हिमाचल प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 71वां गणतंत्र दिवस !    राष्ट्रीय पर्व पर दिखी देश की आन, बान और शान !    71वें गणतन्त्र की चुनौतियां !    देखेगी दुनिया वायुसेना का दम !    स्कूली पाठ्यक्रम में विदेशी ज्ञान कोष !    जहां महर्षि वेद व्यास को दिये थे दर्शन !    व्रत-पर्व !    पंचमी पर सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग !    गणतन्त्र के परमवीर !    छब्बीस जनवरी !    

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खास खबर
फौजी जीवन की कहानियां

फौजी जीवन की कहानियां

पुस्तक समीक्षा महासिंह पूनिया ‘हरी मुस्कराहटों वाला कोलॉज’ एक फौजी की कलम से वर्दी वाले सैनिकों के लिए 21 कहानियों का एक ऐसा दस्तावेज है, जिसमें भारतीय सैनिकों की शहादत एवं उनके अनुभवों को कहानी स्वरूप में प्रस्तुत कर अनूठा प्रयास किया है। पुस्तक में लेखक गौतम राजऋषि ने हीरो, दूसरी शहादत, ...

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बहुरंगी दोहों का संग्रह

बहुरंगी दोहों का संग्रह

पुस्तक समीक्षा रघुविन्द्र यादव ‘घेरे में है चांदनी’ राजेश जैन राही का नव-प्रकाशित दोहा संग्रह है, जिसमें उनके 361 दोहे संगृहीत किए गए हैं। इस कृति को 72 शीर्षकों में बांटा गया है। सहज, सरल भाषा में रचे गये इन दोहों में रिश्तों का खोखलापन, रग-रग में समाया भ्रष्टाचार, धार्मिक उन्माद, बिगड़ता ...

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कतरा-कतरा लम्हों की पड़ताल

कतरा-कतरा लम्हों की पड़ताल

पुस्तक समीक्षा रतन चंद ‘रत्नेश’ डॉ. शशि मंगल द्वारा लिखित समीक्ष्य कृति ‘कतरा-कतरा ज़िंदगी’ अपने शीर्षक के अनुरूप ज़िंदगी के कतरा-कतरा लम्हों की गंभीर पड़ताल करती है। संग्रह में संकलित इन इक्कीस कहानियों में जीवन से जुड़े गहरे चिंतन और मानसिक द्वंद्व गुंफित हैं जो गहन पठन की मांग करते हैं। पति-पत्नी ...

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साहित्यिक आस्वादन कुछ कसैला-सा

साहित्यिक आस्वादन कुछ कसैला-सा

पुस्तक समीक्षा जीतेंद्र अवस्थी ‘उस रात के बाद’ सिद्धहस्त लेखक केशव प्रसाद मिश्र का सातवां उपन्यास है। उनके चर्चित नावल ‘कोहबद की शर्त पर’, ‘नदिया के पार’ और ‘हम आपके हैं कौन’ जैसी लोकप्रिय और सफल फिल्में बन चुकी हैं। केशव प्रसाद मिश्र ने तीन सौ पचास से ज्यादा कहानियां लिखी हैं। ...

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गहन अंधेरे के उघड़े सच

गहन अंधेरे के उघड़े सच

पुस्तक समीक्षा मनमोहन सहगल ‘गहन है यह अंधकारा’ अमित श्रीवास्तव का प्रथम उपन्यास है, जिसमें लेखक ने अपनी व्यावसायिक जानकारी और दैनिक अनुभवों को आधार बनाकर समाज के एक ऐसे पक्ष का उद्घाटन किया है, जिस पर समाज की सुरक्षा का दायित्व है, जबकि भ्रष्टाचार के क्षेत्र में सवाचार की कुलांच दिए ...

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मास्टर शामलाल

मास्टर शामलाल

स्मृति-कथा सुभाष रस्तोगी यहां एक धर्मशाला के बाहरी हिस्से में दो-दो कमरों के छह मकान थे। बायें से पहले मकान में देश बायोलिजिकल का स्टोर था, दूसरे मकान में पं. दुर्गादत्त शास्त्री रहते थे जो हरगोलाल गर्ल्ज स्कूल में लड़कियों को संस्कृत पढ़ाते थे। तीसरे मकान में धर्मशाला के मालिक की ...

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आसान नहीं भाजपा की राह

आसान नहीं भाजपा की राह

आलोक यात्री दिल्ली विधानसभा में नामांकन पूर्ण होने के बाद कड़ाके की ठंड के साथ सियासी पारा तेजी से चढ़ता जा रहा है। केजरीवाल की अगुवाई में आम आदमी पार्टी सत्ता बरकरार रखने की कवायद में है तो कांग्रेस अपना खोया जनाधार पाने की जद्दोजहद में जुटी है। बीते साल केंद्र ...

