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खास खबर
आदर्श और यथार्थ का टकराव

आदर्श और यथार्थ का टकराव

पुस्तक समीक्षा कमलेश भारतीय सावित्री चौधरी का दूसरा कथा-संग्रह ‘रेशमी गुच्छी’ आदर्श और यथार्थ का टकराव प्रस्तुत करती कहानियों का संग्रह है। हिंदी कहानी शुरू से ही आदर्श और यथार्थ के बीच झूलती रही। शीर्षक कथा ‘रेशमी गुच्छी’ नारी के फैसले को लोकलाज, ममता और पत्नी होना कैसे बदल देता है, ...

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विसंगतियों की तस्वीर

विसंगतियों की तस्वीर

पुस्तक समीक्षा सरस्वती रमेश हमारा समाज तरह-तरह की विडंबनाओं और त्रासदियों से भरा हुआ है। ये त्रासदियां जब तब हमारी आंखों से टकराती भी रहती हैं। लेकिन हमारी जिंदगी में ये इतनी आम हो चुकी हैं कि हम देखकर भी आंखें मूंद लेते हैं या फिर जरा सी आह निकाल भूल जाते ...

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पौराणिक कथाओं के साहित्यिक विमर्श

पौराणिक कथाओं के साहित्यिक विमर्श

पुस्तक समीक्षा केवल तिवारी कवि, लेखक शेषेंद्र शर्मा दक्षिण भारत के बड़े साहित्यिक हस्ताक्षर रहे हैं। उनके नाम से गुंटूरू शेषेन्द्र शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट बना है। हैदराबाद में स्थित इस ट्रस्ट के जरिये उनकी कई किताबें आज भी अनूदित होकर आ रही हैं। कुछ समय पहले उनकी एक किताब ‘मेरी धरती मेरे ...

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खरी बात, बिना लाग-लपेट

खरी बात, बिना लाग-लपेट

पुस्तक समीक्षा आलोक पुराणिक यश गोयल का व्यंग्य संग्रह ‘नामुमकिन नेता’ अपने समय की तमाम विसंगतियों को अपने अंदाज में रेखांकित करता है। यश गोयल की निगाह तमाम ऐसे विषयों पर जाती है जो आमतौर पर अलक्षित रह जाते हैं। फिर कई विषयों पर लिखना खासा जोखिम का काम भी होता है। ...

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बिना साम्प्रदायिक सनसनी के आगे बढ़ती प्रेमकथा

बिना साम्प्रदायिक सनसनी के आगे बढ़ती प्रेमकथा

पुस्तक समीक्षा मीरा गौतम भाल चन्द्र जोशी के उपन्यास ‘जस का फूल’ का कथानक हिन्दू लड़के और मुस्लिम लड़की की प्रेमकथा पर आधारित है। दरअसल हमें धर्म नहीं, इतिहास परास्त करता है। कथा का नायक शाहरुख हिन्दू है। इसका असली नाम जगदीश शर्मा है। दोस्तों ने उसका नाम शाहरुख रख दिया ...

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मकड़जाल

मकड़जाल

कहानी सुधा ओम ढींगरा वे दोनों बहुत देर से उससे थोड़ी दूरी पर उसके पीछे जॉगिंग कर रहे हैं। उसे शक हो गया कि वे उसका पीछा कर रहे हैं। उसके दिल की धड़कन तेज़ हो गई। जॉगिंग में उसे परेशानी होने लगी। वह रुक गई, वे दोनों भी उसके साथ ...

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चुनिंदा शेयरों में निवेश के फायदे

चुनिंदा शेयरों में निवेश के फायदे

आलोक पुराणिक जिंदगी में सफलता के लिए फोकस के महत्व की बात कई शिक्षक, कई माता-पिता करते हुए दिखते हैं। वजह साफ है कि ऊर्जा और समय सीमित है। इसे केंद्रित करके चुनिंदा लक्ष्य पर लगाया जाये, तो परिणाम आने लगते हैं। एक ही जगह गड्ढा थोड़ा-थोड़ा खोदा जाये तो हो ...

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  • मकड़जाल
     Posted On January - 19 - 2020
    वे दोनों बहुत देर से उससे थोड़ी दूरी पर उसके पीछे जॉगिंग कर रहे हैं। उसे शक हो गया कि....
  • बिना साम्प्रदायिक सनसनी के आगे बढ़ती प्रेमकथा
     Posted On January - 19 - 2020
    भाल चन्द्र जोशी के उपन्यास ‘जस का फूल’ का कथानक हिन्दू लड़के और मुस्लिम लड़की की प्रेमकथा पर आधारित है।....
  • खरी बात, बिना लाग-लपेट
     Posted On January - 19 - 2020
    यश गोयल का व्यंग्य संग्रह ‘नामुमकिन नेता’ अपने समय की तमाम विसंगतियों को अपने अंदाज में रेखांकित करता है। यश....
  • पौराणिक कथाओं के साहित्यिक विमर्श
     Posted On January - 19 - 2020
    कवि, लेखक शेषेंद्र शर्मा दक्षिण भारत के बड़े साहित्यिक हस्ताक्षर रहे हैं। उनके नाम से गुंटूरू शेषेन्द्र शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट....

