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खास खबर
संकल्प से सफलता की मिसाल सानिया

संकल्प से सफलता की मिसाल सानिया

चर्चित चेहरा रोहित अवस्थी खेल की दुनिया में महिला खिलाड़ी का नाम कमाना और फिर कॅरिअर की ऊंचाइयों पर होते हुए विवाह के बाद गुमनामी के अंधेरों में खो जाना, ऐसे किस्से अक्सर सुनने को मिल जाते हैं। कुछ ने वापसी की कोशिश भी की पर वह सुखद नहीं रही। मगर उन ...

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सुलेमानी की हत्या के बाद हालात गंभीर

सुलेमानी की हत्या के बाद हालात गंभीर

ईरान-अमेरिका के बीच चल रहा मौजूदा तनाव हिंद महासागर के पश्चिमी छोर वाले हमारे पड़ोसी देशों से रिश्तों को असंतुलित करने में सबसे बड़ा कारण बन सकता है। हालांकि ऐसा वक्फा भी था कि ईरान-अमेरिका के संबंध कुछ सुधरे थे, जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वैश्विक सहमति में ...

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ताकि बची रहे लोकतंत्र की गरिमा

ताकि बची रहे लोकतंत्र की गरिमा

दलबदल पर तय सीमा में निष्पक्ष निर्णय जरूरी देश की सर्वोच्च अदालत ने संसद का ध्यान अत्यंत आवश्यक एवं गंभीर विषय की ओर आकर्षित किया है। मणिपुर में दलबदल संबंधी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रोहिंग्टन एफ नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने संसद से कहा है कि वह ...

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नेताजी के सपनों को साकार करने का समय

नेताजी के सपनों को साकार करने का समय

जयंती विशेष लक्ष्मीकांता चावला युगों-युगों से हमारी चली आ रही परिपाटी है—खून दिया है मगर नहीं दी कभी देश की माटी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए 23 जनवरी 1897 को भारत में एक विलक्षण बालक ने जन्म लिया और उसे नाम मिला सुभाष। इस भारत रत्न की जननी थी प्रभावती ...

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उन चुनावी वायदों का क्या हुआ?

उन चुनावी वायदों का क्या हुआ?

वर्ष 2014 में देश के राजनीतिक परिदृश्य में नाटकीय परिवर्तन हुआ था जब ‘दिग्विजय’ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने केंद्र में भारी बहुमत से सरकार बनाई थी। इससे पहले देशभर में किए अपने तूफानी दौरों में मोदी ने सम्मोहक भाषणों की झड़ी लगा दी थी। जैसी कि उम्मीद ...

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राजग में असंतोष

राजग में असंतोष

भाजपा से मित्रों की बढ़ती नाराजगी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन (राजग) से जुड़े दलों में एक के बाद एक असंतोष स्पष्ट उभरकर सामने आ रहा है। राजग मोर्चे से जुड़े दल किसी न किसी मुद्दे पर छिटकते से नजर आ रहे हैं। क्या भाजपा नीत राजग सरकार के ...

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कुप्रबंधन की भेंट चढ़ती भूजल योजनाएं

कुप्रबंधन की भेंट चढ़ती भूजल योजनाएं

पंकज चतुर्वेदी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर शुरू ‘अटल भूजल योजना’ में छह हजार करोड़ से छह राज्यों के हर गांव-घर तक पानी पहुंचाने की चुनौती बेहद जटिल है। यह समझना होगा कि भूजल प्यास बुझाने का जरिया नहीं हो सकता। आज 16 करोड़ से अधिक भारतीयों के ...

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  • सुलेमानी की हत्या के बाद हालात गंभीर
     Posted On January - 24 - 2020
    ईरान-अमेरिका के बीच चल रहा मौजूदा तनाव हिंद महासागर के पश्चिमी छोर वाले हमारे पड़ोसी देशों से रिश्तों को असंतुलित....
  • संकल्प से सफलता की मिसाल सानिया
     Posted On January - 24 - 2020
    खेल की दुनिया में महिला खिलाड़ी का नाम कमाना और फिर कॅरिअर की ऊंचाइयों पर होते हुए विवाह के बाद....
  •  Posted On January - 24 - 2020
    देश की राजधानी में आजकल सरकार की स्वादिष्ट एवं उपजाऊ फसल रोपने का मौसम चल रहा है, तभी तो नकली....
  •  Posted On January - 24 - 2020
    22 जनवरी के दैनिक ट्रिब्यून में राजकुमार सिंह का ‘चुनौतियों के बीच नड्डा की ताजपोशी’ लेख जेपी नड्डा को भाजपा....

