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खास खबर
कैसे मिले स्वच्छ पेयजल

कैसे मिले स्वच्छ पेयजल

जन संसद सचेत रहें देश के अनेक इलाकों का जल संकट यदि एक ओर समाज की तकलीफों का प्रतिबिम्ब है तो दूसरी ओर सरकारी प्रयासों की दिशा एवं दशा की हकीकत को बयान करता है। समाज के लिए आंकड़ों के स्थान पर हकीकत का महत्व अधिक है। आंकड़े बताते हैं कि धरती ...

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भावनात्मक संतुलन के जरिये रोग मुक्ति

भावनात्मक संतुलन के जरिये रोग मुक्ति

सीताराम गुप्ता आधी शताब्दी पुरानी बात है। पिताजी रुग्ण थे। उनके पैरों में बहुत अधिक सूजन आ गई थी। बाबाजी उनके उपचार के लिए एक वैद्यजी से परामर्श कर रहे थे। वैद्यजी ने कहा कि सूजन के स्थान पर उंगली गड़ाकर देखो। यदि उंगली हटाते ही पैर तत्काल पूर्व स्थिति में ...

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शिक्षा के विरोधाभासों से युवा मन का भटकाव

शिक्षा के विरोधाभासों से युवा मन का भटकाव

भारत का राष्ट्रीय खेल है हॉकी। दुनिया के ओलंपिक खेलों में ऐसे भी दिन रहे कि किसी और खेल से चाहे स्वर्ण पदक न आये, लेकिन भारत को इस खेल में स्वर्ण पदक मिल ही जाता था। न मिलता तो उसका मुख्य प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान इसे जीत लेता। लेकिन दिन बदल गये। ...

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पुस्तक समीक्षा

पुस्तक समीक्षा

स्त्री संघर्ष की इंद्रधनुषी कहानियां कमलेश भारतीय आधारशिला प्रकाशन के डॉ. कमलेश बहुगुणा की सोलह कहानियों के संग्रह प्रतिबिम्ब की कहानियां स्त्री संघर्ष की इंद्रधनुषी कहानियां हैं। साहित्यकार डॉ. दिवाकर भट्ट के कथनानुसार इनमें स्त्री समाज का संघर्ष सामने रखा गया है। स्त्री समाज का केंद्र होते हुए भी अपना पूरा संसार ...

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कंचन

कंचन

रविन्द्रनाथ टैगोर मैं विदेश लौटकर छोटा नागपुर के एक चन्द्रवंशीय राजा के दरबार में नौकरी करने लगा। उन्हीं दिनों मेरी देशव्यापी कीर्ति की पटल पर अचानक एक छोटी-सी कहानी खिल उठी। उन दिनों गगन टेसू की रक्तिमाभा से विभोर था। शाल वृक्ष की टहनियों पर मंजरियां झूल रही थीं। मधुमक्खियों के ...

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सुरक्षा कवच के साथ छोटी कंपनियों में निवेश

सुरक्षा कवच के साथ छोटी कंपनियों में निवेश

आलोक पुराणिक छोटे कारोबारों में निवेश जोखिम का काम है। यह बात समझने के लिए अर्थशास्त्री होना जरूरी नहीं है। आसपास से यह बात समझी जा सकती है। गरमी में कोई ठेले वाला जूस बेचने लगता है वहीं सर्दियों में गाजर का हलुवा बनाकर बेचता है। हो सकता है कि वह ...

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चीनी सत्ता के खिलाफ बुलंद होते सुर

चीनी सत्ता के खिलाफ बुलंद होते सुर

हालांकि हांगकांग स्पेशल एडमिनिस्ट्रेटिव रीजन (एचकेएसएआर) की प्रशासनिक व्यवस्था में हाल ही में 18 जिला परिषदों की 452 सीटों का लोकतांत्रिक महत्व इस द्वीप के प्रशासनिक ढांचे में सबसे निचले पायदान पर है। इनको मिली शक्तियां भी अत्यंत सीमित हैं, फिर भी 24 नवम्बर को 452 जिला परिषदों के चुनाव ...