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  • मास्टर शामलाल
     Posted On January - 26 - 2020
    यहां एक धर्मशाला के बाहरी हिस्से में दो-दो कमरों के छह मकान थे। बायें से पहले मकान में देश बायोलिजिकल....
  • गहन अंधेरे के उघड़े सच
     Posted On January - 26 - 2020
    ‘गहन है यह अंधकारा’ अमित श्रीवास्तव का प्रथम उपन्यास है, जिसमें लेखक ने अपनी व्यावसायिक जानकारी और दैनिक अनुभवों को....
  • साहित्यिक आस्वादन कुछ कसैला-सा
     Posted On January - 26 - 2020
    ‘उस रात के बाद’ सिद्धहस्त लेखक केशव प्रसाद मिश्र का सातवां उपन्यास है। उनके चर्चित नावल ‘कोहबद की शर्त पर’,....
  • कतरा-कतरा लम्हों की पड़ताल
     Posted On January - 26 - 2020
    डॉ. शशि मंगल द्वारा लिखित समीक्ष्य कृति ‘कतरा-कतरा ज़िंदगी’ अपने शीर्षक के अनुरूप ज़िंदगी के कतरा-कतरा लम्हों की गंभीर पड़ताल....

मंत्री जी का प्रेम-व्रेम

Posted On April - 27 - 2010 Comments Off on मंत्री जी का प्रेम-व्रेम
अतुल कनक सागर में गागर लोकतंत्र में मंत्री होना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है मंत्री की प्रेमिका होना। कुछ लोग इस बात पर भले ही हल्ला करें कि शादीशुदा होने के बावजूद मंत्री प्रेम-व्रेम के चक्कर में पड़े हुए हैं, लेकिन साहब प्रेम करना व्यक्ति का अधिकार है। इस बारे में पार्टी भी कोई बयान-वयान देने को तैयार नहीं है। जब कबीर जैसे महाकवि ने ही यह कह 

आपके पत्र

Posted On April - 27 - 2010 Comments Off on आपके पत्र
पवित्र बंधन सत्यनारायण नेहरा, मोहब्बतपुर उच्चतम न्यायाल्य ने सहजीवन के एक अहम फैसले में स्त्री-पुरुष  को बगैर शादी के साथ रहने की स्वतंत्रता प्रदान की। यह प्राचीन भारतीय संस्कति को करारा झटका है। हालांकि, आधुनिकता से सराबोर शहरी जीवन में यह एक हद तक लागू हो सकता है, परन्तु ग्रामीण क्षेत्रों मे आज भी विवाह को पवित्र बंधन माना जाता है। इसी माध्यम से ही एक दम्पति को आजीवन साथ रहने 

आपके पत्र

Posted On April - 26 - 2010 Comments Off on आपके पत्र
मुनाफाखोरी मधुरदीप अंसल, गुडग़ांव देश में मुनाफाखोरी पर अंकुश लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। अक्सर देखा गया है कि वस्तुओं के अधिकतम खुदरा मूल्य एवं वास्तविक मूल्य में काफी अंतर होता है। आखिर ऐसी लूट की आज़ादी क्यों? मुनाफाखोरी भी महंगाई बढऩे का मुख्य कारण है। कई बार तो चंद कदमों की दूरी पर ही चीजों के भाव अचम्भे में डाल देते हैं। लाभ कमाने के मानक तय करने चाहिए। वस्तुओं की कीमतों 

ट्वीटिंग मायने क्या?

Posted On April - 26 - 2010 Comments Off on ट्वीटिंग मायने क्या?
बात की बात सहीराम कोई पढ़ा-लिखा आदमी अगर आपसे यह कहे कि ट्वीटिंग का मतलब चहकना होता है, तो आप बिल्कुल विश्वास मत करना क्योंकि आजकल इसका मतलब हाय-तौबा भी हो गया है। चिडिय़ों का चहकना बेशक दिल खुश कर देता है। लेकिन चिडिय़ां तो आजकल रही नहीं। पहले गिद्घ गए, अब सुना है गोरैया भी गयी। अरे चिडिय़ां क्या लोगों का बस चले तो कुडिय़ां भी न रहें। कुछ भ्रूण हत्याओं की भेंट चढ़ जाएं और कुछ खाप पंचायतों 

