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खास खबर
आयकर राहत से दूर होगी आर्थिक सुस्ती

आयकर राहत से दूर होगी आर्थिक सुस्ती

जयंतीलाल भंडारी हाल ही में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने कहा है कि वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितम्बर, 2019 में विकास दर फिसलते हुए 4.5 फीसदी पर जा पहुंची है, जो पिछले साढ़े छह साल का सबसे निचला स्तर है। अर्थ विशेषज्ञों का कहना है कि ...

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सरकारें और समाज जिम्मेदारी निभायें

सरकारें और समाज जिम्मेदारी निभायें

बढ़ता वैश्विक तापमान ज्ञाानेन्द्र रावत बीते दिनों वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी के खिलाफ नए सिरे से कदम उठाने और विश्व नेताओं पर दबाव बनाने के लिए यूरोप में लाखों लोग सड़क पर उतरे। कारण वर्तमान में हरेक व्यक्ति की चिंता यही है कि साल-दर-साल गर्मी तो इतनी बढ़ती जा रही है, बारिश ...

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एक सचेतक पहल के अवसान की दास्तां

एक सचेतक पहल के अवसान की दास्तां

उदंतमार्तंड कृष्ण प्रताप सिंह चार दिसम्बर हिन्दी पत्रकारिता के इतिहास की एक अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि है-अलबत्ता उपेक्षित और तिरस्कृत। कोलकाता से प्रकाशित हिन्दी का पहला समाचार पत्र ‘उदंतमार्तंड’ 1827 में इसी दिन असमय ही ‘अस्ताचल जाने’ को विवश हुआ था। उसे महज 19 महीनों की उम्र नसीब हुई थी। वह जिन ...

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प्रधानमंत्री के रूप में गुजराल से जुड़ी यादें

प्रधानमंत्री के रूप में गुजराल से जुड़ी यादें

जन्मशती : इंद्र कुमार गुजराल अस्सी का दशक उथल-पुथल से भरा समय था : पंजाब में पाकिस्तान प्रायोजित सिख अलगाववादी आंदोलन के चलते आंतरिक उपद्रव, फिर आप्रेशन ब्लू स्टार और सेना का स्वर्णमंदिर में प्रवेश, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और अकाली नेता हरचरण सिंह लौंगोवाल की हत्या, जम्मू-कश्मीर में 1987 में विधानसभा ...

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पटरी से उतरती रेल

पटरी से उतरती रेल

खस्ताहाल आर्थिकी सुधारना बड़ी चुनौती यह चिंता का विषय है कि दुनिया में चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क भारतीय रेलवे पिछले एक दशक के सबसे बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है। कहने को यह दुनिया का सबसे बड़ा नियोक्ता है और इसके करीब तेरह लाख से अधिक कर्मचारी हैं। करीब ...

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त्वरित निपटारे को बने प्रभावी तंत्र

त्वरित निपटारे को बने प्रभावी तंत्र

लंबित न्याय अनूप भटनागर न्यायपालिका और सरकारें अथक प्रयासों के बावजूद उच्चतम न्यायालय से लेकर अधीनस्थ अदालतों तक लंबित मुकदमों की संख्या पर काबू पाने में कामयाब नहीं हो पा रही हैं। इस समय देश की अदालतों में 3,16,48,934 मुकदमे लंबित हैं और इनमें दस साल ज्यादा पुराने मुकदमों की संख्या 65 ...

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वित्तीय घाटा बढ़ा निवेश में हो वृद्धि

वित्तीय घाटा बढ़ा निवेश में हो वृद्धि

वर्तमान मंदी के तमाम कारणों में एक कारण सरकार की वित्तीय घाटे को नियंत्रण करने की नीति है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि परिस्थिति को देखते हुए हम वित्तीय घाटे के लक्ष्य को आगामी बजट में निर्धारित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि वित्तीय घाटे को नियंत्रित ...