फोटो के सहारे मलाईदार निवाले

Posted On December - 31 - 2019 Comments Off on फोटो के सहारे मलाईदार निवाले
बदलती तकनीक ने जिन धंधों को चौपट किया है, फोटोग्राफी का धंधा उनमें से एक है। एक वक्त था जब फोटोग्राफी स्टूडियो हुआ करते थे कई-कई एक ही शहर में। अब तो जिस भी बंदे के हाथ में मोबाइल है, वह कई फोटोग्राफी स्टूडियो जेब में धरे घूम रहा है। न फोटोग्राफी में वह बात रही, न फोटो में। अब तो बस तमाम किस्म के ....

निष्पक्ष सुनवाई और बचाव के अवसर

Posted On December - 31 - 2019 Comments Off on निष्पक्ष सुनवाई और बचाव के अवसर
महिलाओं और किशोरियों से बलात्कार और उनकी हत्या की घटनाओं में निरंतर हो रही वृद्धि को देखते हुये ऐसे मुकदमों का तेजी से निपटारे और दोषियों को कठोरतम सजा देने की मांग लगातार हो रही है। इस तरह के अपराधों से संबंधित मुकदमों की तेजी से सुनवाई सुनिश्िचत करने के लिये कानून में पर्याप्त प्रावधान भी किये गये हैं। ....

भूमिगत तालाबों में हो जल संग्रह की कोशिश

Posted On December - 31 - 2019 Comments Off on भूमिगत तालाबों में हो जल संग्रह की कोशिश
सरकार ने योजना बनाई है कि किसानों द्वारा जल के उपयोग में सुधार करने के लिए उन्हें संगठित किया जायेगा। जिन पंचायतों द्वारा पानी का सदुपयोग किया जायेगा उन्हें विशेष प्रोत्साहन दिया जायेगा। उन्हें अधिक रकम आवंटित की जाएगी। वर्तमान में किसानों द्वारा जल की अधिक खपत करने वाली फसलें भारी मात्रा में उपजाई जा रही हैं। ....

बयान पर बवाल

Posted On December - 31 - 2019 Comments Off on बयान पर बवाल
मेरठ के एसपी सिटी द्वारा उपद्रव के दौरान कथित रूप से पाक समर्थन में नारे लगा रहे लोगों को पाक चले जाने की सलाह देने वाले वीडियो के वायरल होने पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल तो इस टिप्पणी पर आक्रामक हैं ही, केंद्र सरकार व राज्य की भाजपा सरकार इस मुद्दे पर विभाजित नजर आ रही है। ....

जन संसद

Posted On December - 30 - 2019 Comments Off on जन संसद
आज के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के बजाय राजनीतिक खेल का हिस्सा ज्यादा बनते जा रहे हैं। हाल ही में देखा गया कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया वि.वि. के कुछ विद्यार्थी नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे थे। इससे अन्य पढ़ने वाले छात्रों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। ....

एकदा

Posted On December - 30 - 2019 Comments Off on एकदा
संत रैदास जूतों की मरम्मत करते हुए प्रभु भक्ति में लीन रहा करते थे। एक बार राजा ने महाभोज का आयोजन किया तो कुछ ब्राह्मणों ने भोज से पूर्व गंगा स्नान की योजना बनाई। रैदास ने एक ब्राह्मण को एक नारियल सौंपते हुए कहा— भाई, इसे गंगा मैया में प्रवाहित कर देना। ....

बचपन और वो छत…

Posted On December - 30 - 2019 Comments Off on बचपन और वो छत…
शाम होते ही हम छत पर चढ़ जाते। लक्की और मैं। दोनों अठन्नी-अठन्नी मिलाकर दो पतंगें ले आते। अंधेरा होने तक हवा में गुथे रहते। अंधेरे में पतंग उड़ाने की तरकीबें सोचा करते। एक दिन लक्की ने हार मान ली। मैं जुटा रहा। कुछ समय बाद समझ आया कि हवा की दिशा ही पतंग की दिशा हो जाती है। ....

बांटने से ही हल्का जीवन का सफर

Posted On December - 30 - 2019 Comments Off on बांटने से ही हल्का जीवन का सफर
कहते हैं कि जब विश्व विजेता का सपना देखने वाले सिकंदर का अंतिम समय आया तो उसने अपने दरबार के बड़े अधिकारियों को बुलाकर कहा कि मेरे जनाजे के आगे-आगे इस देश के सभी हकीमों को चलने देना, ताकि लोग जान सकें कि मौत को कोई रोक नहीं सकता। मेरे सारे सेनापतियों को आगे रखना ताकि लोग जान सकें कि सबसे ताकतवर सम्राट की सेना ....