विसंगतियों पर कटाक्ष

Posted On December - 22 - 2019 Comments Off on विसंगतियों पर कटाक्ष
युवा लेखक विजय विभोर पहले कहानी संग्रह ‘अहंकार के अंकुर’ से उत्साहित होकर अब दूसरा संग्रह ‘देख कबीरा हंसा’ लेकर आए हैं। कहानी संग्रह में कुल 31 कहानियां पाठकों को बांधती हैं। विजय समाज में व्याप्त विसंगतियों, विडंबनाओं तथा विद्रूपताओं को महसूस करते हैं। ....

ज़िंदगी के अनुभवों की पाठशाला से उपजा सृजन

Posted On December - 22 - 2019 Comments Off on ज़िंदगी के अनुभवों की पाठशाला से उपजा सृजन
अखिल भारतीय साहित्य अकादमी के 2019 के पुरस्कारों की सूची में शुमार पंजाबी कहानीकार किरपाल कजाक खुद में एक अनूठी कहानी हैं। उन्हें उनके कहानी संग्रह ‘अंतहीन’ के लिए अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। ....

आखिरी इच्छा

Posted On December - 22 - 2019 Comments Off on आखिरी इच्छा
सत्तर की आयु पार करते ही कांताप्रसाद के शरीर ने साथ देना छोड़ दिया। दमे की शिकायत तो उन्हें काफी समय पहले से थी। सर्दी के दिनों में जब उनकी सांस उखड़ जाती तो खांसते-खांसते वे बेदम हो जाते। कई-कई रातें उनकी खांसी की भेंट चढ़ जातीं, मगर दमे से उन्होंने कभी हार नहीं मानी, न कभी अपनी इस बीमारी से टूटे। ....

एकदा

Posted On December - 21 - 2019 Comments Off on एकदा
दान का मर्म संत कबीर के पड़ोस में एक बुढ़िया रहती थी जो चल फिर नहीं सकती थी, मगर अक्सर भजन गुनगुनाती रहती थी। एक बार एक अमीर अपने दान-पुण्य की तारीफ सुनने संत कबीर के पास आ पहुंचा। मगर कबीर ने उस बुढ़िया को अमीर से भी बड़ा दानी और प्रतापी कह दिया। यह सुनकर अमीर तिलमिला गया और वह बुढ़िया को छिपकर जासूसी करने लगा। बुढ़िया की झोपड़ी के सामने पोखर में कुछ मछलियां थीं जो दोपहर की गर्मी 

आपकी राय

Posted On December - 21 - 2019 Comments Off on आपकी राय
देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने एक कार्यक्रम के दौरान महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया। उनका मानना है कि आजादी के बाद देश के लिए कार्यपालिका की व्यवस्था की गई थी, जिसके लिए संसद में सीट का निर्धारण किया गया। ....

वोट सेंकने वाली आग

Posted On December - 21 - 2019 Comments Off on वोट सेंकने वाली आग
तिरछी नज़र सहीराम अभी जो देश में आग लगी है, यह वो आग नहीं है, जिससे जहरीला धुआं निकलता है। वो आग तो पराली की आग होती है, जिसे किसान जलाते हैं और वो आग तो कूड़े में लगती है, जिसे कोई गरीब मजदूर, रिक्शावाला, कोई फुटपाथिया या भिखमंगा लगा देता है और जिससे जहरीला धुआं निकलता है। ऐसे धुएं से प्रदूषण फैलता है, लोगों की सांस घुटने लगती है, हल्ला मच जाता है और स्वच्छ हवा के लिए मास्क और एयरप्योरीफायर 

पस्त आर्थिकी में शेयरों में उछाल का सच

Posted On December - 21 - 2019 Comments Off on पस्त आर्थिकी में शेयरों में उछाल का सच
वर्ष 2019 का साल विशेष रहा। विशेष साल इसीलिए कि एक तरफ तो अर्थव्यवस्था पर चिंतित करने वाली खबरें आती रहीं, दूसरी तरफ शेयर बाजार नयी-नयी ऊंचाइयां छूता रहा। मुम्बई शेयर बाजार का सूचकांक सेंसेक्स रिकॉर्ड स्तर को छू चुका है और 42000 बिंदु के आसपास टहल रहा है। सेंसेक्स की ऊंचाई का यह ऐतिहासिक स्तर है। ....

जलवायु परिवर्तन के भयावह संकटों की अनदेखी

Posted On December - 21 - 2019 Comments Off on जलवायु परिवर्तन के भयावह संकटों की अनदेखी
किसी भी अवसर की सिल्वर जुबली होना एक मील का पत्थर होता है और खासकर जब आयोजन साल-दर-साल होता रहे। लेकिन पिछले सप्ताह मैड्रिड में जलवायु बदलावों को लेकर संपन्न हुई 25वीं वार्षिक वार्ता के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता। ....