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पंचायत चुनावों का बदलता स्वरूप

Posted On July - 1 - 2010 Comments Off on पंचायत चुनावों का बदलता स्वरूप
नरेश कुमार ग्राम्य-समाज हरियाणा में हाल ही में  पंचायती राज संस्थाओं के पहले दौर के चुनाव संपन्न हुए हंै। इन चुनावों  में साल दर साल पैसे व शराब का बड़े पैमाने पर चलन सामने आ रहा है। पंचायत के चुनावों में मतदाताओं को अपने-अपने पक्ष में वोट कराने के लिए उम्मीदवारों ने कोई कोर- कसर नहीं छोड़ी। चुनाव जीतने के लिए  लाखों रुपये पानी की तरह बहाए। अकेले शराब पिलाने में लाखों खर्च 

पेट की खातिर!

Posted On July - 1 - 2010 Comments Off on पेट की खातिर!
शरद उपाध्याय सागर में गागर आजकल मैं बहुत परेशान हूं। क्या करूं, हाजमा ही ठीक नहीं रहता। थोड़ा सा भी ज्यादा खा लेता हूं तो पेट दुखने लग जाता है। बहुत से डाक्टरों को दिखाया पर कोई फायदा नहीं हुआ। सभी यही कहते हैं कि पेट का ध्यान रखो। घर पर बीवी से कहता हूं तो वो मुंह बनाती है। ‘ऐसे निगोड़े पेट का भी क्या फायदा, जिसमें दो रोटी भी नहीं पचती। अब लोगों को देखो, हजारों करोड़ों का घोटाला 

आपके पत्र

Posted On July - 1 - 2010 Comments Off on आपके पत्र
नोट को वोट किरणपाल, गोंदर, करनाल जिले में पंचायती चुनाव का बिगुल बज चुका है। सभी उम्मीदवार अपनी जीत निश्चित करने के लिए तमाम हथकंडे अपना रहे हैं। शराब परोसने का नियम राजनीति का प्रचलन बन चुका है। सरपंच के पद की बात तो बहुत दूर है, पंच बनने के लिए उम्मीदवार लाखों रुपए की शराब वोटरों को मुफ्त में पिला रहे हैं। कौन उम्मीदवार सच्चा और ईमानदार है, इस बात की किसी को परवाह नहीं, बस नोट दो 

भारत-कनाडा परमाणु करार

Posted On June - 30 - 2010 Comments Off on भारत-कनाडा परमाणु करार
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की टोरंटो यात्रा कई मामलों में भारत के  लिए दूरगामी महत्व की साबित हुई है। यह यात्रा मुख्यत: टोरंटो में आयोजित समूह -20 देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए थी, जिसका एजेंडा था आर्थिक संकट से उबरने के उपाय। शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री की मौजूदगी का महत्व इसी से समझा जा सकता है कि दुनिया का सबसे ताकतवर व्यक्ति माने जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा 

आत्मघाती भी हो सकता है नीतिश का कदम

Posted On June - 30 - 2010 Comments Off on आत्मघाती भी हो सकता है नीतिश का कदम
अवधेश कुमार पिछले कुछ दिनों से बिहार की राजनीति जिस प्रकार राष्ट्रीय राजनीति की सुर्खियां बन रही है वह बिल्कुल स्वाभाविक है। आखिर लंबे समय से विपक्ष एवं सत्तापक्ष दोनों रूपों में एक संगठित गठजोड़ बने रहने के बाद अचानक ऐन चुनाव से कुछ महीने पूर्व जो कुछ हुआ वह पूरे देश के लिए अप्रत्याशित था। भारत के राजनीतिक इतिहास में गठजोड़ पार्टी के एक नेता के साथ हाथ मिलाती तसवीर पर इतनी 

