पंचकूला स्थिति नियंत्रण में, 278 लोग घरों में क्वारंटाइन !    ... तो बढ़ेगा लॉकडाउन! !    प्रतिबंध हटा, अमेरिका भेजी जा सकेगी हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन !    पहली से नवीं, 11वीं के विद्यार्थी अगली कक्षा में प्रमोट !    खौफ बच्ची को दफनाने से पंचायत का इनकार !    सरपंच सहित 7 की रिपोर्ट पॉजिटिव !    पुराने तालों के चलते जेल से फरार हुए थे 4 कैदी !    पाक में 500 नये मामले !    स्पेन में रोजाना 743 मौतें !    ईरान में 133 और मौतें !    

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खास खबर
कब तक बंदी

कब तक बंदी

बचाव के साथ आर्थिक हितों की भी चिंता जैसे ही देशव्यापी लॉकडाउन का तीसरा सप्ताह शुरू हुआ, हर तरफ इस बात को लेकर कयास लगाये जा रहे हैं कि चौदह अप्रैल के बाद देशव्यापी बंदी खत्म होगी? यदि हां, तो उसको हटाये जाने की प्रक्रिया कैसी होगी? क्या यह आंशिक होगी? ...

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मुकदमों का बोझ कम करने की बने रणनीति

मुकदमों का बोझ कम करने की बने रणनीति

लॉकडाउन प्रभाव अनूप भटनागर कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश में 21 दिन के संपूर्ण लॉकडाउन से न्यायपालिका का कामकाज भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शीर्ष अदालत से लेकर निचली अदालतों तक सिर्फ अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई होने से न्यायपालिका में लंबित मुकदमों का बोझ और ज्यादा हो जाने की ...

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भावनात्मक रूप से सशक्त बने पुलिस

भावनात्मक रूप से सशक्त बने पुलिस

विकास नारायण राय जब प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर लोगों को घर में रहकर काम करने का आह्वान किया और देश में ‘छूत रोग कानून-1897’ और ‘आपदा प्रबंधन कानून-2005’ के प्रावधान लागू कर दिए गए, उसके बाद से घर से बाहर अकारण घूमते पाए जाने वालों को पुलिस ने ...

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मुकाबले की बड़ी सोच

मुकाबले की बड़ी सोच

महामारी से निपटने को पहल जरूरी यह स्वागतयोग्य कदम ही है कि प्रधानमंत्री समेत सांसदों के वेतन का तीस फीसदी हिस्सा कोरोना की महामारी से निपटने पर खर्च होगा। यह राशि  एक साल तक दी जायेगी। साथ ही दो वर्ष की सांसद निधि राशि भी इसी मकसद के लिए उपयोग की ...

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अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए नयी रणनीति बने

अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए नयी रणनीति बने

कोरोना वायरस का अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालीन प्रभाव तीन अनिश्चितताओं से निर्धारित होगा। पहली अनिश्चितता यह कि इसके नियंत्रण के लिए वैक्सीन का आविष्कार हो पाता है या नहीं। वैक्सीन के आविष्कार हो जाने से इस रोग को थामा जा सकेगा। इसके अभाव में यह रोग और बढ़ सकता है। दूसरी ...

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जन संसद

जन संसद

जनता कर्फ्यू की सार्थकता मनोबल बढ़ाया देश के प्रधानमंत्री मन, वचन और कर्म से हर समय देश तथा जनता के हित के बारे में सोचते हैं। वजह है कि अधिकांश जनता इन पर विश्वास करती है। जनसंख्या घनत्व अधिक होने तथा सीमित साधनों के कारण देश में कोरोना से अत्याधिक विनाश की ...

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विपदाओं और जीवन के बीच मनुष्यता

विपदाओं और जीवन के बीच मनुष्यता

समाज सुनील मिश्र पिछले कुछेक दिन से विश्व प्राणघातक संक्रमण के समय से गुजर रहा है। दूसरे देशों से जानलेवा बीमारी के रूप में जिस तरह से एक भयावहता हमारे देश में आयी है उसने एक बार फिर भविष्य को लेकर सभी को अन्देशे से भर दिया है। यह ऐसे वक्त ...