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फोटो खिंचवाने की कला

Posted On June - 3 - 2010 Comments Off on फोटो खिंचवाने की कला
योगेश चन्द्र शर्मा गागर में सागर इन दिनों मीडिया पर फोटो का व्यापक साम्राज्य स्थापित हो चुका है। टीवी चैनल तो फोटो के बलबूते पर ही जि़दा हैं। कहां, कैसे, कब, क्या हुआ, इसका पूरा नजारा दर्शक अपने टीवी के परदे पर साक्षात् देखना चाहता है और चैनल वाले यह कार्य पूरी लगन के साथ करते हैं। पत्र-पत्रिकाएं भी इससे अधिक दूर नहीं हैं। उनका काफी बड़ा भाग विभिन्न व्यक्तियों के चित्रों 

आपके पत्र

Posted On June - 3 - 2010 Comments Off on आपके पत्र
ईंधन की कीमतों पर आग प्रो. शामलाल कौशल, रोहतक 28 मई के दैनिक ट्रिब्यून में छपी खबर ‘ईंधन की घरेलू कीमतों को अंतर्राष्टï्रीय बाज़ार से जोड़ा जाए : मोंटेक’ तेल की कीमतों में वृद्धि की सूचना देने वाली थी। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया का यह कहना कि तेल की घरेलू कीमतों में वृद्धि करना देश की वैश्विक प्रतिष्ठा के लिए जरूरी है। गरीबों के पेट पर लात मारने जैसा है। भारत 

सरकार का रिपोर्ट-कार्ड्र

Posted On June - 3 - 2010 Comments Off on सरकार का रिपोर्ट-कार्ड्र
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आखिरकार मंगलवार की शाम अपनी सरकार की दूसरी पारी के पहले साल का रिपोर्ट-कार्ड जारी कर ही दिया। पहले यह रिपोर्ट-कार्ड सरकार की पहली वर्षगांठ पर ही 22 मई को बड़ी धूमधाम के साथ जारी होना था, लेकिन मंगलोर में हुए यात्री विमान हादसे के कारण टालना पड़ा। अब एक जून को जारी किये गये इस रिपोर्ट-कार्ड को पूर्व की घोषणा के मुताबिक ही जनता के नाम रिपोर्ट का नाम दिया 

सोने की नयी बुलंदी

Posted On June - 3 - 2010 Comments Off on सोने की नयी बुलंदी
अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में आर्थिक मंदी की आहट और यूरोपीय बाज़ार ध्वस्त होने से सोना नये शिखर पर जा पहुंचा है। भारत में शादी-विवाह के सीजन में बढ़ते पारे और आसमान छूते सोने के दामों से  लोगों के पसीने छूट रहे हैं। हालांकि, बाज़ार में सोने के फुटकर खरीदार कम ही हैं, लेकिन यूरोपीय बाज़ार में शेेयर मार्केट ध्वस्त होने से निवेशक सोने में सुरक्षित निवेश कर रहे हैं। भारत सहित दुनिया 

भाजपा की आत्मघाती राजनीति

Posted On June - 2 - 2010 Comments Off on भाजपा की आत्मघाती राजनीति
राजकुमार सिंह दरअसल झारखंड में भले ही राष्टï्रपति शासन लागू हो गया हो लेकिन  भाजपा के हिस्से तो सिर्फ बदनामी ही आयी है। अगर सीधे-सीधे शब्दों पर न जा कर भावार्थ को समझने की कोशिश करें तो प्याज भी खाये और जूते भी वाली कहावत यहां पूरी तरह सटीक बैठती है। कौन सा राजनेता पाक-दामन है, इस पर तो बहस की गुंजाइश हो सकती है, लेकिन शिबू सोरेन देश के सबसे बदनाम और भ्रष्ट राजनेताओं 