सुलगता कश्मीर

Posted On June - 30 - 2010 Comments Off on सुलगता कश्मीर
जम्मू-कश्मीर में सोमवार को सोपोर और बारामूला में अद्र्धसैनिक बलों की गोली से दो हिंसक प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। मंगलवार को जारी हिंसा में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए और कई स्थानों पर कफ्र्यू लगाना पड़ा है। भारत विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गत शुक्रवार सोपोर में दो लोगों की मौत के बाद हिंसा का जो सिलसिला शुरू हुआ है, वह थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य 

जीवन से कीमती नहीं इज्ज्त

Posted On June - 30 - 2010 Comments Off on जीवन से कीमती नहीं इज्ज्त
तरसेम गुजराल वंश, कुल गोत्र, समाज में अपने बुलंद रुतवे के नाम पर था फिर धर्म के जुनून के वश बेटी या बेटे को यह इजाजत नहीं मिलती कि वे जहां उन्हें ठीक लगता है, दिल मिल रहा है, प्रेम के ज•बात किसी भी तूफान का सामना करने को तैयार हैं, वहीं शादी कर लें। बात केवल इजाजत देने तक सीमित नहीं रही। घृणा का जहर इस तरह दिमाग में चढ़ा रहता है कि बेटी और उसके प्रेमी (या पुत्र और उसकी प्रेमिका) की दुर्दांत 

रोटी का सवाल!

Posted On June - 30 - 2010 Comments Off on रोटी का सवाल!
सागर में गागर अतुल कनक सरकार ने रसोई गैस के दाम बढ़ाये तो लोगों ने हो-हल्ला मचाना शुरू कर दिया। सरकार को आम जनता से यह उम्मीद नहीं थी कि वे विरोधियों के बहकावे में इस तरह से आ जायेगी। सरकार चाहती है कि दुनियाभर में हमारा सम्मान बढ़े और लोग हैं कि महंगाई जैसी फालतू चीजों का रोना लेकर बैठे हैं। सरकार राष्ट्रमण्डल खेलों जैसे तमाशों का आयोजन करे या जनता की सुख-सुविधा का ध्यान रखने के 

आपके पत्र

Posted On June - 30 - 2010 Comments Off on आपके पत्र
सेवानिवृत्ति 65 साल गलत राजवंती खत्री, दिल्ली अभी पिछले दिनों राज्यों के शिक्षा मंत्रियों ने अपने सम्मेलन में सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने पर केंद्र का ठीक विरोध किया है क्योंकि इससे बेरोजगार युवक-युवतियों का रोजगार समाप्त होता है जोकि उनके  साथ घोर अन्याय और जुल्म है। साथ ही यह बुजुर्गों के लिए गलत भी है। 17 से 30 फीसदी पद शिक्षकों के खाली पड़े हैं। इस पर राज्यों ने  

अंतहीन सिलसिला

Posted On June - 29 - 2010 Comments Off on अंतहीन सिलसिला
मान की खातिर हत्याओं और समाज के तालिबानी फरमान से डरकर खुद ही अपना जीवन समाप्त करने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। अब एक  प्रेमी जोड़े के शव रेलवे ट्रैक पर पड़े मिले हैं । लगभग दस दिनों से फरार साथ जीने के सपने देखने वाले इस जोड़े ने घरवालों और पुलिस से डरकर साथ-साथ मौत को गले लगा लिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा थाना क्षेत्र के देहरा गांव निवासी दीपक 

मिसाल बनी साइना

Posted On June - 29 - 2010 Comments Off on मिसाल बनी साइना
बैडमिंटन से खेल में वर्चस्व रखने वाले चीन-जापान के खिलाडिय़ों को धूल चटाकर इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरिज का खिताब जीतने वाली साइना पर हर भारतीय गर्व कर सकता है। यह जीत इस मायने में और महत्वपूर्ण है कि साइना ने इससे पूर्व सिंगापुर ओपन और इंडियन ओपन ग्रांपी ट्राफी जीती है। हरियाणा की बेटी आज सारे देश की आंखों का तारा बन गयी है। साइना की ये उपलब्धियां कई मायनों में ऐतिहासिक हैं, क्योंकि अब 