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  • भावनात्मक रूप से सशक्त बने पुलिस
     Posted On April - 8 - 2020
    जब प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर लोगों को घर में रहकर काम करने का आह्वान किया और देश....
  • कब तक बंदी
     Posted On April - 9 - 2020
    जैसे ही देशव्यापी लॉकडाउन का तीसरा सप्ताह शुरू हुआ, हर तरफ इस बात को लेकर कयास लगाये जा रहे हैं....
  • मुकदमों का बोझ कम करने की बने रणनीति
     Posted On April - 8 - 2020
    कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश में 21 दिन के संपूर्ण लॉकडाउन से न्यायपालिका का कामकाज भी बुरी तरह....
  •  Posted On April - 8 - 2020
    अचानक गांव में दिखाई पड़े संगीन अपराधी भूरा से मैंने पूछा—और भैया क्या हाल-चाल है। पैरोल पर कब छूट कर....

प्रतिस्पर्धा से डरें नहीं

Posted On March - 19 - 2010 Comments Off on प्रतिस्पर्धा से डरें नहीं
पंद्रहवीं लोकसभा के चुनावों में जनादेश लेकर अपनी दूसरी पारी शुरू करने वाली मनमोहन सिंह सरकार के लिए यह निश्चय ही चिंता का विषय होना चाहिए कि उसके एक और विधेयक की राह में विपक्षी एकता की मजबूत दीवार खड़ी होती दिख रही है। यह विधेयक विदेशी शिक्षण संस्थानों को भारत में अपने कैंपस खोलने की अनुमति देने से संबंधित है। सोमवार को हुई केबिनेट की बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी गयी है। साफ है 

कब होगा हॉकी का आईपीएल

Posted On March - 19 - 2010 Comments Off on कब होगा हॉकी का आईपीएल
खबरों की खबर गुरमीत सिंह हाल ही में पंजाब विश्वविद्यालय में एक कोर्स के दौरान व्याख्यान के लिए आए इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मनोहरलाल ने अपने भाषण में कहा कि जब भारत क्रिकेट में कोई बड़ा मैच जीतता है तो वे रोते हैं क्योंकि इससे बाकी खेल दो कदम और पीछे हो जाते हैं। उनकी बात सुनने में अटपटी लग सकती है और एक क्रिकेट-प्रेमी होने के नाते मुझे भी 

रोने के फायदे!

Posted On March - 18 - 2010 Comments Off on रोने के फायदे!
सागर में गागर सागर में गागर रोने का रोना लेकर बैठ जाओ तो फायदे ही फायदे हैं। रोना जीवन में बहुत काम आता है। जिसे रोना नहीं आता, समझो वह पिछड़ गया। बात-बात पर आंखों से आंसू बहने लगें तो समझो जीवन नैया पार लग गई। रोने के लिए यह कतई आवश्यक नहीं कि आप वास्तव में रोयें ही रोयें, बस रोने की कला आनी चाहिए। वैज्ञानिक रूप से रोना भले लाभदायक नहीं हो, परन्तु कलात्मक रूप से रोना फायदे का मूल है। 

अरब देशों से संबंध किस कीमत पर

Posted On March - 18 - 2010 Comments Off on अरब देशों से संबंध किस कीमत पर
विदेश नीति ४विष्णुगुप्त जवाहर लाल नेहरू का मुस्लिम देशों खासकर अरब देशों से अतिरिक्त प्रेम था। इस्राइल के प्रश्न पर जवाहर लाल नेहरू अरब देशों से भी दो कदम आगे थे। जवाहर लाल नेहरू की यह अतिरिक्त प्रेम की नीति का अनुसरण इंदिरा गांधी ने भी किया। जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की शायद यह सोच रही होगी कि अरब देशों की निकटता और सहयोग से दुनिया में उनकी धाक बढ़ेगी और समर्थन 

