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खास खबर
सभ्यता की धूप और धुंध

सभ्यता की धूप और धुंध

कमलेश भारतीय यह बात बिल्कुल सही है। कवि समाज को न केवल समझता है बल्कि अपनी कविताओं के माध्यम से अच्छे-बुरे हर बदलाव पर कमेंट भी करता है। सचेत करता है समाज को और नयी पीढ़ी को। यही कोशिश—धुंध, धुआं और धूप काव्य संग्रह के कवि सुरेशचंद्र सर्वहारा ने की है। ...

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परवरिश पर सशक्त हस्ताक्षर

परवरिश पर सशक्त हस्ताक्षर

मीनाक्षी वाशिष्ठ कैसे मां-बाप हैं आप? डॉ. स्वाति लोढ़ा द्वारा परवरिश पर लिखी गयी इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता है इसका सतत प्रवाह। सरल भाषा में लिखी गयी इस पुस्तक में 27 अध्याय हैं जिनमें चंद्रमा की यात्रा के साथ परवरिश के विभिन्न दौरों को जोड़ा गया है। 27 नक्षत्रों ...

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महिला सशक्तीकरण का सच

महिला सशक्तीकरण का सच

पुस्तक समीक्षा यश गोयल राजस्थानी और हिंदी भाषा की लेखिका सावित्री चौधरी की नई किताब : अपनेपन का अहसास (अपणायत रौ अैसास ) संग्रह में 15 कहानियां हैं, जो आज की नारी के संघर्ष और उसके सशक्तीकरण पर उसका प्रतिनिधित्व कर रही हैं। सावित्री के पूर्व में प्रकाशित राजस्थानी कहानी संग्रह : मनचाही ...

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दुखों की टीस से उबरकर ऋषिकर्म-सा सृजन

दुखों की टीस से उबरकर ऋषिकर्म-सा सृजन

राधेश्याम भारतीय हरियाणा साहित्य अकादमी के बालमुकुन्द गुप्त पुरस्कार से सम्मानित मूर्धन्य साहित्यकार रामकुमार आत्रेय आज हमारे बीच नहीं रहे। वे स्वयं कहा करते थे— ‘साहित्य मेरे लिए हवा भी है, पानी भी है, और धूप भी। इन्हें पाने और सहेजने के लिए मैं अक्सर भटका भी हूं और अटका भी। ...

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प्रगतिशील चेतना के पैरोकार का जाना

प्रगतिशील चेतना के पैरोकार का जाना

अशोक भाटिया प्रगतिशील चेतना संपन्न, हरियाणा के वयोवृद्ध साहित्यकार पूरन मुद‍्गल नहीं रहे। अठासी वर्षीय कवि-कथाकार मुद‍्गल की लेखनी लगभग छह दशकों तक निरंतर चलती रही। एम.ए. हिंदी, बी.टी. तक शिक्षित मुद‍्गल हरियाणा शिक्षा विभाग से खंड शिक्षा अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त होकर साक्षरता अभियान से जुड़े रहे। हरियाणा साहित्य अकादमी ...

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गिरगिट

गिरगिट

कहानी चेख़व पुलिस का दारोगा ओचुमेलोव नया ओवरकोट पहने, हाथ में एक बण्डल थामे बाजार के चौक से गुज़र रहा है। लाल बालों वाला एक सिपाही हाथ में टोकरी लिये उसके पीछे-पीछे चल रहा है। टोकरी जब्त की गयी झड़बेरियों से ऊपर तक भरी हुई है। चारों ओर ख़ामोशी…। चौक में ...

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दरकते गठबंधनों के बीच सियासी जंग

दरकते गठबंधनों के बीच सियासी जंग

हरीश लखेड़ा झारखंड विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभाओं के चुनाव नतीजों का असर अभी से दिखने लगा है। भाजपा के साथ गठबंधन के लिए लालायित रहने वाले सहयोगी दल अब उसे आंख दिखाने लगे हैं। अब वे भाजपा की नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर गठबंधन चाहते हैं। यही वजह ...