न्याय की आयु लंबी हो

Posted On April - 26 - 2010 Comments Off on न्याय की आयु लंबी हो
कानून कचहरी शंकर शरण सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवा आयु बढ़ाने का मामला विचाराधीन है। अभी इस पर कोई मतैक्य नहीं हो पाया है। यह न केवल न्यायाधीशों की गरिमा, न्यायपालिका की स्वतंत्रता बल्कि उसकी गुणवत्ता से भी जुड़ा प्रश्न है। वस्तुत: यह न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच स्वस्थ संबंधों से भी जुड़ता है। कुछ समय से उसमें आ रही विकृतियां चिंताजनक हैं। न्याय के ऊंचे गलियारों 

भारत के खिलाफ चीन की साइबर जंग

Posted On April - 26 - 2010 Comments Off on भारत के खिलाफ चीन की साइबर जंग
साइबर वार निरंकार सिंह अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और भारत सहित दुनिया के कई देश चीनी ”साइबर वार” से त्रस्त हैं। साइबर स्पेस में लड़ी जाने वाली जंग को ”साइबर वार” कहते हैं। पश्चिमी देशों और चीन के माहिर हैकर्स के बीच साइबर वार शुरू हो चुकी है। हाल में अमेरिका और भारत के कई सैन्य संस्थानों पर साइबर हमले हुए। यह हमले खुफिया सूचना जुटाने के मकसद से किये गये थे। 

खुद बीमार चिकित्सा शिक्षा

Posted On April - 26 - 2010 Comments Off on खुद बीमार चिकित्सा शिक्षा
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष केतन देसाई की गिरफ्तारी से इस प्रतिष्ठित और शक्तिशाली संस्था में भ्रष्टाचार व्याप्त होने की चर्चाओं की पुष्टि ही हुई है। डॉ. देसाई को तब गिरफ्तार किया गया जब वह पंजाब में एक मेडिकल कॉलेज को मान्यता देने के एवज़में दो करोड़ रुपये की रिश्वत ले रहे थे। ज़ाहिर है, मेडिकल कॉलेज को मान्यता आदि देने के एवज़में रिश्वत लेने की यह पहली घटना नहीं रही होगी। 

तन में धूनी-भस्म है, मन में है शृंगार

Posted On April - 25 - 2010 Comments Off on तन में धूनी-भस्म है, मन में है शृंगार
सोलन के निकट कथित स्वामी नित्यानंद की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर यह साबित हुआ कि भक्तों को भोग-विलास से दूर रहकर मुक्ति का मार्ग दिखाने वाले कलियुगी संतों की हकीकत क्या है। दिल्ली, नोएडा, बेंगलुरु की शृंखला में अनेक ऐसे कथित स्वामियों की पोल खुलने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। धर्म की आड़ में वासना की उपासना का यह हाईटेक खेल विदेशों से आकर हमारे समाज में घर कर गया लेकिन इस घिनौने 

हिंदी की सेवा में अंग्रेजी व आईटी

Posted On April - 25 - 2010 Comments Off on हिंदी की सेवा में अंग्रेजी व आईटी
गुरमीत सिंह हिंदी हाईटेक कुछ सालों पहले तक बहुत से लोगों को लगता था कि इंटरनेट या सूचना प्रौद्योगिकी(आईटी) की दृष्टि से हिंदी का कोई भविष्य नहीं है। इसकी बड़ी वजह यही थी कि कंप्यूटर पर हिंदी में काम करना बहुत मुश्किल बना हुआ था, जो इंटरनेट या सूचना प्रौद्योगिकी के असीमित संसार में प्रवेश के लिए बुनियादी शर्त थी। यह सही भी है कि कुछ सालों पहले तक हिंदी फांट और कीबोर्ड लेआउट 

उदात्त चिन्तन से सराबोर कविताएं

Posted On April - 25 - 2010 Comments Off on उदात्त चिन्तन से सराबोर कविताएं
डा. योगेन्द्र नाथ शर्मा ‘अरुण’ कवयित्री डा. नीरोत्तमा और मौदगिल का कविता-संग्रह ‘जीवन के रंग हजार’की कविताएं उनके उदात्त चिन्तन एवं सकारात्मक दृष्टिकोण का दर्पण कही जा सकती हैं। इस काव्य-संग्रह के ‘प्राक्कथन’में डा. कुसुम लता वर्मा ने कहा है — ‘समाज को समय-समय पर सच का आईना दिखना ही साहित्य का कार्य है अन्यथा समाज इस अराजकता को नियति मान कर निष्क्रिय हो जाएगा।’ 

