नशे के खिलाफ सुनियोजित ढंग से लड़ाई लड़ी जानी चाहिए। यह तथ्य किसी से छिपा ....

आपकी राय

Posted On July - 26 - 2019 Comments Off on आपकी राय
मानवीय जीवन में जो उथल-पुथल और बेचैनी बढ़ती जा रही है, वह चिंतनीय है। आत्महत्याओं के निरंतर समाचार विचलित करते हैं। सामूहिक आत्महत्याएं किसी भी संवेदनशील व्यक्ति का दिल दहला देती हैं। आर्थिक रूप से संपन्न और खुशहाल व्यक्तियों में भी बेचैनी इस कदर हावी होने लगी है कि वे आत्मघाती कदम उठाते समय अपनी मासूम संतानों को भी मौत के आगोश में धकेल देते ....

एकदा

Posted On July - 26 - 2019 Comments Off on एकदा
शेख सादी एक बड़े फकीर और विचारक थे। एक दिन वह कहीं जा रहे थे। रास्ते में एक भिखारी बैठा था। वह बहुत प्रसन्न दिखता था। भिखारी को देख शेख सादी ने सोचा कि वे एक संत होकर भी दिन भर उदास रहते हैं पर वह भिखारी अभाव में जीते हुए भी खुश था। ....

कितने झूठों को काटेगा कौआ

Posted On July - 26 - 2019 Comments Off on कितने झूठों को काटेगा कौआ
एक प्रसिद्ध फिल्मी गीत है : झूठ बोले कौआ काटे, काले कौए से डरियो। कई बार सोचता हूं कि झूठ बोलने पर कौआ काटने वाली बात में कुछ सच्चाई है भी या नहीं। कम से कम मेरे देखने, सुनने अथवा पढ़ने में तो अब तक ऐसा कोई मामला नहीं आया कि जिसमें किसी व्यक्ति ने झूठ बोला हो और उसे किसी कौए ने काट लिया ....

अधर्म के रन की टीस और धर्मसेना

Posted On July - 26 - 2019 Comments Off on अधर्म के रन की टीस और धर्मसेना
अंपायर के एक फैसले की चूक से कैसे विश्व कप पहली टीम की किस्मत से फिसलकर दूसरी टीम की झोली में चला जाता है, उसकी मिसाल है चर्चित अंपायर कुमार धर्मसेना का एक विवादित निर्णय। जिसकी टीस निष्पक्ष क्रिकेट चाहने वाले प्रशंसकों को सालों-साल सालती रहेगी। 14 जुलाई को विश्व कप 2019 के  फाइनल में जो घटनाक्रम घटा, उसने क्रिकेट जगत को स्तब्ध किया। ....

इमरान पर ट्रंप की मेहरबानी के निहितार्थ

Posted On July - 26 - 2019 Comments Off on इमरान पर ट्रंप की मेहरबानी के निहितार्थ
ट्रंप मेहरबान तो इमरान पहलवान! आज की तारीख़ में पाकिस्तान की घरेलू राजनीति में प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की ताक़त बढ़ी है, यह दिखाया जाने लगा है। अमेरिका से लौट आने पर पाकिस्तान में इमरान ख़ान का स्वागत जिस तरह से उनके सांसद कर रहे हैं, उससे इसकी झलक मिलने लगी है। अमेरिका से प्राप्त यह ताक़त देश में 40 अतिवादी समूहों के सफाये में इमरान ....
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