तमिल नरसंहार की खुलेेगी परत-दर-परत

Posted On June - 29 - 2010 Comments Off on तमिल नरसंहार की खुलेेगी परत-दर-परत
विष्णुगुप्त चिंतन श्रीलंका सरकार की बौैैखलाहट समझी जा सकती है। तमिल नरसंहार की परत-ïदर-परत कहानी बाहर आने के डर से श्रीलंका सरकार सकते में है । श्रीलंका के राष्ट्रपति महेन्दा राजपक्षे ने संयुक्त राष्ट्र संघ को कोसने की कोई सीमा नहीं छोड़ी  है। ऐसे देखा जाये तो महेन्दा राजपक्षे के सामने संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मुन की आलोचना करने के अलावा और चारा भी तो नहीं 

मानवीय चेहरे वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियां

Posted On June - 29 - 2010 Comments Off on मानवीय चेहरे वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियां
डा. भरत झुनझुनवाला भारतीय बाजार नब्बे के दशक में देश में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के प्रवेश के विरोध में जबरदस्त आन्दोलन चला था। स्वदेशी जागरण मंच, किसान संगठन और वामपंथी पार्टियों ने अलग-अलग तरह से इनका विरोध किया था। भय था कि विदेशी कम्पनियां आधुनिक आटोमेटिक मशीनों से माल का उत्पादन करेंगी और घरेलू उद्योगों को चौपट कर देंगी। इस विरोध के कारण बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का प्रवेश 

चूना लगाने वाले!

Posted On June - 29 - 2010 Comments Off on चूना लगाने वाले!
अशोक खन्ना सागर में गागर पिछले हफ्ते मेरे मोबाइल पर एक सुथरा मैसेज आया। मैसेज का मजबून था – आप उन सात भाग्यशालियों में से एक हैं जिन्हें हमने सात विभिन्न देशों के मोबाइल यूजर मेें से चुना है। हमारी कंपनी/एक नामी गिरामी कोला कंपनी / ने फीफा वल्र्ड कप फुटबाल के प्रचार हेतु आपको चार लाख पचास हजार ब्रिटिश पाउंंड का पुरस्कार देने का निर्णय लिया है। आपको बहुत-बहुत मुबारकें! मैसेज 

आपके पत्र

Posted On June - 29 - 2010 Comments Off on आपके पत्र
निरंकुश होती महंगाई राम सहाय जोशी, अंबाला छावनी विकास दर की आंकड़ेबाजी, निफ्टी अथवा सेंसेक्स में जो चाहे उतार-चढ़ाव होता रहे। इससे महंगाई से त्रस्त सामान्य जन की उदरपूर्ति तो कदापि संभव नहीं है। जिसकी  सतत वृद्धि ने तो निर्धनता का कचूमर निकाल कर रख दिया है। फिर भी सत्ताधारी नेता सुख-चैन की मुरली बजाने में ही मस्त-व्यस्त हैं। इस पर आए नये बजट ने और बोझ पर बोझ डाल, आग में घी का काम 

पटरी पर आ सकती है रिश्तों की गाड़ी

Posted On June - 28 - 2010 Comments Off on पटरी पर आ सकती है रिश्तों की गाड़ी
पाकिस्तान में संपन्न सार्क देशों के गृहमंत्रियों की बैठक में भाग लेने गये भारतीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम और पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक के बीच हुई बातचीत से कई सकारात्मक तथ्य उभरकर आये हैं। आशा की जानी चाहिये कि मुंबई हमलों के बाद रिश्तों पर जमी बर्फ अब धीरे-धीरे पिघल सकती है। हालांकि, अतीत की कारगुजारियों को देखते हुए पाक किसी विश्वसनीय पड़ोसी की भूमिका में नज र 
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