झारखंड में राष्ट्रपति शासन

Posted On June - 2 - 2010 Comments Off on झारखंड में राष्ट्रपति शासन
शिबू सोरेन एक बार फिर भूतपूर्व मुख्यमंत्री बन गये, केंद्र सरकार ने बमुश्किल छह माह पहले चुनी गयी विधानसभा को निलंबित रखते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश राष्ट्रपति को भेज दी है। पिछले साल के अंत में हुए झारखंड विधानसभा चुनावों में जैसा खंडित जनादेश आया और फिर जैसी बेमेल सरकार बनी, उसका शायद यही हश्र हो सकता था। शिबू सोरेन के नेतृत्व में बनी झारखंड मुक्ति 

मौत से दोस्ती

Posted On June - 2 - 2010 Comments Off on मौत से दोस्ती
माम सरकारी और गैर-सरकारी औपचारिकताओं के बीच एक और तम्बाकू निषेध दिवस गुजर गया। लेकिन सुलगते प्रश्न वहीं खड़े हुए हैं। दिल्ली के बाद चंडीगढ़ उन अग्रणीय शहरों में शामिल है, जहां सार्वजनिक स्थलों में धूम्रपान निषेध है। शुरुआती दौर में चंडीगढ़ में सख्ती नज़र आई, लेकिन फिर वही ढाक के तीन पात। एक रिपोर्ट के अनुसर जहां इस साल के पांच महीनों में सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान करने वाले 

कितनी जनपक्षीय है अपनी सरकार

Posted On June - 2 - 2010 Comments Off on कितनी जनपक्षीय है अपनी सरकार
तरसेम गुजराल यूपीए की वर्षगांठ भारतीयों को दरअसल सालगिरह पर बहुत उछलने-कूदने की आदत नहीं। सालगिरह समारोह में मजबूरन शामिल होते हैं और भीतरी चाहत यही होती है कि सालगिरह सादगी से मना ली जाये। सवाल जब किसी सरकार की सालगिरह का होता है तब दोनों तरफ की बात सुनकर ही जायजा लिया जा सकता है। एक पक्ष सरकार का है जो अपनी उपलब्धियां धुआंधार तरीके से गिनवाती है, दूसरा पक्ष जनता का है 

मुझे नरक दे दीजौ!!

Posted On June - 2 - 2010 Comments Off on मुझे नरक दे दीजौ!!
अशोक गौतम सागर में गागर वैसे तो यमलोक में अनगिनत ऐसी आत्माएं हत्या, आत्महत्या का शिकार हो प्रेतयोनि में बरसों से अपने फैसले के इंतजार में बैठी हैं कि कब उनका फैसला यमराज करें और वे प्रेतयोनि से मुक्त हो जिस योनि में उनका हक बनता है उस योनि में जन्म ले यमपुरी के भयावह दृश्यों से मुक्त हों। पर यमराज की भी अपनी विवशता है। बेचारे वे तो चाहते हैं कि बंदे अपनी मौत मरकर मृत्युलोक 

आपके पत्र

Posted On June - 2 - 2010 Comments Off on आपके पत्र
एकतरफा कार्रवाई विनायक, चंडीगढ़ अमेरिका तालिबान से निपटने के लिए पाकिस्तान में घुसकर एकतरफा सैन्य कार्रवाई की योजना बना रहा है। आतंकवादियों के विरुद्ध एकतरफा लड़ाई एक अच्छी शुरुआत कही जा सकती है। इस सिलसिले में पाकिस्तान के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की गई है। वैसे भी आतंक के कहर से सारा विश्व त्रस्त है। टाइम्स स्क्वेयर पर नाकाम बम हमले की साजिश के संदिग्ध फैजल शहजाद और पाकिस्तानी 

पारदर्शिता की पहल

Posted On June - 1 - 2010 Comments Off on पारदर्शिता की पहल
ब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर नामकरण करदी गयी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना में अनियमितताओं को रोकने के लिए पंजाब में ओंबड्समैन की नियुक्ति स्थिति की गंभीरता का प्रमाण तो है ही, पारदर्शिता की दिशा में सही पहल भी है। नये नामकरण के बाद नरेगा से मनरेगा बन गयी यह रोज़गार गारंटी योजना उन योजनाओं में से एक है, जिन्हें कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील 

