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खास खबर
जन संसद

जन संसद

प्याज संकट के सबक स्थाई समाधान हो देश में प्याज की मांग बारह माह रहती है। लेकिन बारिश के कारण फसल नष्ट हो जाने से अचानक प्याज की कीमतें आसमान छूने लग जाती हैं। ऐसी स्थिति होने पर तत्काल प्याज के निर्यात पर रोक लगाने, कीमतों पर अंकुश लगाने व इसके भंडारण ...

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दूसरी धरती की तलाश के लिए जद्दोजहद

दूसरी धरती की तलाश के लिए जद्दोजहद

भौतिकी का नोबेल अभिषेक कुमार सिंह इस साल के लिए भौतिकी में नोबेल पुरस्कार हासिल करने वाले तीनों साइंटिस्टों कनाडाई मूल के अमेरिकी जेम्स पीबल्स और स्विट‍्ज़रलैंड के माइकल मेयर व डिडियर क्वेलोज की खोजें, असल में इस कायनात में इंसानियत की जगह की खोज पर केंद्रित हैं। जहां पीबल्स एक ओर ...

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बाढ़ झेल सकने वाली फसल की खोज

बाढ़ झेल सकने वाली फसल की खोज

बाढ़ और अतिवृष्टि से फसलें बर्बाद हो जाती हैं। प्रमुख फसलों में सिर्फ धान की ही फसल बाढ़ को झेल पाती है। लेकिन एक नई रिसर्च से यह स्थिति बदल सकती है। यह दुनिया के लिए एक अच्छी खबर है कि जहां कई जगह वर्षा की अवधि और तीव्रता में ...

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फिर भी दोस्ती

फिर भी दोस्ती

मतभेदों के बावजूद साथ चलने की कवायद आखिरकार वुहान से शुरू हुआ अनौपचारिक वार्ताओं का सिलसिला तमिलनाडु के महाबलीपुरम तक सौहार्दपूर्ण वातावरण में पहुंचा। भारत ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आवभगत में कोई कमी नहीं रखी। यह जानते हुए भी कि हाल ही में इमरान खान की चीन यात्रा के ...

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कानूनी तौर पर सिर्फ एक लाख सुरक्षित

कानूनी तौर पर सिर्फ एक लाख सुरक्षित

अर्थमंत्र आलोक पुराणिक बाजार में निवेश के कई मौके उपलब्ध हैं। पर देखने की बात यह है कि किसी को भी अपना सारा निवेश किसी एक माध्यम या किसी एक योजना में नहीं डालना चाहिए। जैसे बैंकों में पैसा लगाना बहुत लोकप्रिय माध्यम है। ऐसा आमतौर पर माना जाता है कि बैंक ...

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साहसिक आर्थिक सुधारों का वक्त

साहसिक आर्थिक सुधारों का वक्त

हाल ही में 10 अक्तूबर को अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडिज ने वर्ष 2019-20 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान 6.20 से घटाकर 5.80 फीसदी कर दिया है। इसके पहले 4 अक्तूबर को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने वर्ष 2019-20 के लिए विकास दर का अनुमान 6.9 फीसदी ...

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निजीकरण की ओर

निजीकरण की ओर

गुणवत्ता हो मगर यात्री हितों की न हो अनदेखी लगता है लंबे अर्से से प्रतीक्षित रेलवे के निजीकरण की तरफ केंद्र सरकार ने कदम बढ़ा दिये हैं। लखनऊ से दिल्ली के बीच निजी प्रबंधन वाली तेजस ट्रेन की शुरुआत को इसी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ...

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  • बाढ़ झेल सकने वाली फसल की खोज
     Posted On October - 14 - 2019
    बाढ़ और अतिवृष्टि से फसलें बर्बाद हो जाती हैं। प्रमुख फसलों में सिर्फ धान की ही फसल बाढ़ को झेल....
  • दूसरी धरती की तलाश के लिए जद्दोजहद
     Posted On October - 14 - 2019
    इस साल के लिए भौतिकी में नोबेल पुरस्कार हासिल करने वाले तीनों साइंटिस्टों कनाडाई मूल के अमेरिकी जेम्स पीबल्स और....
  •  Posted On October - 14 - 2019
    देश साल में चार महीने सूखे की चपेट में रहता है तो चार महीने बाढ़ में डूबता है। हर बर्ष....
  • जन संसद
     Posted On October - 14 - 2019
    देश में प्याज की मांग बारह माह रहती है। लेकिन बारिश के कारण फसल नष्ट हो जाने से अचानक प्याज....