बेहतर दुनिया हेतु उत्सर्जित कार्बन का उपयोग

Posted On December - 30 - 2019 Comments Off on बेहतर दुनिया हेतु उत्सर्जित कार्बन का उपयोग
कार्बन डाइऑक्साइड को ईंधन या निर्माण सामग्री में बदलने का काम एक नया वैश्विक उद्योग बन सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड तथा पांच अन्य संस्थानों द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में यह बात कही गई है। यदि ऐसा हुआ तो इससे ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण को फायदा होगा। ....

सोरेन का शपथ ग्रहण

Posted On December - 30 - 2019 Comments Off on सोरेन का शपथ ग्रहण
हेमंत सोरेन का झारखंड में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह विपक्षी एकजुटता का मौका बन गया। इसे आदिवासियों के उन्नायक बिरसामंडा के विचारों की लीक पर चलने वाली सरकार बताया जा रहा है। उनके साथ मंत्रिपद की शपथ लेने वालों में दो कांग्रेस व एक आरजेडी विधायक भी शामिल थे। ....

रचनाकर्म की उर्वरा भूमि बना रहा पंजाब

Posted On December - 29 - 2019 Comments Off on रचनाकर्म की उर्वरा भूमि बना रहा पंजाब
यह वर्ष पंजाब की धरती पर साहित्य-सृजन का अनूठा वर्ष रहा। कविता, कहानी, उपन्यास, संस्मरण, साक्षात्कार जैसी विधाओं की पुस्तकें प्रकाशित और चर्चित हुईं। वरिष्ठ और नये लेखकों के एक साथ सक्रिय होने से विचार-विमर्श की भावभूमि उर्वर रही। साल ने बहुत से युवाओं को अपनी जमीन तलाशने और आसमान को विस्तार देने का मौका भी दिया। ....

मुख्यधारा के साहित्य में जगह बनाता सृजन

Posted On December - 29 - 2019 Comments Off on मुख्यधारा के साहित्य में जगह बनाता सृजन
बाहर से देखने पर हरियाणा के 2019 के परिदृश्य में सन्नाटा-सा दिखाई देता है, लेकिन पड़ताल करने पर यहां की अनेक कृतियां मुख्यधारा के साहित्य में स्थान बनाती दिखती हैं। इस वर्ष कविता के विविध रूपों पर राज्य के कलमकारों ने कलम चलाई है। लघुकथा भले लोकप्रिय हो रही हो, लेकिन लम्बी कविताओं का दौर अब भी जारी है। कंवलनयन कपूर की छह लम्बी कविताएं ....

गंगा जैसे निर्मल, गंगा प्रसाद विमल

Posted On December - 29 - 2019 Comments Off on गंगा जैसे निर्मल, गंगा प्रसाद विमल
क्या हवाएं थीं कि उजड़ा प्यार का वह आशियाना, कुछ न आया काम तेरा शोर करना गुल मचाना। सुप्रसिद्ध कवि डॉ. हरिवंश राय बच्चन की कविता की ये पंक्तियां आज मुझे कचोट रही हैं। क्योंकि साहित्यिक दुनिया के जाने माने हस्ताक्षर डॉ. गंगा प्रसाद विमल अब हमारे बीच नहीं रहे। श्रीलंका में अपने परिवार के साथ यात्रा पर गए विमल जी का एक सड़क दुर्घटना ....

वैचारिक विभाजन के बावजूद सक्रियता-रचनात्मकता

Posted On December - 29 - 2019 Comments Off on वैचारिक विभाजन के बावजूद सक्रियता-रचनात्मकता
जहां एक तरफ डिजिटल ज़माने ने किताबों को लेकर एक नई सोच विकसित की है और मोबाइल या लैपटॉप पर ई-बुक्स पढ़ने का प्रचलन बढ़ा है, वहीं 2019 में भी प्रकाशन उद्योग तेजी से फलता-फूलता दिखाई देता रहा। जनवरी के पहले और दूसरे हफ्ते में दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले से शुरू होने वाले साहित्यिक जमावड़े का सिलसिला एक नई चेतना और तौर-तरीकों के साथ पूरे ....

आपकी राय

Posted On December - 28 - 2019 Comments Off on आपकी राय
अफग़ानिस्तान की मंडियों से प्याज़ के ट्रक प्रतिदिन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की मंडियों में पहुंच रहे हैं। गोदामों में भी प्याज़ का स्टॉक कस्टम विभाग की औपचारिकताओं के बाद का पहुंच रहा है। लेकिन कहना कठिन है कि आपूर्ति अर्थव्यवस्था में मांग के संतुलन को पूरा कर पाएगी। ....

एकदा

Posted On December - 28 - 2019 Comments Off on एकदा
एक साधु पनघट पर गया और पानी पीकर पत्थर पर सिर रखकर सो गया। पनघट पर एक पनिहारिन आई तो उसने कहा—आहा! साधु हो गया, फिर भी तकिए का मोह नहीं गया। पत्थर का ही सही, लेकिन रखा तो है। पनिहारिन की बात साधु ने सुन ली। उसने तुरंत पत्थर फेंक दिया। ....
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