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  • गिरगिट
     Posted On November - 17 - 2019
    पुलिस का दारोगा ओचुमेलोव नया ओवरकोट पहने, हाथ में एक बण्डल थामे बाजार के चौक से गुज़र रहा है। लाल....
  • प्रगतिशील चेतना के पैरोकार का जाना
     Posted On November - 17 - 2019
    प्रगतिशील चेतना संपन्न, हरियाणा के वयोवृद्ध साहित्यकार पूरन मुद‍्गल नहीं रहे। अठासी वर्षीय कवि-कथाकार मुद‍्गल की लेखनी लगभग छह दशकों....
  • दुखों की टीस से उबरकर ऋषिकर्म-सा सृजन
     Posted On November - 17 - 2019
    हरियाणा साहित्य अकादमी के बालमुकुन्द गुप्त पुरस्कार से सम्मानित मूर्धन्य साहित्यकार रामकुमार आत्रेय आज हमारे बीच नहीं रहे। वे स्वयं....
  • महिला सशक्तीकरण का सच
     Posted On November - 17 - 2019
    राजस्थानी और हिंदी भाषा की लेखिका सावित्री चौधरी की नई किताब : अपनेपन का अहसास (अपणायत रौ अैसास ) संग्रह....

फिर से फेरबदल

Posted On April - 28 - 2010 Comments Off on फिर से फेरबदल
अशोक खन्ना कद्दूराम का एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत इधर से उधर तबादला हो गया। प्रदेश में साल में चार ऐसे बड़े फेरबदल हो ही जाते हैं। कद्दूराम नानक के वचनों के अनुसार ‘वसदो रहोë  किस्म के प्राणी हैं। सरकार है कि उन्हें बार-बार उजाड़ देती है। तैनाती पाते हंै, वहा तबीयत से गोभी खोदते हैं। कई सरकारें आयीं और चली गयीं। ऐसे गोभी खोदुओं का बाल भी बांका नहीं कर सकीं। वे छब्बीस 

आपके पत्र

Posted On April - 28 - 2010 Comments Off on आपके पत्र
मोबाइल संदेश मधुरदीप अंसल, गुडग़ांव मोबाइल फोनों पर आने वाले संदेशों के माध्यम से ‘लूट-खसोटë के धंधे पर सरकार को तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। कुछ नंबरों पर बटन दबने मात्र से आपकी जेब कट जाती है। लाखों-करोड़ों लोग  हर मिनट ऐसे संदेशों से लुट रहे हैं। सरकार को बेकार के अनचाहे संदेशों के प्रसारण पर तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए तथा इनको प्रसारित करने वाली मोबाइल कंपनियों की मिलीभगत 

मार्गदर्शक फैसला

Posted On April - 27 - 2010 Comments Off on मार्गदर्शक फैसला
खु ....

हरियाणा निकाय चुनाव

Posted On April - 27 - 2010 Comments Off on हरियाणा निकाय चुनाव
रियाणा में स्थानीय निकाय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही ‘स्थानीय सरकार’ कही जाने वाली नगर निगम, परिषद तथा नगर पालिकाओं के लिए जोड़तोड़ की कवायद शुरू हो गई है। इस चुनाव में बीस लाख से अधिक मतदाता 39 स्थानीय निकायों के लिए अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। हरियाणा के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि वह स्थानीय निकाय चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का प्रयोग करने वाला पहला राज्य 

सुनियोजित विकास करेगा भूकंप से बचाव

Posted On April - 27 - 2010 Comments Off on सुनियोजित विकास करेगा भूकंप से बचाव
अजय पाराशर प्राकृतिक आपदा हले हैती में भूकंप तथा फिर ब्राजील में बाढ़। हाल ही में चीन के जलजले, भारत के कुछ राज्यों में आए तूफान तथा आईसलैंड में ज्वालामुखी फटने से ग्लेशियर पिघलने के बाद अब बाढ़ की आशंका। पिछले कुछ समय से पृथ्वी पर प्राकृतिक आपदाओं की संख्या में हो रही निरन्तर वृद्धि से लगता है कि प्राकृतिक शक्तियों ने धीरे-धीरे मानवीय सभ्यता को चुनौती देना आरंभ कर दिया 