इस्तीफा नहीं, संकल्प का समय

Posted On April - 12 - 2010 Comments Off on इस्तीफा नहीं, संकल्प का समय
दंततेवाड़ा के नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 76 जवानों की मौत की नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफे की पेशकश के पीछे केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम की जो भी मंशा रही हो, पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनकी पेशकश अस्वीकार कर उचित ही किया है। युद्ध के बीच सेनापति नहीं बदले जाते। चिदंबरम ने 26 नवंबर, 2008 को हुए मुंबई हमलों के  बाद शिवराज पाटिल के इस्तीफे के चलते गृहमंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी। 

चापलूसी की राजनीति से त्रस्त कांग्रेस

Posted On April - 12 - 2010 Comments Off on चापलूसी की राजनीति से त्रस्त कांग्रेस
खबरों के आगे-पीछे -विश्वनाथ सचदेव दस जनपथ’ और ‘प्रतीक्षा’ के बीच की दूरी और उसके कारणों के बारे में तो नेहरू  -गांधी परिवार और बच्चन परिवार ही कुछ बता सकते हैं, लेकिन इस दूरी के चलते जो राजनीति हो रही है, वह सब देख रहे हैं। मुंबई के सी-लिंक के उद्घाटन समारोह में महाराष्ट्र सरकार द्वारा अमिताभ बच्चन को बुलाए जाने में तब तक किसी को कुछ गलत या अटपटा नहीं लगा था, जब तक मुंबई के कुछ 

तथ्यों के आधार पर क्लेम स्वीकार करना न्यायोचित

Posted On April - 12 - 2010 Comments Off on तथ्यों के आधार पर क्लेम स्वीकार करना न्यायोचित
कानून कचहरी अशोक श्रीश्रीमाल दिल्ली राज्य उपभोक्ता आयोग ने एक मामले में बीमा कम्पनी की अपील रद्द करते हुए उपभोक्ता जिला मंच के निर्णय को मान्य ठहराया है। एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड बनाम सुमन ग्रोवर व अन्य के अपील संख्या एफ ए 9/816 में परिवादी सुमन ग्रोवर के पति राजीव ग्रोवर ने वर्ष 2003 में एक लाख रुपए की बीमा पॉलिसी खरीदी थी। वर्ष 2004 में प्रीमियम की अदायगी 

बेगानी शादी में …!

Posted On April - 12 - 2010 Comments Off on बेगानी शादी में …!
बात की बात सहीराम यह हिंदुस्तान है जी। यहां शादी किसी का प्राइवेट मामला नहीं होता, पंचायती होता है। फिर सानिया मिर्जा की शादी ही कैसे प्राइवेट मामला बनकर रह जाती। देख लो, पंचायती मामला हो गया न। वो तो वैसे भी सेलिब्रिटी हैं। यहां तो कॉमन मैन की शादी भी प्राइवेट मामला नहीं रह पाती। शादी कोई भी हो, पहले भाई-बंधु रूठते हैं। फिर नाते-रिश्तेदार, फिर पड़ोसी, फिर बाराती रूठते हैं और फिर 

आपके पत्र

Posted On April - 12 - 2010 Comments Off on आपके पत्र
नक्सली समस्या मुकेश विग, सोलन नक्सली समस्या गंभीर हो चुकी है। अब आपसी मतभेद त्यागकर पूरी तैयारी के साथ नक्सलियों की ऐसी हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देने का समय आ गया है। एक-दूसरे पर दोषारोपण करने या जिम्मेदारी डालने की आदत छोड़कर राज्य व केंद्र सरकार को अब ठोस रणनीति बनाकर एकजुट होकर नक्सलियों पर प्रहार करना ही होगा क्योंकि इनके हौसले बुलंद हैं, मन में कोई खौफ नहीं है। ये संगठित 