महाभियोग का शिकंजा

Posted On December - 21 - 2019 Comments Off on महाभियोग का शिकंजा
अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बावजूद कहना मुश्किल होगा कि उच्च सदन सीनेट में यह प्रस्ताव पारित हो पायेगा। दरअसल, सीनेट में महाभियोग को पारित करने लायक बहुमत डेमोक्रेट पार्टी के पास नहीं है। ऐसे में इसे भारतीय राजनीति के उस उपक्रम का विस्तार कहा जा सकता है, जिसमें संसद ....

आपकी राय

Posted On December - 20 - 2019 Comments Off on आपकी राय
आजकल नागरिकता संशोधन बिल पर राजनीति हो रही है। विरोधी दलों की तो आदत बन चुकी है सरकार के हर निर्णय की आलोचना करना। विचार करें तो देश के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का ऐसे राजनीतिक विषयों व घटनाओं में संलिप्त होने का कोई औचित्य नहीं बनता। ....

एकदा

Posted On December - 20 - 2019 Comments Off on एकदा
काशी के संत सोमेश्वर नाथ अपना आश्रम बनाने के लिए धन एकत्र करने हेतु निकले हुए थे। एक बार वह सूफी संत राबिया की कुटिया तक जा पहुंचे। राबिया ने उनका स्वागत किया और भोजन कराया। रात को सोने के लिए तख्त पर एक मोटी दरी बिछा दी और स्वयं फर्श पर एक पतला टाट बिछा कर सो गई। आश्रम में मोटे गद्दों पर सोने ....

किल्लत के दौर में उपहार की फुहार

Posted On December - 20 - 2019 Comments Off on किल्लत के दौर में उपहार की फुहार
कल जब बाजार में प्याज के बदले एक-दूसरे को घूरते दोस्तों के बीच बच्चों के लिए क्रिसमस गिफ्ट खरीदने आए सांता क्लॉज मिले तो उन्होंने मेरे मुर्झाये झोला लटके कंधे पर हाथ धरते हंसते पूछा, ‘और दोस्त! क्या हाल है? सब खैरियत तो है न?’ तो मैंने उनके आगे हाथ जोड़ते कहा, ‘हे सांता क्लॉज! हंस लो आप भी हमारे हाल पर! मत पूछो प्याज ....

भारत हितैषी जॉनसन की ताजपोशी

Posted On December - 20 - 2019 Comments Off on भारत हितैषी जॉनसन की ताजपोशी
भले ही ब्रिटेन का परंपरागत मीडिया बोरिस जॉनसन को एक परिपक्व राजनेता के रूप में न देखता हो, लेकिन इस देश के सबसे बड़े दुविधा काल में उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है। हाल ही में कंजर्वेटिव पार्टी ने उनके नेतृत्व में पिछले चार दशक की सबसे बड़ी जीत हासिल कर बता दिया है कि उनमें ब्रिटिश जनमानस को पढ़ने की कूवत है। वहीं विपक्ष ....

राजनीतिक फंडिंग में कालेधन से बढ़ता भ्रष्टाचार

Posted On December - 20 - 2019 Comments Off on राजनीतिक फंडिंग में कालेधन से बढ़ता भ्रष्टाचार
इन दिनों दुनिया के ख्यातिप्राप्त आर्थिक-सामाजिक संगठनों द्वारा प्रस्तुत की जा रही भ्रष्टाचार से संबंधित वैश्विक रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि भ्रष्टाचार भारत की सबसे बड़ी आर्थिक-सामाजिक बुराई बना हुआ है। देश के करोड़ों लोगों की खुशहाली, अर्थव्यवस्था को गतिशील करने तथा विकास के ऊंचे सपने को साकार करने की डगर पर भ्रष्टाचार सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। स्थिति यह है कि ....

खाना और सेहत

Posted On December - 20 - 2019 Comments Off on खाना और सेहत
सुधरते जीवन स्तर का सबसे घातक पहलू यह है कि हम तुरत-फुरत उपलब्ध होने वाले खाने पर निर्भर होते चले गये। उसमें गुणवत्ता के बजाय स्वाद हमारी प्राथमिकता बनता चला गया। मगर यह नहीं सोचा गया कि बाजार द्वारा पेश किए जाने वाला भोजन बाजार के मुनाफे की जरूरतों के मुताबिक है, हमारी सेहत के अनुरूप नहीं। नि:संदेह गुणवत्ता का भोजन किसी समाज की सेहत ....

एकदा

Posted On December - 19 - 2019 Comments Off on एकदा
पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक बार कार्यकर्ताओं को बता रहे थे—‘जब मैं दिल्ली में रहता हूं तो अजमेरी गेट से झंडेवाला जाने के लिए पहाड़गंज तांगे से जाता हूं। पहाड़गंज में एक मोची बैठता है जो जब भी मुझे देखता है चप्पलें पॉलिश कराने को कहता है। मैं हर बार उसे मना कर देता हूं। यह क्रम वर्षों से चल रहा है और वह मोची अच्छी ....
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