और भी $गम हैं आईपीएल के सिवा

Posted On April - 27 - 2010 Comments Off on और भी $गम हैं आईपीएल के सिवा
तरसेम गुजराल क्रिकेट तमाशा आईपीएल के माध्यम से इस मुल्क के नव-धनाढ्ïय वर्ग के कुछ लोगों को बड़ी राहत मिली। वे अच्छी शराब की चुस्कियों के साथ घुड़दौड़ में पैसा फेंकते या सट्टïा लगाते तो शायद उतना थ्रिल और चर्चा नहीं मिलती जितनी आईपीएल में पैसा लगाने, टीम खरीदने में मिलती है। खरीदने के मामले वे नये नहीं हैं, उनके पीछे इतिहास है। पहले ग्लैडिएटर खरीदे जाते थे। वे अमीर वर्ग 

मंत्री जी का प्रेम-व्रेम

Posted On April - 27 - 2010 Comments Off on मंत्री जी का प्रेम-व्रेम
अतुल कनक सागर में गागर लोकतंत्र में मंत्री होना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है मंत्री की प्रेमिका होना। कुछ लोग इस बात पर भले ही हल्ला करें कि शादीशुदा होने के बावजूद मंत्री प्रेम-व्रेम के चक्कर में पड़े हुए हैं, लेकिन साहब प्रेम करना व्यक्ति का अधिकार है। इस बारे में पार्टी भी कोई बयान-वयान देने को तैयार नहीं है। जब कबीर जैसे महाकवि ने ही यह कह 

आपके पत्र

Posted On April - 27 - 2010 Comments Off on आपके पत्र
पवित्र बंधन सत्यनारायण नेहरा, मोहब्बतपुर उच्चतम न्यायाल्य ने सहजीवन के एक अहम फैसले में स्त्री-पुरुष  को बगैर शादी के साथ रहने की स्वतंत्रता प्रदान की। यह प्राचीन भारतीय संस्कति को करारा झटका है। हालांकि, आधुनिकता से सराबोर शहरी जीवन में यह एक हद तक लागू हो सकता है, परन्तु ग्रामीण क्षेत्रों मे आज भी विवाह को पवित्र बंधन माना जाता है। इसी माध्यम से ही एक दम्पति को आजीवन साथ रहने 

आपके पत्र

Posted On April - 26 - 2010 Comments Off on आपके पत्र
मुनाफाखोरी मधुरदीप अंसल, गुडग़ांव देश में मुनाफाखोरी पर अंकुश लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। अक्सर देखा गया है कि वस्तुओं के अधिकतम खुदरा मूल्य एवं वास्तविक मूल्य में काफी अंतर होता है। आखिर ऐसी लूट की आज़ादी क्यों? मुनाफाखोरी भी महंगाई बढऩे का मुख्य कारण है। कई बार तो चंद कदमों की दूरी पर ही चीजों के भाव अचम्भे में डाल देते हैं। लाभ कमाने के मानक तय करने चाहिए। वस्तुओं की कीमतों 

ट्वीटिंग मायने क्या?

Posted On April - 26 - 2010 Comments Off on ट्वीटिंग मायने क्या?
बात की बात सहीराम कोई पढ़ा-लिखा आदमी अगर आपसे यह कहे कि ट्वीटिंग का मतलब चहकना होता है, तो आप बिल्कुल विश्वास मत करना क्योंकि आजकल इसका मतलब हाय-तौबा भी हो गया है। चिडिय़ों का चहकना बेशक दिल खुश कर देता है। लेकिन चिडिय़ां तो आजकल रही नहीं। पहले गिद्घ गए, अब सुना है गोरैया भी गयी। अरे चिडिय़ां क्या लोगों का बस चले तो कुडिय़ां भी न रहें। कुछ भ्रूण हत्याओं की भेंट चढ़ जाएं और कुछ खाप पंचायतों 

न्याय की आयु लंबी हो

Posted On April - 26 - 2010 Comments Off on न्याय की आयु लंबी हो
कानून कचहरी शंकर शरण सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवा आयु बढ़ाने का मामला विचाराधीन है। अभी इस पर कोई मतैक्य नहीं हो पाया है। यह न केवल न्यायाधीशों की गरिमा, न्यायपालिका की स्वतंत्रता बल्कि उसकी गुणवत्ता से भी जुड़ा प्रश्न है। वस्तुत: यह न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच स्वस्थ संबंधों से भी जुड़ता है। कुछ समय से उसमें आ रही विकृतियां चिंताजनक हैं। न्याय के ऊंचे गलियारों 