लचीली परम्परा

Posted On April - 11 - 2010 Comments Off on लचीली परम्परा
रणबीर खरीखोटी पहल्यां जमानै मं ब्याह तैं पल्हयां छोरा देखण अर सगाई करण खातर नाई जाया करदा। जै वो ब्याह की बात पक्की कर दिया करदा तो वाए पत्थर की लकीर होया करदी। वा म्हारी महान्ï परम्परा होया करदी कै तीन-तीन दिना तक बरात  रूकया करदी। ब्याह आले कै अलावा दूसरे घरां के बरातियां खातर एक-एक दिन की रोटी करैया करदे अर उसमैं सौ-सौ बराती होया करदे। उस टेम घड़ी, साइकल अर ब्हौत-सा 

दिल को छूती राजन ‘सरहदी’ की गज़लें

Posted On April - 11 - 2010 Comments Off on दिल को छूती राजन ‘सरहदी’ की गज़लें
-डॉ. रेणुका नैयर पंजाब के राजकवि स्वर्गीय मेला राम व$फा के प्रमुख शागिर्दों में से एक शायर राजन ‘सरहदी’ की $गज़लों, गीतों और नज़्मों का संग्रह ‘दर्द की सौगात’ में उनके गुरु की छवि साफ दिखायी देती है। इनके कलाम में सादगी, सरलता और रवानगी के साथ-साथ मुहब्बत, दिल, दर्द और जि़ंदगी के विभिन्न रंगों के अंदाज़ देखने और पढऩे को मिलते हैं जो दिल को छूने वाले हैं। इस संग्रह में 112 गज़लें, 

मौलाना ‘हाली’ पर एक उम्दा हिंदी किताब

Posted On April - 11 - 2010 Comments Off on मौलाना ‘हाली’ पर एक उम्दा हिंदी किताब
-रमेश चंन्द्र पुहाल, पानीपती ‘हाली’ कवि एक-रूप अनेक नामक किताब के लेखक भारतीय निर्वाचन आयोग के कमिश्नर जनाब डॉ. एसवाई कुरैशी करनाल-पानीपत (हरियाणा) के 1972 में उपायुक्त, कई महत्वपूर्ण विभागों के मुखिया रहे। पानीपत उर्दू-इस्लामी ता’लीम का मर्कज़ (केंद्र) रहा। पानीपत की पुरानी शानोशौकत से लेखक अच्छी तरह वा$िक$फ है। डॉ. कुरैशी साहब की किताब की खूबी है कि शमसुल उलमा मौलाना 

धर्म और पर्यावरण का अप्रतिम सामंजस्य

Posted On April - 11 - 2010 Comments Off on धर्म और पर्यावरण का अप्रतिम सामंजस्य
डॉ. संजय तिवारी आज दुनिया में पर्यावरण संरक्षण को लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्टï्रीय मंचों पर व्यापक बहस जारी है। जलवायु परिवर्तन व पारिस्थितिक असंतुलन के परिणामस्वरूप होने वाली जन-धन, संसाधनों की हानि से सभी परिचित हैं। विकास के नाम पर हो रहे अंधाधुंध औद्योगीकरण के फलस्वरूप प्रकृति की व्यवस्था में असंतुलन उत्पन्न हो रहा है जिससे जल, वायु, आकाश, भूमि, जीव-जन्तु और जलवायु 

‘लिव इन रिलेशनशिप’ नहीं था राधा-कृष्ण का प्रेम

Posted On April - 11 - 2010 Comments Off on ‘लिव इन रिलेशनशिप’ नहीं था राधा-कृष्ण का प्रेम
-प्रो. योगेश चंद्र  शर्मा पौराणिक तथ्य 22 आपराधिक मामलों की आरोपी एक फिल्म-एक्ट्रेस के ‘लिव इन रिलेशनशिप’ मसले पर निर्णय देते हुए सुप्रीमकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि शादी से पहले शारीरिक संबंध अपराध नहीं है। निश्चित ही हमारे यहां इस प्रकार के संबंधों के निषेध करने वाला अभी तक कोई कानून नहीं बना है । इसलिए इसे अवैध नहीं कहा जा सकता, किन्तु किसी भी प्रकार के संबंधों 