दर्द में डूबी ‘मीना कुमारी की शायरीÓ

Posted On April - 25 - 2010 Comments Off on दर्द में डूबी ‘मीना कुमारी की शायरीÓ
डा. रेणुका नैय्यर फिल्म जगत में मीना कुमारी ने एक सफल अभिनेत्री के रूप में कई दशकों तक अपार लोकप्रियता प्राप्त की, लेकिन वह केवल उच्चकोटि की अभिनेत्री ही नहीं एक अच्छी शायरा भी थीं। अपने दर्द, ख्वाबों की तसवीरों और $गम के रिश्तों को उन्होंने जो जजबाती शक्ल अपनी शायरी में दी, वह बहुत कम लोगों को मालूम है। प्रस्तुत पुस्तक ‘मीना कुमारी की शायरी’ का संपादन विख्यात गीतकार 

‘पंजाबी बाल साहित्य विशेषांक’ का लोकार्पण

Posted On April - 25 - 2010 Comments Off on ‘पंजाबी बाल साहित्य विशेषांक’ का लोकार्पण
हिंदी भाषा सम्मेलन की ओर से आयोजित करवाये गए दो दिवसीय साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान भाषा विभाग, पंजाब के सभागार में पंजाब के शिरोमणि बाल साहित्य लेखक डॉ. दर्शन सिंह आशट द्वारा मेहमान संपादक के तौर पर संपादित सुप्रसिद्ध हिंदी बाल पत्रिका ‘बाल वाटिका’ (भीलवाड़ा-राजस्थान) के पंजाबी बाल साहित्य विशेषांक का लोकार्पण पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला के वीसी डॉ. जसपाल सिंह ने किया। अपने 

उमर अब्दुल्ला के वादे-इरादे

Posted On April - 24 - 2010 Comments Off on उमर अब्दुल्ला के वादे-इरादे
जम्मू-कश्मीर सरीखे सीमावर्ती और संवेदनशील राज्य के लिए 15 महीने का मुख्यमंत्रित्वकाल बहुत ज्य़ादा नहीं होता, लेकिन उमर अब्दुल्ला एक सही रास्ते पर जाते अवश्य दिखाई पड़ते हैं। बेशक वह राजनीतिक परिवार से हैं। पहले दादा शेख अब्दुल्ला और फिर पिता फारूक अब्दुल्ला मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इसलिए मुख्यमंत्री बनना उनके लिए शायद सबसे बड़ी उपलब्धि नहीं है, सबसे युवा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला 

क्या श्रीलंका मेंं राजपक्षे उदारवादी रवैया अपनायेंगे?

Posted On April - 24 - 2010 Comments Off on क्या श्रीलंका मेंं राजपक्षे उदारवादी रवैया अपनायेंगे?
डा. गौरीशंकर राजहंस हाल में श्रीलंका में जो संसद का चुनाव हुआ है उसमें राष्टï्रपति राजपक्षे को अभूतपूर्व सफलता मिली है। उनकी पार्टी ‘यूनाइटेड पीपुल्स फ्रीडम एलायंस'(यूपीडीए) को प्राय: दो-तिहाई मत प्राप्त हो गए हैं। श्रीलंका में कोई दलबदल विरोधी कानून नहीं है। विपक्ष के अनेक सांसद मुंह-बाये खड़े हैं और वे किसी भी समय राजपक्षे की पार्टी में सम्मिलित हो सकते हैं। हाल में किसी 

खुशी मनाने का कातिलाना अंदाज़!

Posted On April - 24 - 2010 Comments Off on खुशी मनाने का कातिलाना अंदाज़!
डा. रेणुका नैयर हर कोई चाहता है कि जीवन में खुशियां मनाने के बार-बार मौके आयें और जब मौका आता है तो अपनी हैसियत के अनुसार खुशियों का स्वागत करने में पीछे नहीं रहते। कोई मिठाइयां बांटता है तो कोई बैंड-बाजे बजवाता है और कोई यार-दोस्तों को अपनी खुशी में शरीक होने के लिए आमंत्रित करता है। इस बात का भी ध्यान रखा जाता है कि कोई मेहमान इस खुशी के मौके पर नाराज होकर न जाए या कोई अप्रिय घटना 

श्रीमुख से

Posted On April - 24 - 2010 Comments Off on श्रीमुख से
मैं ललित के साथ हूं। आईपीएल ललित की ही सोच है और उन्हीं के कारण यह संभव हुआ है। – अभिनेत्री शिल्पा शेट्टïी, मुंबई में आईपीएल अय्याशी का अड्डïा है। स्विस बैंकों में जमा काले धन का खेल के बहाने शोधन किया जा रहा है। क्रिकेट को केंद्र अपने अधीन करे। – राजद मुखिया, लालू प्रसाद यादव, दिल्ली में भगवान का शुक्र है कि मैंने आईपीएल में पैसा नहीं लगाया, वरना मैं इस तरह मुस्कुराहट के साथ बेफिक्र 
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