नक्सली हिंसा और बेबस सरकार

Posted On March - 18 - 2010 Comments Off on नक्सली हिंसा और बेबस सरकार
निरंकार सिंह बजट सत्र का शुभारंभ करते हुए राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा था कि ‘पश्चिम बंगाल और बिहार में इस हफ्ते हुए नक्सली हमले इस बात का सबूत हैं कि नक्सली सिर्फ हिंसा करना जानते हैं। लेकिन सरकार इनसे डरेगी नहीं। इन हमलों ने हमारे नक्सलवाद उन्मूलन के संकल्प को और मजबूत कर दिया है।Ó राष्ट्रपति के इस बयान के बाद नक्सली हिंसा का एक और हादसा बंगाल में ही हुआ। इसमें पुलिस का 

आपके पत्र

Posted On March - 18 - 2010 Comments Off on आपके पत्र
सराहनीय कदम संदीप राव, बघवाणा, भिवानी हरियाणा के वित्तमंत्री ने वर्ष 2010-11 का वार्षिक बजट पेश किया। उनके द्वारा शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की तिथि 31 मार्च निश्चित करना एक सराहनीय कदम है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच सत्र में बाधित नहीं होगी और उनकी पढ़ाई जारी रहेगी। इस प्रकार के प्रयास शिक्षा के विकास में कारगर कदम साबित होंगे। इससे विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में सुधार 

किससे शिकायत करें?

Posted On March - 18 - 2010 Comments Off on किससे शिकायत करें?
राकेश रोहिला, जगाधरी यमुनानगर सिटी सेंटर वाली सड़क पर श्मशान भूमि के पास सीवरेज का ढक्कन काफी समय से गायब है। ऐसे में किसी हादसे का डर हमेशा बना रहता है। संबंधित विभाग से शिकायत करने पर टाल-मटोल वाली बात ही नज़र आयी। बार-बार शिकायत करने पर सीवरेज पर ढक्कन रखने की सांत्वना तो दी गई परंतु सवाल यह उठता है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों का रवैया इस प्रकार नकारात्मक रहे तो आम जनता किससे 

भाजपा की नैया

Posted On March - 18 - 2010 Comments Off on भाजपा की नैया
युधिष्टिïर लाल कक्कड़, गुडग़ांव भाजपा एक बार फिर राम मंदिर, गंगा शुद्धि और कश्मीर जैसे मुद्दों के सहारे अपनी नैया को पार लगाना चाहती है। इंदौर में पार्टी के तीन दिन चले महाकुंभ में हुए मंथन से निकले निचोड़ से तो  यही आभास होता है। पार्टी को यह ध्यान रखना पड़ेगा कि ये मुद्दे अब कितने प्रासंगिक रह गए हैं। इंदौर में कितने नेता कुटिया छोड़कर होटलों में रहे? इससे कार्यकर्ताओं में क्या संदेश 

न तो राहत, न ही कर

Posted On March - 18 - 2010 Comments Off on न तो राहत, न ही कर
अकाली-भाजपा गठबंधन के चौथे वार्षिक बजट को आंकड़ों की बाजीगरी कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। इससे न तो आम जन को राहत मिली है और न ही कोई नये कर लगे। हां, पहले से ही बिजली-संकट से दो-चार हो रहे राज्य के लोगों को बिजली पर तीन प्रतिशत की अतिरिक्त ड्यूटी चुकानी पड़ेगी। कहने को तो राज्य सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाया लेकिन इससे पहले सुखबीर-कालिया कमेटी की सिफारिशों पर प्रदेश में वैट पर सैस  

भाजपा का नया चेहरा

Posted On March - 18 - 2010 Comments Off on भाजपा का नया चेहरा
भारतीय जनता पार्टी का चिरप्रतीक्षित नया चेहरा भी सामने आ ही गया। महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष पद से सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बिठा दिये गये नितिन गडकरी ने नवरात्र के पहले दिन अपनी जिस टीम की घोषणा की है, उसमें नये चेहरों की कमी तो नहीं है। महिला आरक्षण विधेयक पर अंतर्कलह से जूझ रही भाजपा ने अपने संगठन में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दे दिया है। युवाओं को भी आगे लाने की कोशिश की गयी 