भारत के खिलाफ चीन की साइबर जंग

Posted On April - 26 - 2010 Comments Off on भारत के खिलाफ चीन की साइबर जंग
साइबर वार निरंकार सिंह अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और भारत सहित दुनिया के कई देश चीनी ”साइबर वार” से त्रस्त हैं। साइबर स्पेस में लड़ी जाने वाली जंग को ”साइबर वार” कहते हैं। पश्चिमी देशों और चीन के माहिर हैकर्स के बीच साइबर वार शुरू हो चुकी है। हाल में अमेरिका और भारत के कई सैन्य संस्थानों पर साइबर हमले हुए। यह हमले खुफिया सूचना जुटाने के मकसद से किये गये थे। 

खुद बीमार चिकित्सा शिक्षा

Posted On April - 26 - 2010 Comments Off on खुद बीमार चिकित्सा शिक्षा
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष केतन देसाई की गिरफ्तारी से इस प्रतिष्ठित और शक्तिशाली संस्था में भ्रष्टाचार व्याप्त होने की चर्चाओं की पुष्टि ही हुई है। डॉ. देसाई को तब गिरफ्तार किया गया जब वह पंजाब में एक मेडिकल कॉलेज को मान्यता देने के एवज़में दो करोड़ रुपये की रिश्वत ले रहे थे। ज़ाहिर है, मेडिकल कॉलेज को मान्यता आदि देने के एवज़में रिश्वत लेने की यह पहली घटना नहीं रही होगी। 

तन में धूनी-भस्म है, मन में है शृंगार

Posted On April - 25 - 2010 Comments Off on तन में धूनी-भस्म है, मन में है शृंगार
सोलन के निकट कथित स्वामी नित्यानंद की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर यह साबित हुआ कि भक्तों को भोग-विलास से दूर रहकर मुक्ति का मार्ग दिखाने वाले कलियुगी संतों की हकीकत क्या है। दिल्ली, नोएडा, बेंगलुरु की शृंखला में अनेक ऐसे कथित स्वामियों की पोल खुलने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। धर्म की आड़ में वासना की उपासना का यह हाईटेक खेल विदेशों से आकर हमारे समाज में घर कर गया लेकिन इस घिनौने 

हिंदी की सेवा में अंग्रेजी व आईटी

Posted On April - 25 - 2010 Comments Off on हिंदी की सेवा में अंग्रेजी व आईटी
गुरमीत सिंह हिंदी हाईटेक कुछ सालों पहले तक बहुत से लोगों को लगता था कि इंटरनेट या सूचना प्रौद्योगिकी(आईटी) की दृष्टि से हिंदी का कोई भविष्य नहीं है। इसकी बड़ी वजह यही थी कि कंप्यूटर पर हिंदी में काम करना बहुत मुश्किल बना हुआ था, जो इंटरनेट या सूचना प्रौद्योगिकी के असीमित संसार में प्रवेश के लिए बुनियादी शर्त थी। यह सही भी है कि कुछ सालों पहले तक हिंदी फांट और कीबोर्ड लेआउट 

उदात्त चिन्तन से सराबोर कविताएं

Posted On April - 25 - 2010 Comments Off on उदात्त चिन्तन से सराबोर कविताएं
डा. योगेन्द्र नाथ शर्मा ‘अरुण’ कवयित्री डा. नीरोत्तमा और मौदगिल का कविता-संग्रह ‘जीवन के रंग हजार’की कविताएं उनके उदात्त चिन्तन एवं सकारात्मक दृष्टिकोण का दर्पण कही जा सकती हैं। इस काव्य-संग्रह के ‘प्राक्कथन’में डा. कुसुम लता वर्मा ने कहा है — ‘समाज को समय-समय पर सच का आईना दिखना ही साहित्य का कार्य है अन्यथा समाज इस अराजकता को नियति मान कर निष्क्रिय हो जाएगा।’ 
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