गांधी तेरी मूर्तियां, खड़ी हुईं लाचार

Posted On April - 11 - 2010 Comments Off on गांधी तेरी मूर्तियां, खड़ी हुईं लाचार
पिछले दिनों एक अच्छी खबर आई कि संसद भवन परिसर में अब और प्रतिमाएं नहीं लगाई जा सकेंगी। बकौल कमेटी, अब संसद के खुले स्वरूप को बनाए रखने के मकसद से और प्रतिमाएं नहीं लगाई जाएंगी। लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की अगुवाई वाली एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने अपनी संस्तुति में कहा है कि संसद परिसर में पहले से ही बहुत अधिक मूर्तियां विद्यमान हैं। अब यह समझ से परे है कि इस फैसले के तात्कालिक 

श्रीमुख से

Posted On April - 10 - 2010 Comments Off on श्रीमुख से
मैं आपको विश्वास दिलाना चाहूंगा कि अगर सेना के अंदर कोई भी घटना होती है तो हमारे कानून-कायदे इतने मजबूत हैं कि हम तुरंत कार्रवाई करते हैं। – सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह, नयी दिल्ली में कानून के हाथ बहुत लंबे हैं, चाहे व्यक्ति कितने भी ऊंचे पद पर क्यों न हो। निश्चित तौर पर ये हाथ जस्टिस दिनाकरण तक भी पहुंचेंगे। – विधि मंत्री, एम. वीरप्पा मोइली, नयी दिल्ली में अगर विकास चाहते हैं तो माओवादियों 

विषय : भारतीय समाज में सहजीवन की स्वीकार्यता

Posted On April - 10 - 2010 Comments Off on विषय : भारतीय समाज में सहजीवन की स्वीकार्यता
भोगवाद का नतीजा विवाह पूर्व जवान लड़के-लड़की का सहजीवन पति-पत्नी का ही रूप है। यह संबंध स्थायी रूप में रहे तो ठीक है लेकिन बार-बार इसे बदलना ढेर सारे कारणों से ठीक नहीं। पूर्वजों ने वैज्ञानिक आधार पर इसको ठीक नहीं माना है और कुछ मान-मर्यादाएं बनाकर परिवार व समाज को सही, वैज्ञानिक व प्रेम से भरपूर सुखी जीवन की ओर अग्रसर किया है। घोर पूंजीवादी षड्यंत्र के तहत निरे भौतिकवादी, भोगवादी जीवन 

दुनिया में सबसे अधिक गरीब महिलाएं

Posted On April - 10 - 2010 Comments Off on दुनिया में सबसे अधिक गरीब महिलाएं
आधी दुनिया डा. रेणुका नैयर बैसाखी यानी 13 अप्रैल का दिन पंजाब में किसानों के लिए खुशी का दिन होता है जब वे अपनी लहलहाती फसल को काटना शुरू करते हैं और घर अनाज से भरना शुरू हो जाता है। यही कारण है कि इस दिन को खूब धूमधाम से मनाया जाता है। धरती पुत्र किसान पारम्परिक वेशभूषाओं में जोश के साथ मेलों में जाते हैं और चारों ओर इस संबंधी गीत ‘ओ जट्टïा आयी बैसाखीÓ आदि गूंजते सुनायी देते हैं। 

जनता की मेहनत की कमाई पर शाही ठाठ

Posted On April - 10 - 2010 Comments Off on जनता की मेहनत की कमाई पर शाही ठाठ
खुशवंत सिंह उ प्र. की मुख्यमंत्री मायावती की दलील  है कि भारत में ऐसा कोर्ई कानून नहीं है जो किसी व्यक्ति की प्रतिमा लगाने की मनाही करता हो। वे सही हैं, यहां कोई ऐसा कानून नहीं है जो जनता की कमाई से व्यक्ति विशेष के महिमामंडन को रोक सके। अनेक मुख्यमंत्री अपने राज्यों में महत्वपूर्ण उपलब्धियों का बखान करने के लिए अपने चित्रों वाले बड़े-बड़े विज्ञापन छपवाकर ऐसा करते रहे हैं। लेकिन 

महंगाई के मोर्चे पर सरकार

Posted On April - 10 - 2010 Comments Off on महंगाई के मोर्चे पर सरकार
गता है कि आम आदमी की कमर ही तोड़ चुकी बेलगाम महंगाई मनमोहन सिंह सरकार के लिए बैठकें और कार्यबलों का गठन करने का एक और शगल बन गया है। पहले प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कोर ग्रुप बनाया गया था तो अब उस गु्रप ने योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया, हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीन कार्यबल बना दिये 
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