आपके पत्र

Posted On March - 17 - 2010 Comments Off on आपके पत्र
नारे-दावे मात्र ढकोसला अक्षित गुप्ता, रादौर रूस से आए लड़ाकू विमान को भारतीय वायुसेना में शामिल किए जाने के अवसर पर आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री ने कहा, कि हम अपनी एक-एक इंच जमीन की रक्षा करेंगे। कौन-सी जमीन की बात की जा रही है। वह जमीन जो पाकिस्तान और चीन के कब्जे में गयी है? बेहद अफसोसनाक स्थिति की सूचना तो गत दिनों लद्दाख से भी मिली, जहां यह सामने आया कि चीन ने धीरे-धीरे, इंच-इंच 

दमन से बेहतर है शांति-वार्ता

Posted On March - 17 - 2010 Comments Off on दमन से बेहतर है शांति-वार्ता
नक्सलवाद अखिलेश आर्येन्दु पिछले महीने जब केंद्र सरकार ने नक्सली समस्या का हल पुलिस और सेना के जरिए निकालने की घोषणा की थी तभी देश के बुद्धिजीवियों और समाजकर्मियों के बीच एक चर्चा इसकी सफलता और विफलता को लेकर होने लगी थी। राजनीतिक गलियारों में भी यह महसूस किया जाने लगा था कि हिंसा का जवाब हिंसा से देने पर समाधान नहीं निकल सकता है। 15 फरवरी को जब पं$ बंगाल के मिदनापुर जिले के सिल्दा 

मार्च का महापर्व

Posted On March - 17 - 2010 Comments Off on मार्च का महापर्व
सागर में गागर योगेश चन्द्र शर्मा सरकारी दफ्तरों में काम करने वालों के लिए मार्च महीने का विशेष महत्व है। लेखा विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों को इन दिनों अवकाश मिलना कठिन होता है। उन्हें अपनी सीट पर कुछ अधिक ही बैठना पड़ता है। मटरगश्ती कम हो जाती है और चाय के दौर बढ़ जाते हैं। वैसे इस चाय के लिए उन्हें अपनी जेब सेे व्यय कम ही करना पड़ता है। इन दिनों उन्हें खिलाने-पिलाने वाले 

बसपा की ‘माया’

Posted On March - 17 - 2010 Comments Off on बसपा की ‘माया’
बहुजन समाज पार्टी के बीते पच्चीस साल शून्य से एक बड़े राज्य के सत्ता-शिखर तक पहुंचने की दास्तां बयां करते हैं। लखनऊ में पार्टी के पच्चीस साल पूरे होने पर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जो जश्न मनाया उसके वे हकदार हैं। पार्टी के संस्थापक कांशीराम ने समाज के उपेक्षित तबके को केंद्र में रखकर जिस बहुजन समाज पार्टी की शुरुआत की थी, उसकी सफलता का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि आज बसपा देश के 

हरियाणा के अपराधी पुलिसकर्मी

Posted On March - 17 - 2010 Comments Off on हरियाणा के अपराधी पुलिसकर्मी
अपना हरियाणा वाकई नंबर वन बन गया। चहुंमुखी विकास और प्रति व्यक्ति आय के क्षेत्र में नंबर वन होने के दावों में कितना दम है, यह तो पता नहीं, पर हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स के ही व्यापारियों से चौथ वसूली का सच सीसीटीवी कैमरों में कैद है। घटना पानीपत की है, पर क्या यह पूरे पुलिस तंत्र के आचरण और व्यवहार को बेनकाब नहीं करती? पुलिसकर्मियों पर तरह-तरह के अनुचित ही नहीं, आपराधिक कामों में 

सबसिडी में कटौती नहीं, दिशा-परिवर्तन की ज़रूरत

Posted On March - 17 - 2010 Comments Off on सबसिडी में कटौती नहीं, दिशा-परिवर्तन की ज़रूरत
अर्थव्यवस्था डा. भरत झुनझुनवाला खाद्य सबसिडी का मूल उद्देश्य गरीब को राहत पहुंचाना है जो उच्च वर्ग को सस्ते खाद्यान्न की सप्लाई से नहीं हासिल हो सकता है। परन्तु खाद्य सबसिडी को गरीब तक पहुंचाना भी दुष्कर कार्य है। एक अध्ययन में पाया गया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से 36 प्रतिशत खाद्यान्न का लीकेज हो जाता है और 21 प्रतिशत उच्चवर्गीय लोगों को चला जाता है। गरीब के नाम पर दिये जा रहे 
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