सरकार-डाक्टर टकराव

Posted On June - 1 - 2010 Comments Off on सरकार-डाक्टर टकराव
रियाणा के आंदोलनरत सरकारी डाक्टरों की मांगें जायज़ हो सकती हैं लेकिन इनको मनवाने के लिए हड़ताल का सहारा लेना चिकित्सकीय पेशे की गरिमा और मरीजों के हितों में नहीं कहा जा सकता। सरकार यदि समय रहते उदारतापूर्वक कार्यवाही का आश्वासन देकर डाक्टरों को समझा-बुझा सके तो कई जि़दगियों को असमय काल-कवलित होने से बचाया जा सकता  है। हालांकि, आंदोलन की डगर पर चलने वाले नाराज़ सरकारी चिकित्सकों 

कौन लोहा लेगा माओवादियों से

Posted On June - 1 - 2010 Comments Off on कौन लोहा लेगा माओवादियों से
के विक्रम राव माओवाद गडचिरौली (विदर्भ) में माओवादियों द्वारा बहिष्कार की धमकी के बावजूद छप्पन प्रतिशत मतदाताओं ने महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव में शिरकत की। बस्तर की बारह विधानसभा सीटों में से ग्यारह पर भाजपा के डा$  रमण सिंह के प्रत्याशियों को विजय मिली। माओवादियों का आतंक जनता ने नकार डाला। बस्तर जैसा सशस्त्र युद्ध स्वतंत्रता के तुरन्त बाद तेलंगाना के इन चीनपरस्त 

राष्ट्रपति की यात्रा चीन की सोच बदलेगी

Posted On June - 1 - 2010 Comments Off on राष्ट्रपति की यात्रा चीन की सोच बदलेगी
डॉ. मनोज दयाल साम्राज्यवादी चीन भारत की राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल की चीन यात्रा भारत-चीन संबंधों के संदर्भ में अति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वैसे तो बीते एक दशक में भारत के किसी राष्ट्रपति की यह पहली चीन यात्रा है, जिसमें कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। पर क्या राष्ट्रपति का भ्रमण भारत के प्रति चीन की सोच बदल पायेगा? यूं तो चीन एशिया में भारत को अपना 

कौन गोत्र यजमान?

Posted On June - 1 - 2010 Comments Off on कौन गोत्र यजमान?
अशोक खन्ना सागर में गागर मुझे बीस साल पहले नहीं पता था कि मेरा गोत्र क्या है। तब मैं प्रगतिशील किस्म का युवक होता था जो इस किस्म की बकवास पर तव्वजो नहीं देते। एक दिन किसी विद्वान ने बताया कि मेहनत के बावजूद तुम्हारे घर मेें दरिद्रता है। कुछ भी करलो बरकत ही नहीं होती। तुम पितरों की परवाह नहीं करते। मां-बाप का श्राद्ध किया करो। अन्य पितरों के निमित्त भी कुछ दान करो। 

आपके पत्र

Posted On June - 1 - 2010 Comments Off on आपके पत्र
धर्म के नाम पर राकेश नरूला, बठिंडा धर्म आज संघर्ष, खींचतान व हिंसा का कारण बन गया है।  इसका प्रमुख कारण है कि हमने धर्म को संकुचित कर दिया है, बांध दिया है। चारों ओर ऊंची-ऊंची दीवार खड़ी कर दी है। यदि मानवता का कल्याण करना है तो धर्म को उदार व विशाल बनाना होगा। धर्म के नाम पर पैदा कटुता, शत्रुता को कम करना होगा। समय की मांग है कि हम धर्म के बीच  खड़ी दीवारों को गिरा दें। धर्म अनुशासन 
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